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बदली के बीच तेज हवा से बढ़ी ठिठुरन
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बश्रावस्ती। तराई में सामान्य रहा मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को अचानक बदल गया। सुबह से ही चल रही तेज बर्फीली हवा व आसमान पर बादल छाने के कारण ठंड काफी बढ़ गई। ऐसे में लोग गर्म कपड़ों में भी कंपकंपाते देखे गए। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद किसानों के चेहरे की हवाइयां उड़ने लगी हैं।
जिले में गुरुवार भोर से ही आसमान पर बादल छाए रहे। इस बीच लगातार चल रही बर्फीली हवा से ठिठुरन बढ़ती जा रही है। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर तराई में देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड से लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो रहा है। विद्यालय बंद होने के कारण छात्रों को भले ही राहत हो। लेकिन सरकारी कार्यालयों सहित न्यायालयों के सामान्य दिनों की भांति खुलने के कारण कर्मचारी व फरियादियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव के बाद जहां लोग गर्म कपड़ों में भी ठंड से कंपकंपाते नजर आ रहे हैं। वहीं मवेशियों का भी हाल बेहाल है। लगातार बढ़ती इस ठंड के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है। जिसका असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ रही ठंड से जहां ऊनी वस्त्र व इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर चहल पहल देखने को मिल रही है।
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वहीं अन्य दुकानों पर एक-दो ग्राहक ही नजर आ रहे हैं। तहसीलों में भी अधिवक्ता अपना काम छोड़ खुद को ठंड से बचाने के लिए अलाव का सहारा लेते देखे जा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सिरसिया व जमुनहा सहित राप्ती के कछार के क्षेत्रों की है। जहां लोग पूरे दिन अलाव तापते देखे जा रहे हैं। जिले का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इस बीच बरसात व बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है।
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जिले में गुरुवार भोर से ही आसमान पर बादल छाए रहे। इस बीच लगातार चल रही बर्फीली हवा से ठिठुरन बढ़ती जा रही है। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर तराई में देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड से लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो रहा है। विद्यालय बंद होने के कारण छात्रों को भले ही राहत हो। लेकिन सरकारी कार्यालयों सहित न्यायालयों के सामान्य दिनों की भांति खुलने के कारण कर्मचारी व फरियादियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव के बाद जहां लोग गर्म कपड़ों में भी ठंड से कंपकंपाते नजर आ रहे हैं। वहीं मवेशियों का भी हाल बेहाल है। लगातार बढ़ती इस ठंड के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है। जिसका असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ रही ठंड से जहां ऊनी वस्त्र व इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर चहल पहल देखने को मिल रही है।
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वहीं अन्य दुकानों पर एक-दो ग्राहक ही नजर आ रहे हैं। तहसीलों में भी अधिवक्ता अपना काम छोड़ खुद को ठंड से बचाने के लिए अलाव का सहारा लेते देखे जा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सिरसिया व जमुनहा सहित राप्ती के कछार के क्षेत्रों की है। जहां लोग पूरे दिन अलाव तापते देखे जा रहे हैं। जिले का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इस बीच बरसात व बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है।