फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Employees sitting on lock-in offices

दफ्तरों में ताला जड़ धरने पर बैठे कर्मचारी

Mon, 16 Sep 2019 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 11:12 PM IST
विज्ञापन
Employees sitting on lock-in offices
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कलेक्ट्रेट कर्मी। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सहित तहसीलों में तैनात कर्मचारियों ने सोमवार को कार्यालय में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित चौबीस सूत्री ज्ञापन सौंपा। तहसील व कलेक्ट्रेट में तालाबंदी के कारण फरियादी भटकते रहे।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की जिला इकाई के कर्मचारी कलेक्ट्रेट का नाम जिलाधिकारी कार्यालय के स्थान पर मिनी अथवा जनपद सचिवालय घोषित करने, कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति देने, पुरानी पेंशन बहाल करने, पदोन्नति की व्यवस्था पूर्ववत वरिष्ठता के आधार लागू करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

इसी तरह नव सृजित जिलों व तहसीलों में लिपिक वर्ग सेवा नियमावली 2011 के तहत पदों का सृजन करने, अस्थाई स्वीकृत पदों को स्थाई करने, नव सृजित जिलों में ज्येष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित करने, कलेक्ट्रेट कर्मियों को सचिवालय के बराबर वेतन भत्ता देने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए कैशलेस व्यवस्था लागू करने, ओवरटाइम कार्य लेने पर उसकी अलग से व्यवस्था करने, बीमा कराने, निर्वाचन कार्यालय में तैनात कार्मिकों की भांति एक माह का वेतन मानदेय के रूप में दिलाने, उच्च शिक्षा के लिए भत्ता देने सहित अन्य मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके समर्थन में कलेक्ट्रेट व तहसील कर्मचारियों ने सोमवार को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारी कलेक्ट्रेट व तहसील के विभिन्न पटलों में तालाबंद कर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ चले गए। लखनऊ जाने वालों में केके वैश्य, दुर्गेश कुमार मिश्र, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, दीप चंद्र श्रीवास्तव, रामअचल वर्मा, सुरेंद्र कुमार व रवींद्र सिंह आदि शामिल रहे।
शिकायतों का नहीं हो सका निस्तारण
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के कार्य बहिष्कार व तालाबंदी के कारण कलेक्ट्रेट व तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। एक तरफ जहां कलेक्ट्रेट में लोग पुरानी पत्रावलियां नहीं देख सके, वहीं उन्हें नकल व नक्शा नकल आदि के लिए भटकना पड़ा। शिकायती पत्रों का निस्तारण भी नहीं हो सका। ज्यादातर लोग जाति, निवास व आय प्रमाणपत्र के लिए भटकते रहे। इतना ही नहीं तहसील में कंप्यूटरीकृत खतौनी के लिए भी लोग परेशान रहे। बैनामा का काम तो प्रभावित हुआ ही, विभिन्न मामलों में गिरफ्तार कर जेल में निरुद्ध किए गए बंदियों की जमानत भी तस्दीक नहीं हो सकी।

नहीं आए मातहत तो लौटे अधिकारी
कलेक्ट्रेट में जहां डीएम व एडीएम के लिपिक हड़ताल के कारण कार्यालय नहीं पहुंचे तो वहीं तहसीलों में भी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के पेशकार व मालबाबू आदि भी हड़ताल पर रहे। ऐसे में इन सभी अधिकारियों के न्यायालयों पर न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहा। वादकारियों को मायूस लौटना पड़ा। न्यायालयों में सामान्य तिथि लगाई गई। पेशकार व आशुलिपिक आदि के न आने से अधिकारी भी समय से पूर्व अपने कार्यालय से लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed