{"_id":"5d8e3f6a8ebc3e016025fbdc","slug":"article-370-and-35a-were-a-source-of-terror-srawasti-news-lko483889383","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंक का पोषक रहा अनुच्छेद 370 व 35ए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंक का पोषक रहा अनुच्छेद 370 व 35ए
विज्ञापन
भाजपा द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते शिक्षा मंत्री व मौजूद लोग।
- फोटो : SRAWASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। भाजपा की ओर से भिनगा में राष्ट्रीय एकता अभियान के तहत अनुच्छेद 370 व 35ए की समाप्ति पर जनजागरण एवं प्रबुद्ध गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री व विशिष्ट अतिथि के रूप अवध क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष तथा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
गोष्ठी में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि आजादी के समय सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों का विलय भारत में कराकर देश को विशाल स्वरूप प्रदान किया। कश्मीर रियासत का पूर्ण विलय न कर अनुच्छेद 370 की दीवार खड़ी कर दी गई। अनुच्छेद 370 से अलगाववाद व आतंकवाद का पोषण होता रहा।
कश्मीर के राजनीतिक घराने व अलगाववादी फलते फूलते रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में इसे हटाकर नामुमकिन को मुमकिन में बदल दिया। आज पाकिस्तान बिलबिला है, परंतु पूरा विश्व भारत के पक्ष में खड़ा है। अब बात सिर्फ पीओके की हो रही है। जिसे एक न एक दिन भारत में मिलना है।
विज्ञापन
कश्मीर की समस्या पाकिस्तान की दी हुई समस्या नहीं थी, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व के न होने के अभाव से कमजोर निर्णयों का फल था। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं रहेंगे कहकर 1951 में जनसंघ की स्थापना की। कश्मीर को अखंड भारत का हिस्सा बनाने के लिए अपना बलिदान दिया।
गोष्ठी को अवध क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुमारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष किसान मोर्चा चंद्रभान सिंह, जिलाध्यक्ष शंकर दयाल पांडेय, जिलाप्रभारी रमाकांत तिवारी, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा व सरबजीत सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संजय कैराती, संजू तिवारी, रमन सिंह, पंकज मिश्रा, बुद्धिसागर यादव, परशुराम त्रिपाठी, उदय प्रकाश त्रिपाठी, रणबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गोष्ठी में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि आजादी के समय सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों का विलय भारत में कराकर देश को विशाल स्वरूप प्रदान किया। कश्मीर रियासत का पूर्ण विलय न कर अनुच्छेद 370 की दीवार खड़ी कर दी गई। अनुच्छेद 370 से अलगाववाद व आतंकवाद का पोषण होता रहा।
विज्ञापन
कश्मीर के राजनीतिक घराने व अलगाववादी फलते फूलते रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में इसे हटाकर नामुमकिन को मुमकिन में बदल दिया। आज पाकिस्तान बिलबिला है, परंतु पूरा विश्व भारत के पक्ष में खड़ा है। अब बात सिर्फ पीओके की हो रही है। जिसे एक न एक दिन भारत में मिलना है।
विज्ञापन
कश्मीर की समस्या पाकिस्तान की दी हुई समस्या नहीं थी, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व के न होने के अभाव से कमजोर निर्णयों का फल था। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं रहेंगे कहकर 1951 में जनसंघ की स्थापना की। कश्मीर को अखंड भारत का हिस्सा बनाने के लिए अपना बलिदान दिया।
गोष्ठी को अवध क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुमारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष किसान मोर्चा चंद्रभान सिंह, जिलाध्यक्ष शंकर दयाल पांडेय, जिलाप्रभारी रमाकांत तिवारी, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा व सरबजीत सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संजय कैराती, संजू तिवारी, रमन सिंह, पंकज मिश्रा, बुद्धिसागर यादव, परशुराम त्रिपाठी, उदय प्रकाश त्रिपाठी, रणबीर सिंह आदि मौजूद रहे।