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शैलपुत्री की आराधना कर भक्तों ने मांगा आशीष
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भिनगा के राजर्षि काली मंदिर में पूजा अर्चन करते भक्त।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी..., जगदाती पहाड़ों वाली मां मेरी बिगड़ी बना देना..., और मेरी शेरों वाली मां तेरी हर बात अच्छी है... जैसे भजनों पर झूमते भक्त। यह नजारा था रविवार को जिले के विभिन्न पूजा पंडालों व मंदिरों का।
मां जगदंबे की उपासना के नौ दिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को घरों व मंदिरों में कलश स्थापना के साथ पूजा अर्चना प्रारंभ हुई। इसके साथ ही जिले में सजे पूजा पंडालों में भी माता की आराधना शुरू हो चुकी है। नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने माता के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की। देवी मंदिरों में भोर से शुरू हुआ पूजा अर्चना की सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही रविवार से देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। माता को खुश करने के लिए भक्त मंत्रोच्चारण के साथ पूजन अर्चन कर रहे हैं। वहीं लोगों के घरों में भी कलश स्थापना के साथ ही मां आदिशक्ति जगत जननी जगदंबा के नौ रूपों की अलग अलग दिवसों में अलग अलग रूपों की आराधना भी प्रारंभ हो गई है।
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नवरात्र के प्रथम दिन आदिशक्ति को प्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा गया। वहीं इसके साथ ही मुख्यालय भिनगा के राजर्षि काली मंदिर, सिरसिया के दुर्गामंदिर, इकौना के मां ज्वाला मंदिर, बेचूबाबा, गिलौला के सदाशिव महादेव स्थित दुर्गामंदिर, जमुनहा के जगपतीनाथ मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों व काली स्थानों पर भक्त पूजन अर्चन के लिए पहुंचने लगे हैं।
इसी के साथ ही जिले के विभिन्न दुर्गा पूजन स्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश पूजन व मूर्ति की स्थापना कर रात्रि जागरण भी प्रारंभ हो चुका है। उधर भिनगा नगर सहित कई अन्य स्थलों पर पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भिनगा नगर के खैरीमोड़ स्थित झारखंडी मंदिर में मां वैष्ठों देवी की गुफा तैयार की जा रही है। जो मंगलवार से भक्तों के लिए खुल जाएगी।
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मां जगदंबे की उपासना के नौ दिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को घरों व मंदिरों में कलश स्थापना के साथ पूजा अर्चना प्रारंभ हुई। इसके साथ ही जिले में सजे पूजा पंडालों में भी माता की आराधना शुरू हो चुकी है। नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने माता के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की। देवी मंदिरों में भोर से शुरू हुआ पूजा अर्चना की सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
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शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही रविवार से देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। माता को खुश करने के लिए भक्त मंत्रोच्चारण के साथ पूजन अर्चन कर रहे हैं। वहीं लोगों के घरों में भी कलश स्थापना के साथ ही मां आदिशक्ति जगत जननी जगदंबा के नौ रूपों की अलग अलग दिवसों में अलग अलग रूपों की आराधना भी प्रारंभ हो गई है।
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नवरात्र के प्रथम दिन आदिशक्ति को प्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा गया। वहीं इसके साथ ही मुख्यालय भिनगा के राजर्षि काली मंदिर, सिरसिया के दुर्गामंदिर, इकौना के मां ज्वाला मंदिर, बेचूबाबा, गिलौला के सदाशिव महादेव स्थित दुर्गामंदिर, जमुनहा के जगपतीनाथ मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों व काली स्थानों पर भक्त पूजन अर्चन के लिए पहुंचने लगे हैं।
इसी के साथ ही जिले के विभिन्न दुर्गा पूजन स्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश पूजन व मूर्ति की स्थापना कर रात्रि जागरण भी प्रारंभ हो चुका है। उधर भिनगा नगर सहित कई अन्य स्थलों पर पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भिनगा नगर के खैरीमोड़ स्थित झारखंडी मंदिर में मां वैष्ठों देवी की गुफा तैयार की जा रही है। जो मंगलवार से भक्तों के लिए खुल जाएगी।