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गोदभराई व अन्नप्राशन के दौरान पोषण पर की चर्चा
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श्रावस्ती। पोषण माह के तहत मंगलवार को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती व बच्चों के पोषण पर चर्चा हुई। इस दौरान गोदभराई व अन्नप्रशान कार्यक्रम का आयोजन सहित पोषण वाटिका की स्थापना की गई। मटखनवा केंद्र पर पहुंची डीपीओ ने कार्यक्रम की शुरुआत की।
आंगनबाड़ी केंद्र मटखनवा में जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने मौजूद लोगों को पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने केंद्र पर मौजूद गर्भवती की गोदभराई की। इसके साथ ही छह माह पूरे कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।
इस दौरान डीपीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मुख्य सेविका लाभार्थियों के घर का भ्रमण करते हुए गर्भवती, धात्री माताओं एवं अभिभावकों को पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं ऊपरी आहार के संबंध में जानकारी दें। स्वास्थ्य जांच कराने, टीटी के टीके लगवाने, आयरन की गोली, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने, कम से कम 04 बार एएनसी चेकअप स्वास्थ्य केन्द्र पर कराने, पोषक आहार लेने तथा प्रसव स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराने की सलाह दें।
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किशोरियों के साथ बैठक कर डीपीओ ने एनीमिया के बारे में बताते हुए खान पान के प्रति जागरूक कर प्रति सप्ताह 01 नीली आयरन की गोली व नींबू पानी लेने की सलाह दी। वहीं ग्रामीणों को सही पोषण के लिए भोज्य पदार्थों की विविधता, 24 घंटे के भोजन में कम से कम चार भोज्य समूहों से सब्जियों, दालों, अनाज एवं दूध अथवा उससे बने भोज्य पदार्थ का उपयोग करने की सलाह दी। सही पोषण न मिलने से स्वास्थ्य संबंधी होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक भी किया। इस दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषण वाटिका में सहजन, आंवला एवं अमरूद के पौध भी लगाए।
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आंगनबाड़ी केंद्र मटखनवा में जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने मौजूद लोगों को पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने केंद्र पर मौजूद गर्भवती की गोदभराई की। इसके साथ ही छह माह पूरे कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।
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इस दौरान डीपीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मुख्य सेविका लाभार्थियों के घर का भ्रमण करते हुए गर्भवती, धात्री माताओं एवं अभिभावकों को पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं ऊपरी आहार के संबंध में जानकारी दें। स्वास्थ्य जांच कराने, टीटी के टीके लगवाने, आयरन की गोली, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने, कम से कम 04 बार एएनसी चेकअप स्वास्थ्य केन्द्र पर कराने, पोषक आहार लेने तथा प्रसव स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराने की सलाह दें।
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किशोरियों के साथ बैठक कर डीपीओ ने एनीमिया के बारे में बताते हुए खान पान के प्रति जागरूक कर प्रति सप्ताह 01 नीली आयरन की गोली व नींबू पानी लेने की सलाह दी। वहीं ग्रामीणों को सही पोषण के लिए भोज्य पदार्थों की विविधता, 24 घंटे के भोजन में कम से कम चार भोज्य समूहों से सब्जियों, दालों, अनाज एवं दूध अथवा उससे बने भोज्य पदार्थ का उपयोग करने की सलाह दी। सही पोषण न मिलने से स्वास्थ्य संबंधी होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक भी किया। इस दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषण वाटिका में सहजन, आंवला एवं अमरूद के पौध भी लगाए।