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संदिग्ध परिस्थितियों में कलेक्ट्रेट के सामने तालाब में मिली अधेड़ की लाश

Mon, 23 Oct 2017 11:31 PM IST
Updated Mon, 23 Oct 2017 11:31 PM IST
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संदिग्ध परिस्थितियों में कलेक्ट्रेट के सामने तालाब में मिली अधेड़ की लाश
श्रावस्ती। फोरलेन स्थित कलेक्ट्रेट गेट के सामने तालाब में सोमवार भोर एक अधेड़ की लाश मिली। लोगों की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लाश का पंचनामा भरा कर उसे पोस्टमार्टम को भेज दिया है। तालाब स्थित पुलिया की रेलिंग पर मिला चप्पल व गमछा पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
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भिनगा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कलेक्ट्रेट गेट के सामने फोरलेन स्थित तालाब किनारे पानी में सोमवार भोर एक अधेड़ की लाश पड़ी मिली। सुबह घूमने निकले कलेक्ट्रेट कॉलोनी व सिविल लाइन के लोगों को तालाब की पुलिया की रेलिंग पर चप्पल व गमछा दिखा। इस पर जब लोगों ने इधर उधर देखा तो तालाब किनारे पानी में लाश दिखी। इसकी सूचना लोगों ने भिनगा कोतवाली पुलिस को दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश को तालाब से बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान कोतवाली क्षेत्र के ही ग्राम टंड़वा बनकटवा (वर्तमान में अब्दुल कलाम नगर) निवासी सतगुरु प्रसाद यादव (55) पुत्र संतराम यादव के रूप में हुई। लाश की एक आंख बाहर निकली हुई थी। पुलिस ने लाश का पंचनामा भरा कर उसे पोस्ट मार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया है। मामले में मृतक के परिजनों की ओर से फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है। इस बारे में प्रभारी निरीक्षक भिनगा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के दोनों पुत्र मौजूदा समय मे पंजाब में हैं, जिन्हें सूचना दे दी गई है। यदि परिवारीजनों की ओर से कोई तहरीर दी जाती है तो इसकी जांच की जाएगी।
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हत्या व आत्महत्या में उलझी गुत्थी
ग्राम टंड़वा बनकटवा निवासी सतगुरु प्रसाद यादव की भूमि का उसके पिता संतराम यादव ने एक व्यक्ति को अपने जीवन काल में बैनामा कर दिया था। जिसका केस सतगुरु व उसका छोटा भाई लालजी यादव क्रेता से लड़ रहा था। इसमें कई बार क्रेता के पक्ष में कोर्ट का आदेश भी हुआ। बाद में विवादित भूमि का सतगुरु व लालजी ने एक अन्य व्यक्ति को बैनामा कर दिया था। इसके लिए दोनों भाइयों पर क्रेता द्वारा जालसाजी का मामला दर्ज कराया गया था। विवादित भूमि के अतिरिक्त दोनों भाइयों के पास एक भी इंच जमीन नहीं थी। इसलिए दोनों भाई किसी कीमत पर विवादित भूमि से कब्जा नहीं छोड़ना चाहते थे। जबकि जालसाजी के मामले में उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। ऐसे में सतगुरु की मौत हत्या व आत्महत्या में उलझ गई है। कुछ ग्रामीण जहां उसकी हत्या कर लाश को तालाब में फेंकने की बात कह रहे हैं। वहीं कुछ लोग संपत्ति छिनने व जेल जाने के भय से आत्महत्या मान रहे हैं। हत्या व आत्महत्या के बीच उलझी गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सुलझ सकेगी।
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