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Shravasti News: 45 गांवों की अब तक नहीं हुई चकबंदी, किसान परेशान

Fri, 07 Jul 2023 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Fri, 07 Jul 2023 12:03 AM IST
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Consolidation of 45 villages not yet done, farmers upset
श्रावस्ती। जिले के 45 राजस्व गांव में आज तक चकबंदी नहीं कराई गई है। ऐसे में यहां के किसानों के खेत छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटे हैं। क्षेत्र के ज्यादातर किसानों को अपने भूमि की हद तक का पता न होने से परेशानी उठाना पड़ रही है। वह चाह कर भी अपने खेत में कोई स्थाई कार्य नहीं करा पाते हैं।
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जिले में 1975 के पूर्व चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। इस दौरान करीब 45 गांव चकबंदी प्रक्रिया से अछूते रह गए थे। इनमें रामपुर कोडरी, हुसैनपुर खुरहुरी, रामपुर जब्दी, सिरसिया, लेंगड़ीगूलर, रायपुर बिलेला, रामपुर त्रिभोना, प्रहलादा, दामू पुरवा, कुड़वा, बांसगढ़ी, घुमना व तिघरवा सहित जमुनहा के 36 राजस्व ग्राम शामिल हैं। जहां आज तक चकबंदी प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई।
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ऐसे में इन गांवों के किसानों के खेत न सिर्फ छोटे छोटे टुकड़ों में बंटे हैं। बल्कि खेत तक जाने के लिए रास्ता न होने के कारण आए दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न रहती है। तमाम ऐसे भी किसान हैं जिनको अपने खेत की हद भी पता नहीं है। जिस खेत के वह मालिक हैं उसे कोई और जोत बो रहा है। जबकि वह किसी और के खेत में फसल उगा रहे हैं।
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ऐसे में किसान अपने खेतों में बोरिंग व पौधरोपण करने से भी कतराते हैं। जिससे न तो उन्हें बेहतर पैदावार मिल रही है और न ही वह अपने खेत में कोई स्थाई काम ही कर पा रहे हैं।

पूरी हो चकबंदी प्रक्रिया तो दूर हो समस्या
देखा जाए तो चकबंदी न होने के कारण किसानों के खेत कई खंडों में बंटे हैं। कहीं वह दस बीघा तो कहीं दो चार बिसवा के जोतार हैं। जहां जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है। अपनी भूमि की पैमाइश के लिए उन्हें कई गुना अधिक पैसा देना पड़ रहा है। इसके बाद भी उन्हें यह नहीं पता होता कि जिस खेत को वह जोत रहे हैं वह उनका है अथवा नहीं। इनमें तमाम खेत ऊबड़-खाबड़ हैं। हदबंदी न होने से किसान चाहकर भी इनका समतलीकरण नहीं करा पा रहे हैं। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान न सिर्फ किसानों के टुकड़ों में बंटे खेत एकसाथ हो जाएंगे वरन सभी चकों को चकमार्ग से जोड़ना भी संभव हो सकेगा। इससे आए दिन होने वाले जमीन के विवादों से भी छुटकारा मिलेगा।

हदबरारी के लिए जमा करना पड़ रहा ज्यादा पैसा
घुमना निवासी किसान जोगी यादव, इतवारी व विद्याराम का कहना है कि राजस्व विभाग हदबरारी के लिए प्रति खाता संख्या एक हजार रुपये जमा कराता है। चकबंदी न होने के कारण पांच बीघे जोत के किसान के खेत बीस खंडों में बंटे हुए हैं। ऐस में उन्हें इसके लिए बीस हजार रुपये जमा करना होता है। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। बांसगढ़ी निवासी किसान राजितराम, ननकऊ मौर्य, बांके मौर्य व विनोद मिश्र का कहना है कि चकबंदी न होने से आज तक यही नहीं पता चल सका कि किसका स्थाई रूप से खेत कहां है। वहीं तमाम खेतों तक जाने का कोई रास्ता तक नहीं है।



दिसंबर 2022 में सभी डीएम व जिला उप संचालक चकबंदी को पत्र भेज कर जिन गांवों में एक भी बार चकबंदी नहीं हुई है, उन गांवों में चकबंदी कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। इसके बाद जिले के पांच ग्राम पंचायतों में चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई थी। शेष गांव किन कारणों से वंचित रह गए इसकी जांच करा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अमरेंद्र कुमार वर्मा, एडीएम
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