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सीताद्वार मेले में लगा मौत का कुआं व बड़ा झूला
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श्रावस्ती में मेले में लगाया गया मौत का कुआं।
- फोटो : SRAWASTI
इकौना (श्रावस्ती)। ग्राम टंड़वा महंथ स्थित इकौना के सीताद्वार में लगने वाले पांच दिवसीय मेले की तैयारियां अंतिम चरण पर हैं। इस बार डीएम ने यहां मौत का कुआं, बड़े झूलों व फूहड़ गीतों व डांस पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद मेला क्षेत्र में मौत का कुंआ व बड़ा झूला लगाया जा चुका है। ऐसे में डीएम के आदेश का पालन होता नहीं दिख रहा है।
इकौना के सीताद्वारा झील के किनारे लगने वाले पांच दिवसीय मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेला परिसर में बैरीकेटिंग सहित दुकानें भी सजने लगी हैं। मेला परिसर सहित सीताद्वारा झील की भी कुछ क्षेत्रों में सफाई कराई गई है। स्नान के दौरान लोग गहरे पानी में न जा सके, इसके लिए जाल भी लगाया गया है।
मेलार्थियों की सुविधा के लिए वहां पेयजल व प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है। विगत दिनों डीएम यशु रुस्तगी व एसपी अनूप सिंह ने मातहतों के साथ बैठक कर मेले में इस बार मौत का कुंआ, बड़े झूलों व फूहड़ गीतों व डांस पर प्रतिबंध लगाया था। इसका कड़ाई से अनुपालन कराने की जिम्मेदारी मातहतों को सौंपी गई थी।
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मंगलवार से शुरू होने वाले इस मेले में डीएम के आदेश की अनदेखी की जा रही है। एक तरफ जहां मेला परिसर में मौत का कुंआ तैयार है। वहीं बड़ा झूला भी लगाया जा चुका है। ऐसे में क्षेत्र वासियों का मानना है कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी डीएम का फरमान हवा हवाई साबित हो सकता है।
मेले में फूहड़ गीत व नृत्य सहित नौटंकी आदि का आयोजन भी किया जा सकता है। इस संबंध में एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा ने बताया कि सीताद्वार मेले में मौत का कुंआ व बड़े झूले की अनुमति नहीं दी गई है। यदि वहां लगा है तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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इकौना के सीताद्वारा झील के किनारे लगने वाले पांच दिवसीय मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेला परिसर में बैरीकेटिंग सहित दुकानें भी सजने लगी हैं। मेला परिसर सहित सीताद्वारा झील की भी कुछ क्षेत्रों में सफाई कराई गई है। स्नान के दौरान लोग गहरे पानी में न जा सके, इसके लिए जाल भी लगाया गया है।
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मेलार्थियों की सुविधा के लिए वहां पेयजल व प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है। विगत दिनों डीएम यशु रुस्तगी व एसपी अनूप सिंह ने मातहतों के साथ बैठक कर मेले में इस बार मौत का कुंआ, बड़े झूलों व फूहड़ गीतों व डांस पर प्रतिबंध लगाया था। इसका कड़ाई से अनुपालन कराने की जिम्मेदारी मातहतों को सौंपी गई थी।
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मंगलवार से शुरू होने वाले इस मेले में डीएम के आदेश की अनदेखी की जा रही है। एक तरफ जहां मेला परिसर में मौत का कुंआ तैयार है। वहीं बड़ा झूला भी लगाया जा चुका है। ऐसे में क्षेत्र वासियों का मानना है कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी डीएम का फरमान हवा हवाई साबित हो सकता है।
मेले में फूहड़ गीत व नृत्य सहित नौटंकी आदि का आयोजन भी किया जा सकता है। इस संबंध में एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा ने बताया कि सीताद्वार मेले में मौत का कुंआ व बड़े झूले की अनुमति नहीं दी गई है। यदि वहां लगा है तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।