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नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में भाजपा की गोष्ठी में जुटी भीड़
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श्रावस्ती। भाजपा जिला इकाई की ओर से नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में बुधवार को पार्टी कार्यालय भिनगा में एक गोष्ठी की गई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ने किया। गोष्ठी में मुख्यातिथि के रूप में पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विशिष्ट अतिथि के रूप से पूर्व सांसद, श्रावस्ती विधायक व मंडल प्रवासी मौजूद रहीं। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सीएए को लेकर विपक्षी दल लोगों को भड़का रहे हैं।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक जो धार्मिक रूप से उत्पीड़न सह रहे है, उनके लिए उजाले की किरण है। इस कानून का विरोध विपक्षी दल और उनके क्षेत्रीय सहयोगी दल कर रहे है। अपने इस कृत्य से विपक्षी दल देश में धर्म आधारित तुष्टिकरण की राजनीति फिर शुरू करना चाहते हैं।
देश में अराजकता का माहौल बनाने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की ओर से जनता के बीच कानून को लेकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने दोनों सदनों में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह कानून किसी तरह से नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है। यह कानून नए भारत को जमीन पर उतारने का प्रयास है। धार्मिक आधार पर भेदभाव करना शर्मनाक है। जब विभाजन हुआ तब हमारे पड़ोसी मुल्क में 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक थे।
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जो आज घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गए हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत में अल्पसंख्यक का मान सम्मान और सर्वांगीण विकास हुआ। उसका प्रमाण हैं कि भारत के शीर्ष पदों पर चाहे वो राष्ट्रपति हो, उप राष्ट्रपति हो, प्रमुख मंत्री रहे हो या देश की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण आईबी चीफ का पद हो। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विपक्षी दल अल्पसंख्यक समाज के भीतर भय का वातावरण बनाकर अपनी तुष्टिकरण व बांटों और राज करो की राजनीति साधना चाहती है।
विपक्षी स्वयं भी जानते है कि इस कानून से किसी भी भारतवासी की नागरिकता नहीं जायेगी। फिर भी वह गलत तथ्य पेशकार, लोगों को भड़काकर उस समुदाय की छवि को खराब करने व देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष संजय कैराती ने कहा कि हमें विपक्षियों को देश की एकता और सौहार्द तथा गंगा जमुनी तहजीब को तोड़ने की योजना में सफल नहीं होने देना है।
हम अपने मुस्लिम भाइयों को इस कानून की पूरी जानकारी तथ्यों के साथ बताएं। गोष्ठी को पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय व मंडल प्रवासी पुष्पा चौधरी ने भी संबोधित किया। गोष्ठी का संचालन दिवाकर शुक्ला ने किया। इस मौके पर विनोद शुक्ल, शंकर दयाल पांडेय, उदय त्रिपाठी, संजू तिवारी, पंकज मिश्र, वीरेश मिश्रा, पाटेश्वरी मिश्रा, ओम प्रकाश द्विवेदी, विनोद साहू सहित जिले व मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक जो धार्मिक रूप से उत्पीड़न सह रहे है, उनके लिए उजाले की किरण है। इस कानून का विरोध विपक्षी दल और उनके क्षेत्रीय सहयोगी दल कर रहे है। अपने इस कृत्य से विपक्षी दल देश में धर्म आधारित तुष्टिकरण की राजनीति फिर शुरू करना चाहते हैं।
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देश में अराजकता का माहौल बनाने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की ओर से जनता के बीच कानून को लेकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने दोनों सदनों में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह कानून किसी तरह से नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है। यह कानून नए भारत को जमीन पर उतारने का प्रयास है। धार्मिक आधार पर भेदभाव करना शर्मनाक है। जब विभाजन हुआ तब हमारे पड़ोसी मुल्क में 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक थे।
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जो आज घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गए हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत में अल्पसंख्यक का मान सम्मान और सर्वांगीण विकास हुआ। उसका प्रमाण हैं कि भारत के शीर्ष पदों पर चाहे वो राष्ट्रपति हो, उप राष्ट्रपति हो, प्रमुख मंत्री रहे हो या देश की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण आईबी चीफ का पद हो। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विपक्षी दल अल्पसंख्यक समाज के भीतर भय का वातावरण बनाकर अपनी तुष्टिकरण व बांटों और राज करो की राजनीति साधना चाहती है।
विपक्षी स्वयं भी जानते है कि इस कानून से किसी भी भारतवासी की नागरिकता नहीं जायेगी। फिर भी वह गलत तथ्य पेशकार, लोगों को भड़काकर उस समुदाय की छवि को खराब करने व देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष संजय कैराती ने कहा कि हमें विपक्षियों को देश की एकता और सौहार्द तथा गंगा जमुनी तहजीब को तोड़ने की योजना में सफल नहीं होने देना है।
हम अपने मुस्लिम भाइयों को इस कानून की पूरी जानकारी तथ्यों के साथ बताएं। गोष्ठी को पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय व मंडल प्रवासी पुष्पा चौधरी ने भी संबोधित किया। गोष्ठी का संचालन दिवाकर शुक्ला ने किया। इस मौके पर विनोद शुक्ल, शंकर दयाल पांडेय, उदय त्रिपाठी, संजू तिवारी, पंकज मिश्र, वीरेश मिश्रा, पाटेश्वरी मिश्रा, ओम प्रकाश द्विवेदी, विनोद साहू सहित जिले व मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।