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13 सौ उपासकों ने की विश्व शांति की कामना
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कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को बुद्धम् शरणम् गच्छाम् िके उद्घोष से गूंजायमान रही। विभिन्न देशों से आए 1300 उपासकों ने विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की।
इस दौरान दल के सदस्यों ने तपोस्थली के विभिन्न मूमेंटों का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी भी ली। बौद्ध तपोस्थली बुधवार को अनुयायियों से गुलजार रही।
विश्व शांति की कामना के लिए थाईलैंड से 200, कोरिया से 150, श्रीलंका से 300, वर्मा से 150 सहित 500 अन्य सदस्यीय दल बौद्ध तपोस्थली पहुंचा।
दल के सदस्यों ने स्वयं व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कुटुंब के कल्याण व विश्व शांति के लिए आनंद बोधि व गंध कुटि पर विशेष प्रार्थना की। सदस्यों ने चीवर दान भी किया गया।
इसके पश्चात दल में मौजूद सदस्यों ने आनंद बोधि, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, सूर्य कुंड, सभामंडप, आनंद भवन, राहुल कुटी, संघाराम बिहार, अंगुलिमाल स्तूप आदि मूमेंटों का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी ली।
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इस दौरान बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो ने भगवान बुद्ध के जीवन चरित्र के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अनुयायियों की ओर से किए गए उद्घोष के कारण समूची तपोस्थली बुद्धम् शरणम् गच्छाम् िसे गूंजायमान रही।
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इस दौरान दल के सदस्यों ने तपोस्थली के विभिन्न मूमेंटों का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी भी ली। बौद्ध तपोस्थली बुधवार को अनुयायियों से गुलजार रही।
विश्व शांति की कामना के लिए थाईलैंड से 200, कोरिया से 150, श्रीलंका से 300, वर्मा से 150 सहित 500 अन्य सदस्यीय दल बौद्ध तपोस्थली पहुंचा।
दल के सदस्यों ने स्वयं व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कुटुंब के कल्याण व विश्व शांति के लिए आनंद बोधि व गंध कुटि पर विशेष प्रार्थना की। सदस्यों ने चीवर दान भी किया गया।
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इसके पश्चात दल में मौजूद सदस्यों ने आनंद बोधि, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, सूर्य कुंड, सभामंडप, आनंद भवन, राहुल कुटी, संघाराम बिहार, अंगुलिमाल स्तूप आदि मूमेंटों का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी ली।
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इस दौरान बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो ने भगवान बुद्ध के जीवन चरित्र के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अनुयायियों की ओर से किए गए उद्घोष के कारण समूची तपोस्थली बुद्धम् शरणम् गच्छाम् िसे गूंजायमान रही।