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मिले भूमि तो जमुनहा में स्थापित हो 220 केवीए उपकेंद्र
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श्रावस्ती। जमुनहा तहसील क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। समस्या के निराकरण के लिए जमुनहा बाजार में 220 केवीए विद्युत उपकेंद्र निर्माण के लिए जिला प्रशासन से बिजली निगम ने भूमि मांगी थी। जिसे मुहैया न कराए जाने के कारण उपकेंद्र निर्माण अधर में लटका हुआ है। ऐसे में क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आपूर्ति बहाल होने के बाद भी उसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जमुनहा क्षेत्र के गांवों की विद्युत आपूर्ति आज भी बहराइच जिले के सहारे हैं। बहराइच से मिलने वाली विद्युत आपूर्ति से 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र बंजारनपुरवा (उल्लहवा) द्वारा क्षेत्र को आपूर्ति देने के लिए तिवारीगांव, जमुनहा, मल्हीपुर, तुलसीपुर व इंडोटच फीडर संचालित है। जिनकी लंबाई करीब 22 से 25 किलोमीटर होने के कारण क्षेत्र के करीब 30 हजार उपभोक्ता बिजली की लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं लाइनें काफी लंबी होने के कारण आए दिन फाल्ट भी आती रहती है। जिसे दुरुस्त करने में घंटों समय लगता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को रोस्टर की आधी बिजली भी नसीब नहीं होती है। जो आपूर्ति मिल भी रही है। वह भी लो वोल्टेज के कारण न मिलने के समान ही रहता है।
ऐसे में क्या व्यापारी क्या किसान और क्या छात्र-छात्राएं अथवा आमजन सभी वर्गों को परेशान देखा जा रहा है। इस समस्या से निजात के लिए बिजली निगम द्वारा जमुनहा बाजार में 220 केवीए उपकेंद्र निर्माण कराया जाना है। इसके लिए एक अप्रैल 2022 से बिजली निगम द्वारा जिलाधिकारी को कई बार पत्र भेज कर करीब पांच एकड़ नि:शुल्क भूमि की मांग की जा रही है। इसके बावजूद तहसील प्रशासन भूमि मुहैया नहीं करा पा रहा है। जिससे क्षेत्रवासी लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
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दूर हो लो-वोल्टेज की समस्या तो मिले राहत
फतेहपुर बनगई के मजरा बनगई निवासी पूर्व शिक्षक राम करन शर्मा बताते हैं कि उन्होंने 5 वर्ष पूर्व अपने खेत में ट्यूबवेल लगवाया था। लो-वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल न चलने से खेत में लगी फसल को नुकसान पहुंच रहा है। बरगदहा निवासिनी रोमा जायसवाल का कहना है कि भीषण उमस भरी गर्मी से हाल बेहाल रहता है। आपूर्ति बहाल होने के बावजूद न तो इनवर्टर चार्ज होता है और न ही पंखा व कूलर ही गर्मी से राहत दिला पाता है। व्यापारी आशाराम जायसवाल बताते हैं कि लो वोल्टेज के कारण बिजली के सहारे चलने वाले कु़टीर उद्योग लगभग बंद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। वहीं व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। यदि जमुनहा में उपकेंद्र का निर्माण हो जाए तो क्षेत्र वासियों की समस्या का पटाक्षेप हो जाएगा।
डीएम को भेजा गया है पत्र, जल्द दूर होगी समस्या
मेरी ओर से कई बार डीएम को पत्र भेजा जा चुका है। डीएम की ओर से एसडीएम को कई बार भूमि उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। भूमि मिलते ही उपकेंद्र निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। -डीपी सिंह अधिशाषी अभियंता विद्युत
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जमुनहा क्षेत्र के गांवों की विद्युत आपूर्ति आज भी बहराइच जिले के सहारे हैं। बहराइच से मिलने वाली विद्युत आपूर्ति से 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र बंजारनपुरवा (उल्लहवा) द्वारा क्षेत्र को आपूर्ति देने के लिए तिवारीगांव, जमुनहा, मल्हीपुर, तुलसीपुर व इंडोटच फीडर संचालित है। जिनकी लंबाई करीब 22 से 25 किलोमीटर होने के कारण क्षेत्र के करीब 30 हजार उपभोक्ता बिजली की लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं लाइनें काफी लंबी होने के कारण आए दिन फाल्ट भी आती रहती है। जिसे दुरुस्त करने में घंटों समय लगता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को रोस्टर की आधी बिजली भी नसीब नहीं होती है। जो आपूर्ति मिल भी रही है। वह भी लो वोल्टेज के कारण न मिलने के समान ही रहता है।
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ऐसे में क्या व्यापारी क्या किसान और क्या छात्र-छात्राएं अथवा आमजन सभी वर्गों को परेशान देखा जा रहा है। इस समस्या से निजात के लिए बिजली निगम द्वारा जमुनहा बाजार में 220 केवीए उपकेंद्र निर्माण कराया जाना है। इसके लिए एक अप्रैल 2022 से बिजली निगम द्वारा जिलाधिकारी को कई बार पत्र भेज कर करीब पांच एकड़ नि:शुल्क भूमि की मांग की जा रही है। इसके बावजूद तहसील प्रशासन भूमि मुहैया नहीं करा पा रहा है। जिससे क्षेत्रवासी लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
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दूर हो लो-वोल्टेज की समस्या तो मिले राहत
फतेहपुर बनगई के मजरा बनगई निवासी पूर्व शिक्षक राम करन शर्मा बताते हैं कि उन्होंने 5 वर्ष पूर्व अपने खेत में ट्यूबवेल लगवाया था। लो-वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल न चलने से खेत में लगी फसल को नुकसान पहुंच रहा है। बरगदहा निवासिनी रोमा जायसवाल का कहना है कि भीषण उमस भरी गर्मी से हाल बेहाल रहता है। आपूर्ति बहाल होने के बावजूद न तो इनवर्टर चार्ज होता है और न ही पंखा व कूलर ही गर्मी से राहत दिला पाता है। व्यापारी आशाराम जायसवाल बताते हैं कि लो वोल्टेज के कारण बिजली के सहारे चलने वाले कु़टीर उद्योग लगभग बंद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। वहीं व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। यदि जमुनहा में उपकेंद्र का निर्माण हो जाए तो क्षेत्र वासियों की समस्या का पटाक्षेप हो जाएगा।
डीएम को भेजा गया है पत्र, जल्द दूर होगी समस्या
मेरी ओर से कई बार डीएम को पत्र भेजा जा चुका है। डीएम की ओर से एसडीएम को कई बार भूमि उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। भूमि मिलते ही उपकेंद्र निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। -डीपी सिंह अधिशाषी अभियंता विद्युत