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बाढ़ से घिरे 70 गांव, 126 बीघा खेत राप्ती में समाए

Fri, 21 Aug 2020 03:05 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 03:05 PM IST
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70 villages surrounded by floods, 126 bigha fields are covered in Rapti
श्रावस्ती। नेपाल सहित पहाड़ों पर हुई बरसात के बाद गुरुवार को राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बैराज पर राप्ती की लहरों ने खतरे का निशान पार कर लिया। इससे नदी का पानी कछार के खेतों को जलमग्न करता हुआ तेजी से गांव तक पहुंचने लगा है। जिसे देख कछारवासियों की धड़कने तेज हो गई। हालांकि दोपहर बाद नदी का जलस्तर अचानक घटने लगा।
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जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं घटते बढ़ते जलस्तर के साथ नदी की लहरों ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। जिससे फसल सहित 126 बीघा खेत नदी की धारा में समाहित हो गए। 70 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। वहीं कई जगह पर संपर्क मार्ग कट जाने से कई गांवों का आवागमन भी बाधित हो गया है।
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जिले में अपेक्षित बरसात न होने के कारण भले ही कई क्षेत्रों में धान के खेत सूख रहे हैं। लेकिन नेपाल सहित पहाड़ों पर बुधवार हुई मूसलाधार बरसात के बाद राप्ती का जलस्तर मध्य रात से अचानक बढ़ने लगा है। गुरुवार सुबह आठ बजे राप्ती की लहरों ने लक्ष्मनपुर बैराज पर खतरे का निशान 127.70 को पार कर लिया। यहां नदी का जलस्तर 127.90 मीटर मापा गया।
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जो खतरे के निशान से बीस सेमी. अधिक था। इसके साथ ही नदी का पानी तेजी से कछार में खेतों को जलमग्न करता हुआ गांवों में पहुंचने लगा है। जिससे जमुनहा व हरिहरपुरानी क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से घिर गए। जिसे देख कछार वासियों की धड़कने तेज हो गई। लोग सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अपने सामान सहेजने लगे।
इसी बीच दोपहर बारह बजे से नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा। जो दो बजे 127.80 मीटर पर पहुंच गया। जिसे देख कछार वासियों ने राहत की सांस ली। हाला कि करीब 70 गांवों में अब भी बाढ़ का पानी खेतों में तेजी से बह रहा है। वहीं घटते व बढ़ते जलस्तर के साथ ही राप्ती की लहरें अपने किनारों पर कटान तेज कर दिया है। जिससे नौ गांवों में करीब 126 बीघा कृषि भूमि फसल सहित नदी की धारा में विलीन हो गई। जहां अब भी कटान जारी है। जिसे देख किसान परेशान हैं।
नदी के जलस्तर की स्थिति
राप्ती बैराज पर गुरुवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 127.85 मीटर था। आठ बजे 127.90 मीटर पहुंच गया। इसके बाद 11 बजे तक राप्ती का जलस्तर स्थिर रहा। वहीं दोपहर 12 बजे नदी घटने लगी। इसी के साथ जलस्तर 127.85 मीटर पर आ गया। दोपहर दो बजे जलस्तर 127.80 मीटर पर स्थिर रहा।
यह गांव बने टापू, जलमग्न हुए खेत
राप्ती के बढ़ते जलस्तर के कारण जमुनहा क्षेत्र में सर्रा, उतमापुर, भवसाये, केढ़ीपुरवा, नरायन पुरवा, मिसिरपुरवा, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया, बरुआ, पिपरहवा, शिकारी, घाटे पुरवा, असरफा सहित करीब 70 गांव में खेत खलिहान पूरी तरह से जलमग्र हो गए। जहां गांव जाने वाले मार्गों पर बाढ़ का पानी आ जाने से गांव टापू बने हुए है।

यहां तेजी से कटान कर रही नदी
जमुनहा के शिकारी, वीरपुर लौकिहा, असरफा, बंदरहा बाबा सहित कछार के नौ गांवों में राप्ती तेजी से कटान कर रही है। जहां 126 बीघा कृषि भूमि फसल सहित कटकर राप्ती की धारा में विलीन हो चुकी है। इसके साथ ही जमुनहा के जोगिया जाने वाली सड़क, सर्रा गांव, मुरावन पुरवा, भुड़कुलवा में संपर्क मार्ग कट जाने से आवागमन बाधित हो गया है।
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