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77 गांवों में बाढ़ का खतरा, 260 बीघा फसल कटी

Sat, 22 Aug 2020 09:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 09:27 PM IST
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77 villages flood threat, 260 bigha crop cut
श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से पंद्रह सेंटीमीटर ऊपर स्थिर बना हुआ था। जो रात में पांच सेंटीमीटर और बढ़ कर 127.90 मीटर पर पहुंच गया। बढ़े जलस्तर के बाद कछार के 77 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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नदी की लहरें कछार के खेतों को जलमग्न करते हुए धीरे धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। शनिवार को करीब 260 बीघा फसल नदी की धारा में समा गई। इसकी जानकारी के बाद संभावित क्षेत्र का डीएम ने जायजा लिया। जहां मौजूद मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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जिले में भले ही बरसात न हो रही हो लेकिन नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के बाद राप्ती की लहरों ने जमुनहा के राप्ती बैराज पर शुक्रवार को ही लाल निशान पार कर लिया था। वहीं शनिवार को नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर और बढ़ जाने से कछार में बसे करीब 77 गांव में बाढ़ व कटान का खतरा बढ़ गया है।
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नदी के बढ़े जलस्तर के कारण उसकी लहरें खेत खलिहान को जलमग्न करते हुए अब गांवों की ओर बढ़ने लगी है। नदी के बढ़े जलस्तर के कारण भिनगा मल्हीपुर मार्ग स्थित मधवापुर घाट के निकट मुख्य मार्ग के कटने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही नदी अपने किनारे पर स्थित करीब 260 बीघा फसल सहित खेत को काट कर अपनी धारा में मिला चुकी है।
नदी के बढ़े जलस्तर व तेज हुई कटान को देख कर कछार वासियों की धड़कने तेज हो गई हैं। कछार के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर निकलने के लिए अपने घरों में रखा सामान समेट रहे हैं।
अति संवेदनशील गांवों का डीएम ने लिया जायजा
श्रावस्ती। राप्ती के बढ़े जलस्तर के बाद कछार के निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसकी सूचना के बाद जिलाधिकारी ने मातहतों के साथ संभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कटान प्रभावित क्षेत्र में चल रहे बचाव कार्यों की स्थिति भी देखी। वहां मौजूद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया।
जिलाधिकारी टीके शिबू ने शनिवार को संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले अतिसंवेदनशील गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मिलकर उनका हाल भी जाना। लोगों से कहा कि पूर्व वर्षों के अनुभव के आधार पर आप लोग सतर्क रहें। कलेक्ट्रेट में 24 घंटे बाढ़ कंट्रोल रूम संचालित है। सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं नोडल अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गये है।

उन्होंने गिलौला के रमनगरा व इकौना के सिसवारा घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों व ठेकेदारों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उनके साथ एडीएम योगानंद पांडेय, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड विनोद गुप्ता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता सहित संबंधित क्षेत्र के ग्राम सचिव व लेखपाल मौजूद रहे।
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