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धूमधाम से मना गोविन्द बल्लभ पंत का जन्म दिवस
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कलेक्ट्रेट सभागार में पंडित बल्लभ पंत के चित्र पर पुष्प अर्पित करते डीएम।
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। आजादी के अमृत महोत्सव एवं चौरीचौरा शताब्दी समारोह के अवसर पर शुक्रवार जिले में गोविंद बल्लभ पंत की जयंती धूमधाम से मनायी गई। इसके लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी ने गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
इस मौके पर गोविंद बल्लभ पंत के सत्कृत्यों को स्मरण करते हुए डीएम टीके शिबु ने कहा कि स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने जमींदारी विनाश अधिनियम 1951 लागू किया। इस एतिहासिक कार्य ने देश को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। पंत जी का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन के बहिष्कार एवं नमक सत्याग्रह में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। वह महान देशभक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता तथा लेखनी से सशक्त थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बाद उन्होंने देश के गृहमंत्री के पद का भी निर्वहन किया। उनकी महान देशभक्ति तथा कुशल सेवा के कारण 1957 में भारत सरकार ने सर्वोच्च उपाधि भारत रत्न से विभूषित किया।
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इस अवसर पर सभागार में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उपजिलाधिकारी (प्रशिक्षु) मोहित यादव, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी शिवध्यान पांडेय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी छोटेलाल, जिला सूचना अधिकारी शिवनाथ, प्रशासनिक अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अनूप तिवारी, सुनील श्रीवास्तव, तुलसी रमन श्रीवास्तव, शरद श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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इस मौके पर गोविंद बल्लभ पंत के सत्कृत्यों को स्मरण करते हुए डीएम टीके शिबु ने कहा कि स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने जमींदारी विनाश अधिनियम 1951 लागू किया। इस एतिहासिक कार्य ने देश को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। पंत जी का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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उन्होंने असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन के बहिष्कार एवं नमक सत्याग्रह में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। वह महान देशभक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता तथा लेखनी से सशक्त थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बाद उन्होंने देश के गृहमंत्री के पद का भी निर्वहन किया। उनकी महान देशभक्ति तथा कुशल सेवा के कारण 1957 में भारत सरकार ने सर्वोच्च उपाधि भारत रत्न से विभूषित किया।
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इस अवसर पर सभागार में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उपजिलाधिकारी (प्रशिक्षु) मोहित यादव, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी शिवध्यान पांडेय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी छोटेलाल, जिला सूचना अधिकारी शिवनाथ, प्रशासनिक अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अनूप तिवारी, सुनील श्रीवास्तव, तुलसी रमन श्रीवास्तव, शरद श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।