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सही वजन बच्चों को बीमारियों से करता दूर
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पटना खास में वजन दिवस का शुभारंभ करते डीएम साथ में अन्य व मौजूद लोग।
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। गर्भवती व बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण माह के पहले दिन रविवार को वजन दिवस के रूप में मनाया गया। इसका शुभारंभ डीएम ने हरिहरपुररानी के आंगनबाड़ी केंद्र पटना खास से किया।
इस दौरान डीएम ओपी आर्य ने कहा कि उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कम या ज्यादा है तो उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। सही वजन बच्चों को स्वस्थ रखने के साथ साथ कई बीमारियों से भी दूर रखता है। इसलिए उम्र के मुताबिक सही वजन की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
जन्म के समय जिन बच्चों का वजन दो किलोग्राम से कम रहता है, उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस वजह से संक्रमण तेजी से फैलता है, और बच्चों में कई प्रकार के रोगों का खतरा बना रहता है। सामान्य स्थिति में जन्म के समय बच्चे का वजन ढाई किलोग्राम से लेकर साढ़े तीन किलोग्राम तक होना चाहिए। ऐसे बच्चों को ही स्वस्थ माना जाता है।
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उन्होंने लोगों से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक कुपोषित बच्चे को कुपोषण से बाहर निकालने में मदद करें। बच्चों में कुपोषण छह माह से दो वर्ष के मध्य तेजी से बढ़ता है। दरअसल छह माह के बाद प्रत्येक बच्चे को सही पोषण के लिये मां के दूध के अलावा पूरक आहार की भी जरूरत होती है। इस अवधि में शिशु को डायरिया और निमोनिया का खतरा अधिक होता है। ऐसे में बच्चा सुपोषित होता है तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी।
इस दौरान उन्होंने कई बच्चों का वजन भी कराया। इस दौरान रचना का वजन कम होने के कारण जिलाधिकारी ने बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए समुचित इलाज कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र सलारपुर में आयोजित वजन दिवस कार्यक्रम का निरीक्षण किया।
इस दौरान कार्यकर्ता शास्त्री सिंह बच्चों के साथ केंद्र पर मौजूद मिली। इस दौरान डीएम ने कार्यकर्ता से शत प्रतिशत बच्चों का वजन करने व गृह भ्रमण करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। भवन जर्जर होने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी को मरम्मत कराने का निर्देश दिया। मौके पर सीएमओ डॉ. बीके सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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इस दौरान डीएम ओपी आर्य ने कहा कि उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कम या ज्यादा है तो उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। सही वजन बच्चों को स्वस्थ रखने के साथ साथ कई बीमारियों से भी दूर रखता है। इसलिए उम्र के मुताबिक सही वजन की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
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जन्म के समय जिन बच्चों का वजन दो किलोग्राम से कम रहता है, उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस वजह से संक्रमण तेजी से फैलता है, और बच्चों में कई प्रकार के रोगों का खतरा बना रहता है। सामान्य स्थिति में जन्म के समय बच्चे का वजन ढाई किलोग्राम से लेकर साढ़े तीन किलोग्राम तक होना चाहिए। ऐसे बच्चों को ही स्वस्थ माना जाता है।
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उन्होंने लोगों से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक कुपोषित बच्चे को कुपोषण से बाहर निकालने में मदद करें। बच्चों में कुपोषण छह माह से दो वर्ष के मध्य तेजी से बढ़ता है। दरअसल छह माह के बाद प्रत्येक बच्चे को सही पोषण के लिये मां के दूध के अलावा पूरक आहार की भी जरूरत होती है। इस अवधि में शिशु को डायरिया और निमोनिया का खतरा अधिक होता है। ऐसे में बच्चा सुपोषित होता है तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी।
इस दौरान उन्होंने कई बच्चों का वजन भी कराया। इस दौरान रचना का वजन कम होने के कारण जिलाधिकारी ने बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए समुचित इलाज कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र सलारपुर में आयोजित वजन दिवस कार्यक्रम का निरीक्षण किया।
इस दौरान कार्यकर्ता शास्त्री सिंह बच्चों के साथ केंद्र पर मौजूद मिली। इस दौरान डीएम ने कार्यकर्ता से शत प्रतिशत बच्चों का वजन करने व गृह भ्रमण करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। भवन जर्जर होने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी को मरम्मत कराने का निर्देश दिया। मौके पर सीएमओ डॉ. बीके सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।