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Shravasti News: ई रिक्शा पर ढो रहे नौनिहाल, जिम्मेदार अनजान
Sat, 11 Apr 2026 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:37 AM IST
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तुलसीपुर में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर जाता ई रिक्शा।
- फोटो : तुलसीपुर में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर जाता ई रिक्शा।
श्रावस्ती/इकौना/तुलसीपुर। नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर जिले के जिम्मेदार विभाग कितने सजग हैं, इसका उदाहरण रोज सुबह सड़क पर फर्राटा भरने वाले स्कूली वाहनों में देखने को मिलता है। स्कूल संचालक रोज शासन-प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा मानकों का गला घोटते नजर आते हैं। लापरवाही का हाल यह है कि कई खटारा व बिना फिटनेस वाले वाहन व ई रिक्शा बच्चों को ओवरलोड तरीके से ढो रहे हैं। यहां तक की ड्राइवर सीट पर तीन-तीन बच्चों को बैठाया जा रहा है। वहीं एआरटीओ व शिक्षा विभाग के जिम्मेदार इन्हें नजरंदाज करते नजर आते हैं।
वैन का आगे का हिस्सा पिचका, विद्यालय का नाम नदारद
शासन की ओर से स्कूली वाहनों में खिड़कियों में क्षैतिज ग्रिल को अनिवार्य किया गया है। साथ ही सीट के नीचे बैग रखने की जगह, फिटनेस, सीट की क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाने आदि का प्रावधान है। बावजूद इसके शुक्रवार को इकौना कस्बे में बच्चों को बैठाकर फर्राटा भर रहे एक स्कूली वाहन पर खिड़की ग्रिल गायब रही। ग्रिल के स्थान पर पर्दा लगा दिखा। यही नहीं वाहन का अगला हिस्सा पिचका दिखा और वाहन से स्कूल का नाम भी नदारद रहा। आपातकाल में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी लिखा नहीं मिला।
ई रिक्शे में बैठे नजर आए 10 नौनिहाल
नौनिहालों की सुरक्षा के लिए शासन की ओर से सीट और वाहन क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाने का आदेश है। बावजूद इसके शुक्रवार को तुलसीपुर में बच्चों को ले जा रहा एक ई रिक्शा 10 नौनिहाल को बैठाए दिखा। लापरवाही का हाल यह रहा कि ड्राइवर सीट पर तीन बच्चे बैठे व एक बच्चा बैग लेकर खड़ा दिखा। वहीं ई रिक्शे में नौनिहालों को गिरने से बचाने के लिए कोई ग्रिल या रस्सी भी बंधी नजर नहीं आई। जबकि ई रिक्शे में बैठने वाले बच्चे 6 से 10 साल की उम्र के रहे।
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विद्यालयों के वाहनों का सत्यापन कराकर शपथ पत्र लिया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। ई रिक्शा में बच्चों को बैठाकर ले जाने व मानकों का पालन न करने के संबंध में अलग से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। -विनीत कुमार मिश्रा, एआरटीओ
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वैन का आगे का हिस्सा पिचका, विद्यालय का नाम नदारद
शासन की ओर से स्कूली वाहनों में खिड़कियों में क्षैतिज ग्रिल को अनिवार्य किया गया है। साथ ही सीट के नीचे बैग रखने की जगह, फिटनेस, सीट की क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाने आदि का प्रावधान है। बावजूद इसके शुक्रवार को इकौना कस्बे में बच्चों को बैठाकर फर्राटा भर रहे एक स्कूली वाहन पर खिड़की ग्रिल गायब रही। ग्रिल के स्थान पर पर्दा लगा दिखा। यही नहीं वाहन का अगला हिस्सा पिचका दिखा और वाहन से स्कूल का नाम भी नदारद रहा। आपातकाल में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी लिखा नहीं मिला।
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ई रिक्शे में बैठे नजर आए 10 नौनिहाल
नौनिहालों की सुरक्षा के लिए शासन की ओर से सीट और वाहन क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाने का आदेश है। बावजूद इसके शुक्रवार को तुलसीपुर में बच्चों को ले जा रहा एक ई रिक्शा 10 नौनिहाल को बैठाए दिखा। लापरवाही का हाल यह रहा कि ड्राइवर सीट पर तीन बच्चे बैठे व एक बच्चा बैग लेकर खड़ा दिखा। वहीं ई रिक्शे में नौनिहालों को गिरने से बचाने के लिए कोई ग्रिल या रस्सी भी बंधी नजर नहीं आई। जबकि ई रिक्शे में बैठने वाले बच्चे 6 से 10 साल की उम्र के रहे।
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विद्यालयों के वाहनों का सत्यापन कराकर शपथ पत्र लिया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। ई रिक्शा में बच्चों को बैठाकर ले जाने व मानकों का पालन न करने के संबंध में अलग से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। -विनीत कुमार मिश्रा, एआरटीओ