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कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से न करें भेदभाव
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श्रावस्ती के भिनगा स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद डीएम व एडीएम
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को कुष्ठ रोग दिवस मनाया गया। इस दौरान डीएम ने लोगों से कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करने की अपील करते हुए जिले को कुष्ठ से मुक्ति दिलाने में सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर यह संकल्प लेते हैं कि हम अपने जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है, और यह साध्य भी है। हम सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करेंगे। इसके साथ उन्होंने अपील की कि कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव न करें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने दें।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से जुड़े कलंक और भेदभाव को समाप्त करने और उनको समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सभी जिलेवासी अपना पूर्ण योगदान दें। कुष्ठ रोग एक दीर्घकालीन संक्रामक रोग है, जो माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु द्वारा फैलता है। इसको हेंसन रोग के नाम से भी जाना जाता है, जो मुख्यत: हाथ, पैर की परिधीय तंत्रिका, त्वचा, नाक की म्यूकोसा और श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान शीघ्र न हो तथा उसका समय पर उपचार न हो तो यह स्थायी दिव्यांगता उत्पन्न कर देता है। इस मौके पर एडीएम कमलेश चन्द्र, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट परीक्षित खटाना, एसडीएम रोहित, आशुतोष, मोहित, एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया, सहायक कोषाधिकारी अवधेश कुमार यादव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी छोटेलाल सहित अन्य कलेक्ट्रेट कर्मी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर यह संकल्प लेते हैं कि हम अपने जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है, और यह साध्य भी है। हम सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करेंगे। इसके साथ उन्होंने अपील की कि कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव न करें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने दें।
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उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से जुड़े कलंक और भेदभाव को समाप्त करने और उनको समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सभी जिलेवासी अपना पूर्ण योगदान दें। कुष्ठ रोग एक दीर्घकालीन संक्रामक रोग है, जो माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु द्वारा फैलता है। इसको हेंसन रोग के नाम से भी जाना जाता है, जो मुख्यत: हाथ, पैर की परिधीय तंत्रिका, त्वचा, नाक की म्यूकोसा और श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान शीघ्र न हो तथा उसका समय पर उपचार न हो तो यह स्थायी दिव्यांगता उत्पन्न कर देता है। इस मौके पर एडीएम कमलेश चन्द्र, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट परीक्षित खटाना, एसडीएम रोहित, आशुतोष, मोहित, एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया, सहायक कोषाधिकारी अवधेश कुमार यादव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी छोटेलाल सहित अन्य कलेक्ट्रेट कर्मी मौजूद रहे।
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