{"_id":"634d97bfd16007762d46a846","slug":"farmers-cut-the-road-to-get-water-from-the-field-srawasti-news-lko653337046","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत से पानी निकालने के लिए किसानों ने काट दी सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत से पानी निकालने के लिए किसानों ने काट दी सड़क
विज्ञापन
जमुनहा (श्रावस्ती)। राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर घट कर 127.40 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर कम है। जिससे गांवों से बाढ़ का पानी निकल चुका है। लेकिन निचले क्षेत्रों में अब भी जलजमाव है। इसके कारण खेतों में लगी फसल बर्बाद हो रही है। इसे बचाने के लिए किसानों ने तिघरवा लिंक मार्ग काट दिया।
जमुनहा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की विभीषिका थमने के बाद जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। पलायन कर चुके ग्रामीण अब वापस अपने घर पहुंच रहे हैं। जिनके सामने बाढ़ की विभीषिका तबाह हुई फसल व बर्बाद हुई गृहस्थी को पुन: संजोने की समस्या उत्पन्न हो गई है। घरों में कई फिट जमा शिल्ट, दरकी छतें व गिरी दीवारें देख कर लोग अब घरों में जाने से घबरा रहे हैं। इतना ही नहीं बाढ़ न होने के बाद भी पानी में डूबी फसलों को देख किसानों को भारी निराशा हो रही है। ऐसे में लोग परिवार सहित न सिर्फ घर द्वार में जमा शिल्ट की सफाई करने में जुट गए हैं बल्कि शिल्ट में दबी गृहस्थी को भी निकाल रहे है।
वहीं खेतों में भरा पानी देख जमुनहा-बहराइच मार्ग स्थित गंगापुर पुल से कानीबोझि के मध्य पड़ने वाले तिघरवा संपर्क मार्ग को ग्रामीणों ने काट दिया। इस संपर्क मार्ग को किसानों ने करीब एक मीटर काट कर नाला बना दिया। जिससे उनके खेतों में भरा पानी निकल सके। इसके कट जाने के बाद कानीबोझी, आंशिक मल्हीपुर कला, तिघरहवा, रामपुर व गंगापुर आदि गांव के के किसानों को राहत मिल गई है। वही मार्ग कटने के कारण इन गांवों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है। किसानों का मानना है कि सड़क पाट कर आवागमन को बहाल किया जा सकता है। लेकिन यदि इसे न काटा जाता तो उनकी फसल बर्बाद हो जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन
जमुनहा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की विभीषिका थमने के बाद जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। पलायन कर चुके ग्रामीण अब वापस अपने घर पहुंच रहे हैं। जिनके सामने बाढ़ की विभीषिका तबाह हुई फसल व बर्बाद हुई गृहस्थी को पुन: संजोने की समस्या उत्पन्न हो गई है। घरों में कई फिट जमा शिल्ट, दरकी छतें व गिरी दीवारें देख कर लोग अब घरों में जाने से घबरा रहे हैं। इतना ही नहीं बाढ़ न होने के बाद भी पानी में डूबी फसलों को देख किसानों को भारी निराशा हो रही है। ऐसे में लोग परिवार सहित न सिर्फ घर द्वार में जमा शिल्ट की सफाई करने में जुट गए हैं बल्कि शिल्ट में दबी गृहस्थी को भी निकाल रहे है।
विज्ञापन
वहीं खेतों में भरा पानी देख जमुनहा-बहराइच मार्ग स्थित गंगापुर पुल से कानीबोझि के मध्य पड़ने वाले तिघरवा संपर्क मार्ग को ग्रामीणों ने काट दिया। इस संपर्क मार्ग को किसानों ने करीब एक मीटर काट कर नाला बना दिया। जिससे उनके खेतों में भरा पानी निकल सके। इसके कट जाने के बाद कानीबोझी, आंशिक मल्हीपुर कला, तिघरहवा, रामपुर व गंगापुर आदि गांव के के किसानों को राहत मिल गई है। वही मार्ग कटने के कारण इन गांवों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है। किसानों का मानना है कि सड़क पाट कर आवागमन को बहाल किया जा सकता है। लेकिन यदि इसे न काटा जाता तो उनकी फसल बर्बाद हो जाती।
विज्ञापन