{"_id":"618c0d9c42afb85cd638249d","slug":"fifteen-students-of-the-district-will-participate-in-the-divyang-olympics-srawasti-news-lko603850924","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग ओलंपिक में जिले के पंद्रह छात्र करेंगे शिरकत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांग ओलंपिक में जिले के पंद्रह छात्र करेंगे शिरकत
विज्ञापन
मेरठ में आयोजित दिव्यांग ओलंपिक में प्रतिभाग करने के लिए रवाना होते दिव्यागं बच्चे व साथ में अन्?
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। दिव्यांग बच्चे जिले का नाम रोशन करने व नया इतिहास रचने की उम्मीद मन में संजोए बुधवार सुबह मेरठ के लिए रवाना हुए। गुरुवार से मेरठ में विशेष श्रेणी ओलंपिक खेल का आयोजन हो रहा है। इसमें जिले के पंद्रह नि:शक्त दिव्यांग बच्चे भी शामिल होंगे। शामिल होने वालों में एक बच्चा शत प्रतिशत नि:शक्त की श्रेणी में भी है।
शरीर की निशक्तता हौसलों की उड़ान नहीं रोक नहीं सकती। इसी कहावत को हकीकत में बदलने के लिए पंद्रह निशक्त बच्चे सामने आए हैं। इसमें से तो एक शत प्रतिशत नि:शक्त है। जिसे अपना दैनिक काम करने के लिए किसी के सहयोग की जरूरत पड़ती है। लेकिन जिले का नाम रोशन करने व कुछ कर गुजरने की उम्मीद इन बच्चों को मेरठ की ओर खींच ले गई है। मेरठ में गुरुवार से विशेष श्रेणी के ओलंपिक का आयोजन हो रहा है। इसमें जिले से सौलह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की श्रेणी में दामूपुरवा के विकास कुमार क्रिकेट, संजय कुमार जूडो, युवराज चौहान, संदीप, वीरसेन, पेशकार, चंदन, शिवकुमार पटवा व नासिर रजा एथलेटिक्स, मोहित, किरन, रिहाना बानो, रूबीना बानो व सोनी खोखो, जमुनहा मिश्रपुरवा निवासी ऊषा कुश्ती के लिए गई हैं।
सभी प्रतिभागी जिला खेल अधिकारी शिव कुमार यादव व जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी चमन सिंह की देखरेख में रवाना हुए हैं। अधिकांश प्रतिभागी 70 से 85 फीसदी श्रेणी के नि:शक्त है। मोहम्मदपुर राजा निवासिनी किरन खो खो खेलने गई हैं, वे शत प्रतिशत नि:शक्त है। इन बच्चों को बुधवार को जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने स्पोर्ट्स स्टेडियम भिनगा से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। मौके पर सर्व शिक्षा अभियान के जिला संयोजक अजीत कुमार उपाध्याय, जिला क्रीड़ाधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
इशारों में होगा खेल
विशेष श्रेणी के ओलंपिक में जाने वाले बच्चों में अधिकांश बच्चे मूक बधिर श्रेणी के हैं। यह इशारों में विभिन्न खेल खेलते हैं। ओलंपिक में जाने के लिए वह कई महीनों से कड़ी मेहनत कर रहे थे। इन बच्चों में संकेत समझने की क्षमता इतनी अधिक है कि बिना कुछ बोले केवल उंगली के इशारे से वह अपने विरोधियों को हरा देते हैं। इसमें एक लड़का चलन श्रेणी का नि:शक्त है। वह एथलेटिक्स में प्रतिभागियों को टक्कर देगा।
विज्ञापन
शरीर की निशक्तता हौसलों की उड़ान नहीं रोक नहीं सकती। इसी कहावत को हकीकत में बदलने के लिए पंद्रह निशक्त बच्चे सामने आए हैं। इसमें से तो एक शत प्रतिशत नि:शक्त है। जिसे अपना दैनिक काम करने के लिए किसी के सहयोग की जरूरत पड़ती है। लेकिन जिले का नाम रोशन करने व कुछ कर गुजरने की उम्मीद इन बच्चों को मेरठ की ओर खींच ले गई है। मेरठ में गुरुवार से विशेष श्रेणी के ओलंपिक का आयोजन हो रहा है। इसमें जिले से सौलह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की श्रेणी में दामूपुरवा के विकास कुमार क्रिकेट, संजय कुमार जूडो, युवराज चौहान, संदीप, वीरसेन, पेशकार, चंदन, शिवकुमार पटवा व नासिर रजा एथलेटिक्स, मोहित, किरन, रिहाना बानो, रूबीना बानो व सोनी खोखो, जमुनहा मिश्रपुरवा निवासी ऊषा कुश्ती के लिए गई हैं।
विज्ञापन
सभी प्रतिभागी जिला खेल अधिकारी शिव कुमार यादव व जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी चमन सिंह की देखरेख में रवाना हुए हैं। अधिकांश प्रतिभागी 70 से 85 फीसदी श्रेणी के नि:शक्त है। मोहम्मदपुर राजा निवासिनी किरन खो खो खेलने गई हैं, वे शत प्रतिशत नि:शक्त है। इन बच्चों को बुधवार को जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने स्पोर्ट्स स्टेडियम भिनगा से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। मौके पर सर्व शिक्षा अभियान के जिला संयोजक अजीत कुमार उपाध्याय, जिला क्रीड़ाधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
इशारों में होगा खेल
विशेष श्रेणी के ओलंपिक में जाने वाले बच्चों में अधिकांश बच्चे मूक बधिर श्रेणी के हैं। यह इशारों में विभिन्न खेल खेलते हैं। ओलंपिक में जाने के लिए वह कई महीनों से कड़ी मेहनत कर रहे थे। इन बच्चों में संकेत समझने की क्षमता इतनी अधिक है कि बिना कुछ बोले केवल उंगली के इशारे से वह अपने विरोधियों को हरा देते हैं। इसमें एक लड़का चलन श्रेणी का नि:शक्त है। वह एथलेटिक्स में प्रतिभागियों को टक्कर देगा।