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3393 किसानों को मिला 1.34 करोड़ का मुआवजा

Sat, 13 Nov 2021 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 11:48 PM IST
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3393 farmers got compensation of 1.34 crores
श्रावस्ती। बाढ़ व जलभराव से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अब तक 13587 किसानों को पात्र चिह्नित किया गया है। इसमें से 3393 किसानों को अब तक आपदा से निपटने को 1.34 करोड़ की मुआवजा राशि का भुगतान हो गया है जबकि बाकी पात्र मुआवजे के इंतजार में हैं।
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बाढ़ व जलभराव की आपदा के कारण जमुनहा, सिरसिया, हरिहरपुररानी व इकौना का क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। जिला प्रशासन के स्तर पर कराए गए सर्वे सत्यापन के बाद अभी तक 13587 किसानों को नुकसान के भरपाई के लिए निर्धारित पात्रता की श्रेणी में पाया गया है। इसमें से 3393 किसानों के खातों में मुआवजा राशि का जमा भी करा दिया गया है। बाकी किसान या तो सर्वे के इंतजार में है या फिर मुआवजे की राह देख रहे हैं।
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बदली सर्वे व भुगतान की प्रक्रिया
इससे पूर्व नुकसान की भरपाई के लिए किए जाने वाले सर्वे आफ लाइन हुआ करते थे। लेखापाल सर्वे करके इसकी रिपोर्ट तहसील को देता था। वहां से यह आपदा काउंटर कलेक्ट्रेट में आता था। इसके बाद किसानों के खाते में पैसा भेजा जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। इसे आसान बनाने के लिए अब लेखपाल सर्वे करके उसे आनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर प्रभारी एडीएम के डोंगल से वेरीफाई कराने के बाद सीधे मुआवजा राशि दिलवाने को ट्रेजरी भेजकर किसानों के खाते में भुगतान करा दिया जाता है।
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लेखपाल के स्तर पर हो रहा विलंब
सर्वे कार्य जिले में धीमा है। इसका कारण लेखपाल का कंप्यूटर व मोबाइल फ्रेंडली न होना है। आपदा पोर्टल पर डाटा फीड करने के लिए लेखपालों को किसी का सहयोग लेना पड़ता है। वहीं सर्वे मेंभी क्षेत्र बड़ा होने के कारण विलंब होता है। जिसके चलते जिले में प्रभावित किसानों के सापेक्ष अभी आधे की भी फीडिग नहीं हो पाई है।

बाढ़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। लेखपाल की जिम्मेदारी है कि वह नुकसान का सर्वे कर उसे पोर्टल पर फीड करें। इसके लिए किसानों को किसी भी तरह की कोई भागदौड़ नहीं करनी होती। यदि किसी क्षेत्र में ठीक से सर्वे नहीं हो पा रहा है या अन्य कोई समस्या आ रही है तो किसान सीधे संपर्क कर सकते हैं । -कमलेश चंद्र, एडीएम
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