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Shravasti News: तराई में ड्रोन व चोरों का खौफ, रतजगा कर रहे लोग
Sun, 21 Sep 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:39 AM IST
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बंतवारा गांव में लाठी लेकर पहरेदारी करते लोग। - संवाद
श्रावस्ती। जिन गांवों में रात के नौ बजते-बजते सन्नाटा पसर जाता था और लोग खाना खाकर घरों में कैद हो जाते थे, उन गांवों में अब भोर चार बजे तक चहल-पहल रहती है। सन्नाटे में रहने वाली गांव की गलियां युवाओं के कदमों व लाउडस्पीकर पर लगने वाली जागते रहो की गुहार से गूंजती हैं।
इन सब के बीच थोड़ी-थोड़ी देर पर अलग-अलग स्थानों से चोर-चोर की आवाजें सुनाई पड़ने पर पूरी टोली उस ओर दौड़ पड़ती है। ये दृश्य तराई के लगभग हर गांव के हैं। इसके पीछे की वजह लोगों के जेहन में बैठा ड्रोन व असलहाधारी चोरों के गैंग का खौफ है। ग्रामीण ड्रोन, असलहाधारी चोर व जगह-जगह चस्पा हो रहे चेतावनी पत्रों के भंवर में इस कदर उलझ गए हैं कि उनकी रातों की नींद नदारद हो गई है।
मुंहनोचवा के बाद तराई में पहली बार दिख रही इतनी दहशत
साल 2002 में तराई में फैली मुंहनोचवा की दहशत के बाद यह पहली बार है, जब ग्रामीण इतनी दहशत में हैं। साल 2002 में भी कुछ इसी तरह लोग रात होते ही सहम जाते थे और बच्चों, बूढ़ों व महिलाओं को घरों में कैद कर दिया जाता था। घर के पुरुष व युवा लाठी-डंडा लेकर रतजगा करते थे, परिजनों को मुंहनोचवा से बचाने के लिए पहरा देते थे। कुछ ऐसा ही माहौल 15-20 दिन से एक बार फिर तराई के गांवों में देखने को मिल रहा है। 10 साल के बच्चे से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग हाथ में लाठी-डंडा लेकर घर की जमा-पूंजी बचाने के लिए पहरा दे रहे हैं।
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शाम होते ही उड़ती हैं अफवाहें, सहम जाते हैं ग्रामीण
तराई में फैली ड्रोन व असलहाधारी चोर गैंग की दहशत में अफवाहों का भी विशेष योगदान है। शाम होते ही ग्रामीणों के पास तरह-तरह की सूचनाएं पहुंचने लगती हैं। इससे दहशत कई गुना बढ़ जाती है। शुक्रवार रात गिलौला के बंतवारा गांव में कवरेज के दौरान कुछ ऐसी ही अफवाहें सुनने को मिलीं। पहरेदारी कर रहे आदर्श मिश्रा को इकौना में चोरी होने व परिवार को पीटने की सूचना मिली। शुभम के पास सोनवा क्षेत्र में चोरों द्वारा बालिका का सिर काटने की सूचना पहुंची। यही नहीं, दुकान संचालक प्रदीप को किसी ने बगल के मसढ़ी चौराहे पर चोरी की सूचना दी। ये सूचनाएं पहुंचते ही जैसे ही तीनों ने टोली के अन्य सदस्यों को बताया, सभी डर गए और एक बार फिर गांव जागते रहो की गुहार से गूंजने लगा।
अराजकता या सच, चेतावनी पत्र भी बढ़ा रहे दहशत
ग्रामीण क्षेत्रों में फैली दहशत के बीच बीते कुछ दिनों से जगह-जगह गांव लूटने के चेतावनी पत्रों का मिलना भी तेज हो गया है। हालांकि, यह गांव के अराजक तत्वों की शरारत भी हो सकती है, लेकिन चेतावनी पत्रों में लूट की खुली धमकी से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। गौरतलब है कि मल्हीपुर के बनगई व घूमना गांव समेत कई गांवों में चेतावनी पत्र मिल चुके हैं।
नहीं थम रहा ड्रोन दिखने की चर्चाओं का दौर
तराई में जारी दहशत के बीच जगह-जगह ड्रोन दिखने का दावा किया जा रह है। शुक्रवार रात सिरसिया के थारू बहुल गांव भचकाही में ग्रामीण पूना राम के घर के पास ड्रोन दिखने का दावा किया गया। गांव निवासी सीताराम, भागी राम, कबीराम, ईश्वरदीन चौधरी, प्रताप नारायण आदि ने ड्रोन देखने व उसकी तस्वीर लेने का दावा किया। इसी तरह भिनगा कोतवाली क्षेत्र के अमवा सुजानडीह गांव में भी ग्रामीणों ने शुक्रवार रात ड्रोन दिखने का दावा किया। ग्रामीण रंगीलाल, इदरीश व मोहम्मद जमाल आदि ने रात आठ बजे गांव के पास ड्रोन दिखने और इसकी सूचना डॉयल-112 को देने की बात कही।
अफवाहों पर न दें ध्यान, पुलिस को तत्काल दें सूचना
जिले में कुछ दिनों से ड्रोन व चोरों के दिखने की सूचनाएं फैल रही हैं। कई स्थानों पर अराजक तत्वों द्वारा खिलौने के ड्रोन उड़ाने व वीडियो डालने की भी सूचना मिली है। ऐसे लोगों का चिह्नांकन किया जा रहा है। सभी चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी टीमों के साथ रात में गश्त कर रहे हैं। पूर्व के सभी अपराधियों की निगरानी के साथ लोगों के पास मौजूद ड्रोन का सत्यापन किया जा रहा है।
-मुकेश चंद्र उत्तम, एएसपी
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इन सब के बीच थोड़ी-थोड़ी देर पर अलग-अलग स्थानों से चोर-चोर की आवाजें सुनाई पड़ने पर पूरी टोली उस ओर दौड़ पड़ती है। ये दृश्य तराई के लगभग हर गांव के हैं। इसके पीछे की वजह लोगों के जेहन में बैठा ड्रोन व असलहाधारी चोरों के गैंग का खौफ है। ग्रामीण ड्रोन, असलहाधारी चोर व जगह-जगह चस्पा हो रहे चेतावनी पत्रों के भंवर में इस कदर उलझ गए हैं कि उनकी रातों की नींद नदारद हो गई है।
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मुंहनोचवा के बाद तराई में पहली बार दिख रही इतनी दहशत
साल 2002 में तराई में फैली मुंहनोचवा की दहशत के बाद यह पहली बार है, जब ग्रामीण इतनी दहशत में हैं। साल 2002 में भी कुछ इसी तरह लोग रात होते ही सहम जाते थे और बच्चों, बूढ़ों व महिलाओं को घरों में कैद कर दिया जाता था। घर के पुरुष व युवा लाठी-डंडा लेकर रतजगा करते थे, परिजनों को मुंहनोचवा से बचाने के लिए पहरा देते थे। कुछ ऐसा ही माहौल 15-20 दिन से एक बार फिर तराई के गांवों में देखने को मिल रहा है। 10 साल के बच्चे से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग हाथ में लाठी-डंडा लेकर घर की जमा-पूंजी बचाने के लिए पहरा दे रहे हैं।
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शाम होते ही उड़ती हैं अफवाहें, सहम जाते हैं ग्रामीण
तराई में फैली ड्रोन व असलहाधारी चोर गैंग की दहशत में अफवाहों का भी विशेष योगदान है। शाम होते ही ग्रामीणों के पास तरह-तरह की सूचनाएं पहुंचने लगती हैं। इससे दहशत कई गुना बढ़ जाती है। शुक्रवार रात गिलौला के बंतवारा गांव में कवरेज के दौरान कुछ ऐसी ही अफवाहें सुनने को मिलीं। पहरेदारी कर रहे आदर्श मिश्रा को इकौना में चोरी होने व परिवार को पीटने की सूचना मिली। शुभम के पास सोनवा क्षेत्र में चोरों द्वारा बालिका का सिर काटने की सूचना पहुंची। यही नहीं, दुकान संचालक प्रदीप को किसी ने बगल के मसढ़ी चौराहे पर चोरी की सूचना दी। ये सूचनाएं पहुंचते ही जैसे ही तीनों ने टोली के अन्य सदस्यों को बताया, सभी डर गए और एक बार फिर गांव जागते रहो की गुहार से गूंजने लगा।
अराजकता या सच, चेतावनी पत्र भी बढ़ा रहे दहशत
ग्रामीण क्षेत्रों में फैली दहशत के बीच बीते कुछ दिनों से जगह-जगह गांव लूटने के चेतावनी पत्रों का मिलना भी तेज हो गया है। हालांकि, यह गांव के अराजक तत्वों की शरारत भी हो सकती है, लेकिन चेतावनी पत्रों में लूट की खुली धमकी से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। गौरतलब है कि मल्हीपुर के बनगई व घूमना गांव समेत कई गांवों में चेतावनी पत्र मिल चुके हैं।
नहीं थम रहा ड्रोन दिखने की चर्चाओं का दौर
तराई में जारी दहशत के बीच जगह-जगह ड्रोन दिखने का दावा किया जा रह है। शुक्रवार रात सिरसिया के थारू बहुल गांव भचकाही में ग्रामीण पूना राम के घर के पास ड्रोन दिखने का दावा किया गया। गांव निवासी सीताराम, भागी राम, कबीराम, ईश्वरदीन चौधरी, प्रताप नारायण आदि ने ड्रोन देखने व उसकी तस्वीर लेने का दावा किया। इसी तरह भिनगा कोतवाली क्षेत्र के अमवा सुजानडीह गांव में भी ग्रामीणों ने शुक्रवार रात ड्रोन दिखने का दावा किया। ग्रामीण रंगीलाल, इदरीश व मोहम्मद जमाल आदि ने रात आठ बजे गांव के पास ड्रोन दिखने और इसकी सूचना डॉयल-112 को देने की बात कही।
अफवाहों पर न दें ध्यान, पुलिस को तत्काल दें सूचना
जिले में कुछ दिनों से ड्रोन व चोरों के दिखने की सूचनाएं फैल रही हैं। कई स्थानों पर अराजक तत्वों द्वारा खिलौने के ड्रोन उड़ाने व वीडियो डालने की भी सूचना मिली है। ऐसे लोगों का चिह्नांकन किया जा रहा है। सभी चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी टीमों के साथ रात में गश्त कर रहे हैं। पूर्व के सभी अपराधियों की निगरानी के साथ लोगों के पास मौजूद ड्रोन का सत्यापन किया जा रहा है।
-मुकेश चंद्र उत्तम, एएसपी