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Shravasti News: दीपों की रोशनी से जगमगाया जेतवन परिसर
Sat, 06 May 2023 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 06 May 2023 11:38 PM IST
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कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध पूर्णिमा पर बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बौद्ध अनुयायियों व उपासकों से गुलजार रही। प्रदेश के विभिन्न जिलों व प्रांतों से आए अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवेंद्र के नेतृत्व में जेतवन परिसर में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान बौद्ध भिक्षु देवेंद्र ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आज के ही दिन तथागत भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। आज ही उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई। और आज ही के दिन उनका महापरिनिर्वाण हुआ। बुद्ध के जीवन की तीन घटनाएं या कहें कि आत्मा के परमात्मा होने की त्रिवेणी का दिवस है। भारत की अति प्राचीन ज्ञान परंपरा में जन्म और मृत्यु पर पहले से ही अथाह चिंतन होता चला आ रहा था। लेकिन भगवान गौतम बुद्ध ने उस चिंतन को अपनी आत्म साधना व आत्मानुभूति की कसौटी पर कसने की कोशिश की।
उन्होंने किसी भी विचार को सत्य मानने से पहले उसे कसौटी पर कसने की हमारी पुरातन परंपरा को मजबूत किया। बुद्ध ने कहा था मेरी रोशनी मेरे साथ होगी, तुम्हारा अंधेरा तुम्हारे साथ होगा। अपनी रोशनी पैदा करो। अप्प दीपो भव!। महाबोधि सोसायटी के इंचार्ज राहुल भंते ने कहा कि बुद्ध के कहने का मतलब था कि किसी दूसरे से उम्मीद लगाने की बजाय अपना प्रकाश (प्रेरणा) खुद बनो। खुद तो प्रकाशित हों ही, लेकिन दूसरों के लिए भी एक प्रकाश स्तंभ की तरह जगमगाते रहो। इस मौके पर मौजूद लोगों ने हजारों दीप प्रज्वलित किया। इस दौरान भंते अशोक बौद्ध, माता विद्यावती, मेघा थेरो, विजय बौद्ध, पवन कुमार सिंह बौद्ध, नीलू बौद्ध, संघमित्रा बौद्ध, दुष्यंत कुमार, रजनीकांत शुक्ला, डाॅ. अरविंद कुमार सहित काफी संख्या में उपासक मौजूद रहे।
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उन्होंने किसी भी विचार को सत्य मानने से पहले उसे कसौटी पर कसने की हमारी पुरातन परंपरा को मजबूत किया। बुद्ध ने कहा था मेरी रोशनी मेरे साथ होगी, तुम्हारा अंधेरा तुम्हारे साथ होगा। अपनी रोशनी पैदा करो। अप्प दीपो भव!। महाबोधि सोसायटी के इंचार्ज राहुल भंते ने कहा कि बुद्ध के कहने का मतलब था कि किसी दूसरे से उम्मीद लगाने की बजाय अपना प्रकाश (प्रेरणा) खुद बनो। खुद तो प्रकाशित हों ही, लेकिन दूसरों के लिए भी एक प्रकाश स्तंभ की तरह जगमगाते रहो। इस मौके पर मौजूद लोगों ने हजारों दीप प्रज्वलित किया। इस दौरान भंते अशोक बौद्ध, माता विद्यावती, मेघा थेरो, विजय बौद्ध, पवन कुमार सिंह बौद्ध, नीलू बौद्ध, संघमित्रा बौद्ध, दुष्यंत कुमार, रजनीकांत शुक्ला, डाॅ. अरविंद कुमार सहित काफी संख्या में उपासक मौजूद रहे।
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