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घोषणा पत्र के अभाव में 13,400 किसानों की लटकी सम्मान निधि
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श्रावस्ती। प्रधानमंत्री ने सोमवार को किसान सम्मान निधि की बारहवीं किश्त की राशि जारी की। लेकिन जिले के 13,400 किसान इसका लाभ पाने से वंचित रह गए। इसका कारण उनके अभिलेखों का सत्यापन न हो पाना व संबंधित किसानों की ओर से विभाग को घोषणा पत्र न दिया जाना है। किसान घोषणा पत्र देने के बाद अगली किश्त का लाभ पा सकेंगे।
जिले में करीब एक लाख 85 हजार किसान राजस्व अभिलेखों में पंजीकृत हैं। इनमें से सोमवार को नई दिल्ली के पूसारोड स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान के सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंप्यूटर का बटन दबाकर पीएम सम्मान निधि की बारहवीं किश्त जारी की। इसके बाद जिले के एक लाख 30 हजार किसानों के खाते में पीएम सम्मान निधि का पैसा हस्तानांतरित हो गया। जबकि जिले के 13,400 किसान सम्मान निधि का पैसा पाने से वंचित रह गए। यह ऐसे किसान हैं जिन्होंने जनसुविधा केंद्र सहित निजी माध्यमों से पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन किया था। जिनका सत्यापन तहसीलों के माध्यम से कराया गया था।
इसी बीच पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट बंद हो जाने के कारण कृषि विभाग की ओर से न तो इनका सत्यापन कराया जा सका। और न ही विभाग इन किसानों का घोषणा पत्र ही ले सका। उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बताया कि किसान परेशान न हों। वह तत्काल आकर उप निदेशक कृषि कार्यालय में अपना घोषणा पत्र दे दें। जिससे उन्हें किसान सम्मान निधि की अगली किश्त प्राप्त हो सके। (संवाद)
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जिले में करीब एक लाख 85 हजार किसान राजस्व अभिलेखों में पंजीकृत हैं। इनमें से सोमवार को नई दिल्ली के पूसारोड स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान के सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंप्यूटर का बटन दबाकर पीएम सम्मान निधि की बारहवीं किश्त जारी की। इसके बाद जिले के एक लाख 30 हजार किसानों के खाते में पीएम सम्मान निधि का पैसा हस्तानांतरित हो गया। जबकि जिले के 13,400 किसान सम्मान निधि का पैसा पाने से वंचित रह गए। यह ऐसे किसान हैं जिन्होंने जनसुविधा केंद्र सहित निजी माध्यमों से पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन किया था। जिनका सत्यापन तहसीलों के माध्यम से कराया गया था।
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इसी बीच पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट बंद हो जाने के कारण कृषि विभाग की ओर से न तो इनका सत्यापन कराया जा सका। और न ही विभाग इन किसानों का घोषणा पत्र ही ले सका। उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बताया कि किसान परेशान न हों। वह तत्काल आकर उप निदेशक कृषि कार्यालय में अपना घोषणा पत्र दे दें। जिससे उन्हें किसान सम्मान निधि की अगली किश्त प्राप्त हो सके। (संवाद)
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