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शिक्षकों से न लिया जाए डाटा फीडिंग का काम
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श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों से डाटा फीडिंग का कार्य लिया जा रहा है। साथ ही डीबीटी के माध्यम से भेजी जाने वाली धनराशि के आहरण में भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इससे क्षुब्ध शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षा संघ के प्रांतीय आवाहन पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ब्लाक इकाई सिरसिया द्वारा ब्लाक संसाधन केंद्र सिरसिया पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को संबोधित एक ज्ञापन भी खंड शिक्षाधिकारी सिरसिया को सौंपा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि बेसिक शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूता मोजा दिया जाना है। खातों में धनराशि भेजने के लिए संपूर्ण डाटा एवं अभिभावकों का बैंक खाता एवं आधार फीड कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अभिभावकों का खाता आधार से लिंक है अथवा नहीं, यदि नहीं तो कराया जाए।
इस कार्य को करने में शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि प्रदेश के करीब 20 प्रतिशत शिक्षक ऐसे हैं जिनको एंड्रॉयड फोन चलाना नहीं आता है। विभागीय स्तर पर भी इस कार्य के लिे कोई भी संसाधन अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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नाराज शिक्षकों ने कहा कि लिपिकीय संवर्ग का कार्य शिक्षकों से कराया जा रहा है। इस लिए जब तक विभाग द्वारा इस कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराते हुए समुचित प्रशिक्षण नहीं कराया जाता, तब तक सभी तरह के कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन कार्य का सिरसिया विकास क्षेत्र के शिक्षक बहिष्कार करेंगे। इसके बाद भी मांग पूरी न होने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि बेसिक शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूता मोजा दिया जाना है। खातों में धनराशि भेजने के लिए संपूर्ण डाटा एवं अभिभावकों का बैंक खाता एवं आधार फीड कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अभिभावकों का खाता आधार से लिंक है अथवा नहीं, यदि नहीं तो कराया जाए।
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इस कार्य को करने में शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि प्रदेश के करीब 20 प्रतिशत शिक्षक ऐसे हैं जिनको एंड्रॉयड फोन चलाना नहीं आता है। विभागीय स्तर पर भी इस कार्य के लिे कोई भी संसाधन अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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नाराज शिक्षकों ने कहा कि लिपिकीय संवर्ग का कार्य शिक्षकों से कराया जा रहा है। इस लिए जब तक विभाग द्वारा इस कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराते हुए समुचित प्रशिक्षण नहीं कराया जाता, तब तक सभी तरह के कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन कार्य का सिरसिया विकास क्षेत्र के शिक्षक बहिष्कार करेंगे। इसके बाद भी मांग पूरी न होने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।