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Shravasti News: पतले कंबल से कैसे कटेंगी सर्द रातें
Tue, 23 Dec 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 23 Dec 2025 12:52 AM IST
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जिला अस्पताल में बने रैन बसेरे में बेड पर रखे कंबल। - संवाद
श्रावस्ती/इकौना। लोगों को ठंड से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भिनगा व इकौना में रैन बसेरा बनवाए गए हैं। इनमें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी के लिए पड़ताल कराई गई। रैन बसेरे में बिस्तर तो हैं, लेकिन ओढ़ने के लिए महज एक-एक पतला कंबल ही मुहैया कराया गया है। उनमें से कुछ फटे भी हैं।
पूस की सर्दी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। न तो पूरे दिन धूप निकलती है और न ही गलन कम होने का नाम ले रही है। ऐसे में नगर क्षेत्र में आने वाले प्रवासियों व बेसहारा मुसाफिरों को रात गुजारने के लिए भिनगा में संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में स्थायी रैन बसेरे का निर्माण कराया गया है। यहां एक सीसीटीवी कैमरा लगाकर परिसर की निगरानी की जा रही है।
50 बेड के इस आश्रय गृह में एक कमरे में महिलाओं के लिए 14 व दूसरे कमरे में पुरुषों के लिए 36 बेड आरक्षित किए गए हैं। परिवार सहित आने वाले आगंतुकों के लिए तीन फैमिली रूम की भी व्यवस्था है। ऐसे में यहां रुकने वालों के लिए बिस्तर तो बेहतर है, पर ओढ़ने के लिए मात्र पतले कंबल ही उपलब्ध हैं।
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कुछ कंबल तो फट चुके हैं। ऐसे में इन कंबलों के सहारे पूस की रात गुजारना कठिन हैं। केयर टेकर मथुरा प्रसाद ने बताया कि अग्निशमन यंत्रों के नवीनीकरण के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में यदि आग लग जाए, तो ये अग्निशमन यंत्र काम नहीं आएंगे।
इसी क्रम में इकौना के मोहल्ला गौतम नगर में उपाध्याय तालाब के निकट बनाए गए 50 बेड के अस्थायी रैन बसेरे में ओढ़ने के लिए रजाई की व्यवस्था की गई है। किंतु सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी नहीं दिखा।
अग्निशमन यंत्रों की कराई जाएगी जांच
अग्निशमन यंत्रों पर यदि तिथि अंकित नहीं है, तो वे पुराने हैं। अभियान चलाकर अग्निशमन यंत्रों की जांच की जाएगी। यदि वे नवीनीकरण के योग्य होंगे, तो संबंधित को इसकी जानकारी दी जाएगी।
-संजय, अग्निशमन अधिकारी, श्रावस्ती
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पूस की सर्दी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। न तो पूरे दिन धूप निकलती है और न ही गलन कम होने का नाम ले रही है। ऐसे में नगर क्षेत्र में आने वाले प्रवासियों व बेसहारा मुसाफिरों को रात गुजारने के लिए भिनगा में संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में स्थायी रैन बसेरे का निर्माण कराया गया है। यहां एक सीसीटीवी कैमरा लगाकर परिसर की निगरानी की जा रही है।
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50 बेड के इस आश्रय गृह में एक कमरे में महिलाओं के लिए 14 व दूसरे कमरे में पुरुषों के लिए 36 बेड आरक्षित किए गए हैं। परिवार सहित आने वाले आगंतुकों के लिए तीन फैमिली रूम की भी व्यवस्था है। ऐसे में यहां रुकने वालों के लिए बिस्तर तो बेहतर है, पर ओढ़ने के लिए मात्र पतले कंबल ही उपलब्ध हैं।
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कुछ कंबल तो फट चुके हैं। ऐसे में इन कंबलों के सहारे पूस की रात गुजारना कठिन हैं। केयर टेकर मथुरा प्रसाद ने बताया कि अग्निशमन यंत्रों के नवीनीकरण के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में यदि आग लग जाए, तो ये अग्निशमन यंत्र काम नहीं आएंगे।
इसी क्रम में इकौना के मोहल्ला गौतम नगर में उपाध्याय तालाब के निकट बनाए गए 50 बेड के अस्थायी रैन बसेरे में ओढ़ने के लिए रजाई की व्यवस्था की गई है। किंतु सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी नहीं दिखा।
अग्निशमन यंत्रों की कराई जाएगी जांच
अग्निशमन यंत्रों पर यदि तिथि अंकित नहीं है, तो वे पुराने हैं। अभियान चलाकर अग्निशमन यंत्रों की जांच की जाएगी। यदि वे नवीनीकरण के योग्य होंगे, तो संबंधित को इसकी जानकारी दी जाएगी।
-संजय, अग्निशमन अधिकारी, श्रावस्ती