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डीआरएम ने बौद्ध पर्यटन क्षेत्र में तलाशी रेल की संभावनाएं
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बौद्घ पर्यटन क्षेत्र में रेल की संभावना का मूल्याकंन करती डीआरएम
- फोटो : SRAWASTI
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इकौना (श्रावस्ती)। बौद्ध पर्यटन क्षेत्र श्रावस्ती में रेल की संभावना का मूल्यांकन करने के लिए बृहस्पतिवार को पूर्वोत्तर रेलवे की डीआरएम श्रावस्ती पहुंचीं। उनके साथ रेल के कई अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस पर्यटन क्षेत्र को पूर्व में ही खलीलाबाद बहराइच रेल परियोजना से जोड़ा जाने का प्रस्ताव है।
इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे खलीलाबाद से बहराइच रेल परियोजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना से पर्यटन क्षेत्र को कितना लाभ मिलेगा इसका मूल्यांकन करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री अपनी टीम के साथ बौद्ध पर्यटन क्षेत्र श्रावस्ती पहुंचीं। यहां उन्होंने कई स्थलों के साथ ही सीताद्वार का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेलवे सुविधा हो जाने से बौद्ध पर्यटन क्षेत्र तक लोगों को पहुंचना आसान जो जाएगा। क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस दौरान उन्होंने ने डेनमहंगकोल मेडिटेशन सेंटर सहित जेतवन विश्व शांति घंटा पार्क व सीताद्वार मंदिर क्षेत्र में जाकर प्रस्तावित रेल लाइन को देखा। इस दौरान उनके साथ उपजिलाधिकारी इकौना आरपी चौधरी व रेलवे की तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा। (संवाद)
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इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे खलीलाबाद से बहराइच रेल परियोजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना से पर्यटन क्षेत्र को कितना लाभ मिलेगा इसका मूल्यांकन करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री अपनी टीम के साथ बौद्ध पर्यटन क्षेत्र श्रावस्ती पहुंचीं। यहां उन्होंने कई स्थलों के साथ ही सीताद्वार का जायजा लिया।
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इस दौरान उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेलवे सुविधा हो जाने से बौद्ध पर्यटन क्षेत्र तक लोगों को पहुंचना आसान जो जाएगा। क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस दौरान उन्होंने ने डेनमहंगकोल मेडिटेशन सेंटर सहित जेतवन विश्व शांति घंटा पार्क व सीताद्वार मंदिर क्षेत्र में जाकर प्रस्तावित रेल लाइन को देखा। इस दौरान उनके साथ उपजिलाधिकारी इकौना आरपी चौधरी व रेलवे की तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा। (संवाद)
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