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Shravasti News: सूर्यास्त के बाद व सूर्योदय से पूर्व महिला की नहीं हो सकती गिरफ्तारी
Fri, 14 Apr 2023 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 14 Apr 2023 11:32 PM IST
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मोतीपुर पंचायत भवन में आयोजित विधिक शिविर में मौजूद ग्रामीण व महिलाएं
श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सिरसिया के सीमावर्ती मोतीपुर कला ग्राम के पंचायत भवन में बृहस्पतिवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज ने अनुसूचित जनजाति के लोगों व महिलाओं के लिए बनाए गए कानून के बारे में जानकारी दी।
सचिव व अपर जिला जज रामचंद्र यादव ने कहा कि जनजातियों के लिए जहां तमाम योजनाएं संचालित हैं। कानून में उन्हें कुछ विशेष अधिकार भी मिले हैं। जिसके तहत पीड़ित लोगों को क्षतिपूर्ति देने का प्राविधान है। इस दौरान महिला अधिकार, शिक्षा का अधिकार व पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के बारे में जानकारी देते हुए उनकी समस्याएं सुनकर संबंधितों को निराकरण का निर्देश भी दिया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में योगदान दे रही हैं। कुछ वजहों के चलते उन्हें कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी होगी तो वे किसी भी प्रताड़ना को सहने से पहले उसके खिलाफ आवाज उठा सकती हैं। भारतीय नागरिक प्रक्रिया संहिता के अनुसार यदि किसी महिला आरोपी को सूर्यास्त यानी शाम 6 बजे के बाद या सूर्योदय यानी सुबह 6 बजे से पहले गिरफ्तार किया जाता है तो वह भी कानून के खिलाफ है।
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धारा 160 के अनुसार अगर किसी महिला से पूछताछ भी करनी है तो उसके लिए एक महिला कांस्टेबल या उस महिला के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी होना जरूरी है। यदि किसी महिला का उसके कार्यालय अथवा कार्य स्थल पर शारीरिक या यौन उत्पीड़न किया जाता है तो आरोपी के खिलाफ महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। शिविर को बीडीओ सिरसिया रामबरन सहित कई अन्य ने संबोधित किया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण व महिलाएं मौजूद रहीं।
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सचिव व अपर जिला जज रामचंद्र यादव ने कहा कि जनजातियों के लिए जहां तमाम योजनाएं संचालित हैं। कानून में उन्हें कुछ विशेष अधिकार भी मिले हैं। जिसके तहत पीड़ित लोगों को क्षतिपूर्ति देने का प्राविधान है। इस दौरान महिला अधिकार, शिक्षा का अधिकार व पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के बारे में जानकारी देते हुए उनकी समस्याएं सुनकर संबंधितों को निराकरण का निर्देश भी दिया।
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उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में योगदान दे रही हैं। कुछ वजहों के चलते उन्हें कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी होगी तो वे किसी भी प्रताड़ना को सहने से पहले उसके खिलाफ आवाज उठा सकती हैं। भारतीय नागरिक प्रक्रिया संहिता के अनुसार यदि किसी महिला आरोपी को सूर्यास्त यानी शाम 6 बजे के बाद या सूर्योदय यानी सुबह 6 बजे से पहले गिरफ्तार किया जाता है तो वह भी कानून के खिलाफ है।
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धारा 160 के अनुसार अगर किसी महिला से पूछताछ भी करनी है तो उसके लिए एक महिला कांस्टेबल या उस महिला के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी होना जरूरी है। यदि किसी महिला का उसके कार्यालय अथवा कार्य स्थल पर शारीरिक या यौन उत्पीड़न किया जाता है तो आरोपी के खिलाफ महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। शिविर को बीडीओ सिरसिया रामबरन सहित कई अन्य ने संबोधित किया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण व महिलाएं मौजूद रहीं।