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सूखे से 30 तो बारिश से 50 फीसदी फसलों को नुकसान
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श्रावस्ती। जिले में आई बाढ़ व अतिवृष्टि के कारण फसलों को करीब 50 फीसदी नुकसान हो सकता है। जो सूखे की अपेक्षा 20 प्रतिशत अधिक है। नुकसान से बचने के लिए किसान तत्काल अपने खेतों में जमा पानी निकाल दें। जिससे उन्हें कुछ फायदा हो सकता है।
जिले में विगत तीन दिनों से हो रही बरसात से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। फसल अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. विनय कुमार के अनुसार बाढ़ व जलप्लावित क्षेत्रों में अगेती प्रजाति के धान को 80 प्रतिशत नुकसान हो सकता है। जो धान की फसल गिर गई है। उनको नुकसान पहुंचना तय है। उनकी बाली काली पड़ जाएगी। जिसे मंडी में भी उचित मूल्य नहीं मिलेगा। वहीं पिछड़ी प्रजाति की धान की फसल को 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। अरहर की फसल को 25 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि सब्जियों की फसलों को 40 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ व अतिवृष्टि का गन्ने की फसल पर ज्यादा प्रभाव नहीं होगा। जिन किसानों ने तोरिया व सरसों की बोआई कर दिया है।
यदि उन खेतों में जलभराव अथवा बाढ़ का पानी आया है तो इन किसानों को दोबारा बोआई करनी होगी। सूखे से जिले में फसल को 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था। जबकि बाढ़ व अतिवृष्टि से फसलों को करीब 50 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान रविवार से मौसम सामान्य होने के तुरंत बाद अरहर, मक्का, दलहनी व तिलहनी फसलों के खेतों का पानी गन्ना व धान के खेतों की ओर काट कर निकाल दें। इससे उन्हें फायदा मिल सकता है।
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जिले में विगत तीन दिनों से हो रही बरसात से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। फसल अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. विनय कुमार के अनुसार बाढ़ व जलप्लावित क्षेत्रों में अगेती प्रजाति के धान को 80 प्रतिशत नुकसान हो सकता है। जो धान की फसल गिर गई है। उनको नुकसान पहुंचना तय है। उनकी बाली काली पड़ जाएगी। जिसे मंडी में भी उचित मूल्य नहीं मिलेगा। वहीं पिछड़ी प्रजाति की धान की फसल को 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। अरहर की फसल को 25 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि सब्जियों की फसलों को 40 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ व अतिवृष्टि का गन्ने की फसल पर ज्यादा प्रभाव नहीं होगा। जिन किसानों ने तोरिया व सरसों की बोआई कर दिया है।
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यदि उन खेतों में जलभराव अथवा बाढ़ का पानी आया है तो इन किसानों को दोबारा बोआई करनी होगी। सूखे से जिले में फसल को 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था। जबकि बाढ़ व अतिवृष्टि से फसलों को करीब 50 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान रविवार से मौसम सामान्य होने के तुरंत बाद अरहर, मक्का, दलहनी व तिलहनी फसलों के खेतों का पानी गन्ना व धान के खेतों की ओर काट कर निकाल दें। इससे उन्हें फायदा मिल सकता है।
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