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इइसी सप्ताह फिर मुख्यमंत्री का हो सकता दौरा
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मुख्यमंत्री का दौरा निरस्त होने के बाद भिनगा स्टेडियम में बने पंडाल में सेल्फी लेते व मौजूद लोग
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा सोमवार को जिले में था, लेकिन अचानक दौरा निरस्त हो गया। इसके चलते कई करोड़ की लागत से तैयार मंच व अन्य तैयारियां केवल शो पीस बन कर रह गईं। वेंडर अपना टेंट सहित अन्य सामान उजाड़ने वाले ही थे कि मुख्यमंत्री का दौरा फिर इसी सप्ताह होने का संकेत प्रशासन को मिला है। इसी के बाद अब टेंट लगाने वाले वेंडरों में ऊहापोह की स्थिति है कि वह एक सप्ताह प्रतीक्षा करें या फिर करोड़ों रुपये बिना भुगतान के वापस लौट जाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा जिले में सोमवार को था। इस दौरान उनके द्वारा 22,483.58 करोड़ की करीब 32 परियोजनाओं का शिलान्यास करना था। जबकि 16,561.13 करोड़ की 55 योजनाओं का लोकार्पण किया जाना था। इस मौके पर 20 लाभार्थियों को जिसमें आवास, शौचालय, ओडीओपी, कृषि अन्नप्रासन के लोग शामिल थे। उन्हें सम्मानित किया जाना था। लेकिन अचानक रविवार देर रात मुख्यमंत्री का दौरा स्थगित हो गया। जिसके चलते करीब डेढ़ करोड़ की लागत से तैयार किया गया टेंट मंच के साथ करीब 1200 की संख्या में सुरक्षा के लिए बुलाए गए पुलिस कर्मी व विभागों की ओर से की गई तैयारियों पर किए गए खर्च बेकार साबित हो रहे हैं।
सोमवार सुबह जिस मंच से योजनाओं की घोषणाएं होनी थीं वहां युवा व अन्य लोग सेल्फी ले रहे थे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना न मिलने के कारण कुछ महिलाएं व पुरुष मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए आए। लेकिन यहां जब उन्हें पूरा पंडाल खाली मिला तो वह मंच सहित अन्य स्थलों पर जाकर अपना फोटो खींचने लगे। यही सिलसिला दिन भर चला। लेकिन सबसे अधिक ऊहापोह की स्थिति में टेंट लगाने वाला वेंडर रहा। उसे यह नहीं समझ आ रहा था कि कार्यक्रम निरस्त होने के बाद वह टेंट उखाड़े या फिर कोई दूसरे विकल्प का इंतजार करे।
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इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को इसी सप्ताह मुख्यमंत्री का पुन: कार्यक्रम जिले में लगने का संकेत मिला है। यह संकेत महज जुबानी है। लेकिन संकेत को भी आधार मानकर अब प्रशासन अपनी पुरानी तैयारी को चुस्त दुरुस्त बनाए रखना चाहता है। वहीं वेंडर इस ऊहापोह में है कि वह एक सप्ताह रुक कर मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा करे या फिर अपना टेंट समेट कर घर जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा जिले में सोमवार को था। इस दौरान उनके द्वारा 22,483.58 करोड़ की करीब 32 परियोजनाओं का शिलान्यास करना था। जबकि 16,561.13 करोड़ की 55 योजनाओं का लोकार्पण किया जाना था। इस मौके पर 20 लाभार्थियों को जिसमें आवास, शौचालय, ओडीओपी, कृषि अन्नप्रासन के लोग शामिल थे। उन्हें सम्मानित किया जाना था। लेकिन अचानक रविवार देर रात मुख्यमंत्री का दौरा स्थगित हो गया। जिसके चलते करीब डेढ़ करोड़ की लागत से तैयार किया गया टेंट मंच के साथ करीब 1200 की संख्या में सुरक्षा के लिए बुलाए गए पुलिस कर्मी व विभागों की ओर से की गई तैयारियों पर किए गए खर्च बेकार साबित हो रहे हैं।
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सोमवार सुबह जिस मंच से योजनाओं की घोषणाएं होनी थीं वहां युवा व अन्य लोग सेल्फी ले रहे थे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना न मिलने के कारण कुछ महिलाएं व पुरुष मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए आए। लेकिन यहां जब उन्हें पूरा पंडाल खाली मिला तो वह मंच सहित अन्य स्थलों पर जाकर अपना फोटो खींचने लगे। यही सिलसिला दिन भर चला। लेकिन सबसे अधिक ऊहापोह की स्थिति में टेंट लगाने वाला वेंडर रहा। उसे यह नहीं समझ आ रहा था कि कार्यक्रम निरस्त होने के बाद वह टेंट उखाड़े या फिर कोई दूसरे विकल्प का इंतजार करे।
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इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को इसी सप्ताह मुख्यमंत्री का पुन: कार्यक्रम जिले में लगने का संकेत मिला है। यह संकेत महज जुबानी है। लेकिन संकेत को भी आधार मानकर अब प्रशासन अपनी पुरानी तैयारी को चुस्त दुरुस्त बनाए रखना चाहता है। वहीं वेंडर इस ऊहापोह में है कि वह एक सप्ताह रुक कर मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा करे या फिर अपना टेंट समेट कर घर जाए।