बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

बाढ़ से बचाव की सभी व्यवस्थाएं रहें दुरुस्त

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:12 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट स्थित तथागत सभागार में रविवार को संभावित बाढ़ को लेकर राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ डीएम ने बैठक की। इस दौरान डीएम ने कहा कि संभावित बाढ़ एवं अतिवृष्टि को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े सभी अधिकारी अपनी कार्य योजना विगत वर्षों आई बाढ़ के अनुभव के आधार पर तैयार कर लें। जिससे यदि अचानक बाढ़ आती है तो तत्काल बाढ़ पीड़ितों को राहत एवं सहायता प्रदान की जा सके। विगत वर्षों में आई बाढ़ में कितने गांव प्रभावित हुए थे। उन गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से वार्ता करके सुझाव के आधार पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तैयारी की जाए।
विज्ञापन

बैठक में जिलाधिकारी टीके शिबु ने कहा कि सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं। जिससे बाढ़ के दौरान तत्काल बाढ़ पीड़ितों की मदद कर उन्हें सुरक्षित किया जा सके। आपदा के दौरान सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करके बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। विगत वर्षों में आई बाढ़ के दौरान कितने क्यूसेक पानी बाढ़ में आया था। उसके आधार पर राहत एवं बचाव कार्य के सभी तैयारियां करें। वैज्ञानिकों ने इस बार अच्छी बारिश की संभावना व्यक्त किया है। जिन बंधों एवं स्पर का कार्य अधूरा है अथवा मरम्मत कार्य चल रहा है। उसे युद्ध स्तर पर बरसात से पूर्व ही पूरा कराने का डीएम ने निर्देश दिया।

अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड को निर्देश दिया है कि वह जिले में स्थापित सभी बांधों व स्परों का बारीकी से अपने टीम के साथ निरीक्षण करके देख लें। यदि कहीं मरम्मत की जरूरत है तो तत्काल करवा दें। साथ ही संवेदनशील बांधों पर पैनी नजर रखें । सभी उप जिलाधिकारी बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव में राहत शिविर की स्थापना अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती नाव एवं नाविक की सूची ब्लॉक एवं ग्राम आपदा प्रबंधन समिति का गठन, जीवनरक्षक उपकरण, मोटरवोट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। सभी बंधों पर पर्याप्त बोल्डर, बालू की बोरी, नाइलान एवं जियायीक्रेट की व्यवस्था करें। बाढ़ क्षेत्र में बिजली के खंभे एंव तारों को मजबूत करें। बाढ़ आने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था भी करें। राहत वितरण व खाद्य सामग्री के पैकेट आदि वितरण के संबंध में जो निविदा पास हुई है, उन फर्मों को भी संबंधित व्यवस्थाएं करने के लिए बता दिया जाए।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश मातन हेलिया को निर्देश दिया कि सभी 18 बाढ़ चैकियों पर स्वास्थ्य टीम की व्यवस्था के साथ बरसात के दिनों में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए तैयारियां कर लें। साथ ही यदि किसी को बाढ़ के दौरान सांप काटे तो उनसे बचाव के लिए वैक्सीन सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाए। पशुओं को चारे की कोई दिक्कत न होने पाए। इसके लिए भूसा का इंतजाम करने के साथ ही पशुओं को बीमारियों के बचाव के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण करा दें। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बाढ़ क्षेत्र के सभी पात्र व्यक्तियों का बीमा करें। साथ ही बाढ़ आने की दशा में वैकल्पिक धान एवं अन्य बीजों की व्यवस्था रखें।
बैठक एडीएम योगानंद पांडे, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट परीक्षित खटाना, एसडीएम प्रवेंद्र कुमार, आरपी चैधरी, आशुतोष कुमार, राजेश कुमार मिश्र, तहसीलदार राजकुमार पांडे, अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी आरपी राना, भूमि संरक्षण अधिकारी शिशिर वर्मा, आपदा सलाहकार गफ्फार हुमायुं सहित एनडीआरएफ टीम के निरीक्षक व एसएसबी के अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ से निपटने की यह है व्यवस्था
जिलाधिकारी ने कहा कि पहले से ही कम्यूनिकेशन प्लान तैयार कर लिया जाए। राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहले से ही एनडीआरएफ की 11 बटालियन टीम बनारस से जिले में आ चुकी है। जिसके टीम कमांडर प्रिय रंजन है। इस टीम में चार मोटरबोट, सोलह लाइफबॉय रिंग, 24 लाइफ जैकेट, एक टावर लाइट, 12 कटिंग यंत्र, एक आपदा प्रबंधन किट व एक शेल्टर टेंट है। ये कंपनी वर्षा ऋतु तक यहीं रहेगी तथा संभावित आपदा आने पर मदद के लिए तत्पर रहेगी।
यह भी की गई तैयारी
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ऐसे गांव जहां पर बाढ़ के आने की प्रबल संभावना रहती है। इन गांवों में निवासरत 910 व्यक्तियों की सूची बनायी गई है। संभावित आपदा आने के दौरान पहले ही उनके नंबर पर संदेश भेज कर अलर्ट कर दिया जायेगा। डीपीआरओ किरन को निर्देश दिया गया है कि जिले के विद्यालयों में स्थापित शौचालयों एवं पेयजल के लिए स्थापित हैंडपंप वाले स्थलों की सफाई कराए। दोनो नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को पेयजल के लिए टैंकर की बेहतर ढंग से सफाई कराने को कहा गया है। ताकि बाढ़ के दौरान स्थापित शरणालयों में पेयजल के लिए टैंकर भेजा जा सके।
जलस्तर पर रखेंगे निगाह
सभी एसडीएम, तहसीलदार व नोडल अधिकारियों सहित बाढ़ चैकी प्रभारियों को राप्ती के घटते व बढ़ते जलस्तर पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्हें नाव और नाविकों की सूची एवं उनका मोबाइल नंबर, स्कूलों में तैनात रसोईया, सफाईकर्मी, रोजगार सेवक एवं गांवों में तैनात अन्य कर्मचारियों की भी सूची एवं मोबाइल नंबर अपडेट रखने को कहा गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर इनकी सहायता ली जा सके।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X