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किसान जला रहे पराली
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गिलौला (श्रावस्ती)। पराली जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध है। इसके बावजूद किसान बेखौफ पराली जला कर प्राण वायु में जहर घोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। किसानों की ओर से खेतों में लगी धान की फसल को कंबाइन मशीन से कटा कर जलाया जा रहा है। जिससे उठने वाला धुआं पर्यावरण में जहर घोल रहा है।
इसके चलते देश की राजधानी सहित कई अन्य प्रमुख जिलों में प्राण वायु जहरीली हो चुकी है। जिस पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं शासन की ओर से पराली जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद शासन ने जिलाधिकारी को आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया था।
डीएम टीके शिबु ने इसकी जिम्मेदारी कृषि विभाग सहित गांव में तैनात राजस्व लेखपाल, ग्राम सचिव व प्रधान सहित ग्राम प्रहरियों को सौंपी है। साथ ही चेतावनी भी दी थी कि यदि किसी गांव में पराली जलाने का मामला प्रकाश में आया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जाए।
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इसमें लापरवाही बरतने पर गांव में तैनात राजस्व लेखपाल, ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान सहित ग्राम प्रहरियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साथ संबंधित किसानों से जुर्माना वसूल करने के साथ उसे जेल भी भेजा जाएगा। इसके बावजूद यह परंपरा बदस्तूर जारी है। गुरुवार को गिलौला के गोंडारी व माजरे गांव के मध्य पराली जलती दिखी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि इसकी जांच कर जो भी जिम्मेदार होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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इसके चलते देश की राजधानी सहित कई अन्य प्रमुख जिलों में प्राण वायु जहरीली हो चुकी है। जिस पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं शासन की ओर से पराली जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद शासन ने जिलाधिकारी को आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया था।
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डीएम टीके शिबु ने इसकी जिम्मेदारी कृषि विभाग सहित गांव में तैनात राजस्व लेखपाल, ग्राम सचिव व प्रधान सहित ग्राम प्रहरियों को सौंपी है। साथ ही चेतावनी भी दी थी कि यदि किसी गांव में पराली जलाने का मामला प्रकाश में आया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जाए।
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इसमें लापरवाही बरतने पर गांव में तैनात राजस्व लेखपाल, ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान सहित ग्राम प्रहरियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साथ संबंधित किसानों से जुर्माना वसूल करने के साथ उसे जेल भी भेजा जाएगा। इसके बावजूद यह परंपरा बदस्तूर जारी है। गुरुवार को गिलौला के गोंडारी व माजरे गांव के मध्य पराली जलती दिखी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि इसकी जांच कर जो भी जिम्मेदार होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।