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मानसून आने को कुछ ही दिन शेष, फिर भी नहीं हुए गड्ढा मुक्त मार्ग
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श्रावस्ती। तराई में मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। इसके बावजूद जर्जर मार्गों की मरम्मत नहीं कराई गई। वहीं, जबकि शासन द्वारा बरसात पूर्व ही मार्ग व उनकी पटरियों को गड्ढामुक्त बनाने का निर्देश दिया गया था। इतना ही नहीं विगत वर्ष हुई बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए मार्गों की भी मरम्मत नहीं हुई। ऐसे में क्षेत्रवासियों को बाढ़ व बरसात के दिनों में दुश्वारियां झेलनी पड़ सकती हैं।
शासन से लोक निर्माण विभाग को विगत वर्ष हुई बारिश व बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए मार्ग व उनकी पटरियों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया था। साथ ही बरसात से पूर्व सभी मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए गाइड लाइन भी जारी की गई थी। इतना ही नहीं बाढ़ व बारिश से जिन मार्गों को सर्वाधिक नुकसान हुआ था, उसका इस्टीमेट भी मांगा गया था। इसके बावजूद आदेश पर कोई अमल नहीं हुआ।
देखा जाए तो भिनगा-बहराइच मुख्य मार्ग खैरीमोड़ के निकट पूरी तरह से जर्जर है। यही हाल भिनगा-इकौना मार्ग का भी है जो अस्पताल तिराहा से सेमरी चौराहा तक खस्ताहाल है। भिनगा-परसा मार्ग, भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग, मथुराबाजार-बेचईपुरवा मार्ग, चिल्हरिया-राजपुर मार्ग, राजपुर मोड़ से भिनगा मार्ग, जमुनहा-बहराइच मार्ग, गिलौला-धनुही मार्ग, इकौना-विशेश्वरगंज मार्ग, मोहनीपुर-पयागपुर मार्ग, कटरा-खरगूपुर मार्ग, सेमगढ़ा मार्ग सहित अन्य मार्गों का हाल बेहाल है। इ
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नमें से ज्यादातर मार्गों की पटरियां भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ऐसे में बरसात के दिनों में वाहनों का पलटने का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। इसके बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग द्वारा इनकी मरम्मत कराई जा रही है और न ही जिला प्रशासन ही समस्या पर ध्यान दे रहा है। ऐसे में जब मानसून प्रदेश में कभी भी दस्तक दे सकता है तो लोगों को बदहाल मार्गों की चिंता सताने लगी है। इतना ही नहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत न होने से कछार वासियों की तत्काल राहत मिलने की उम्मीदों पर भी पानी फिर सकता है।
मार्गों की मरम्मत के लिए डीएम द्वारा निर्देश दिया जा चुका है। बरसात पूर्व मार्ग व पटरियों की मरम्मत करा ली जाएगी।
--योगानंद पांडे, अपर जिलाधिकारी
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शासन से लोक निर्माण विभाग को विगत वर्ष हुई बारिश व बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए मार्ग व उनकी पटरियों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया था। साथ ही बरसात से पूर्व सभी मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए गाइड लाइन भी जारी की गई थी। इतना ही नहीं बाढ़ व बारिश से जिन मार्गों को सर्वाधिक नुकसान हुआ था, उसका इस्टीमेट भी मांगा गया था। इसके बावजूद आदेश पर कोई अमल नहीं हुआ।
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देखा जाए तो भिनगा-बहराइच मुख्य मार्ग खैरीमोड़ के निकट पूरी तरह से जर्जर है। यही हाल भिनगा-इकौना मार्ग का भी है जो अस्पताल तिराहा से सेमरी चौराहा तक खस्ताहाल है। भिनगा-परसा मार्ग, भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग, मथुराबाजार-बेचईपुरवा मार्ग, चिल्हरिया-राजपुर मार्ग, राजपुर मोड़ से भिनगा मार्ग, जमुनहा-बहराइच मार्ग, गिलौला-धनुही मार्ग, इकौना-विशेश्वरगंज मार्ग, मोहनीपुर-पयागपुर मार्ग, कटरा-खरगूपुर मार्ग, सेमगढ़ा मार्ग सहित अन्य मार्गों का हाल बेहाल है। इ
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नमें से ज्यादातर मार्गों की पटरियां भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ऐसे में बरसात के दिनों में वाहनों का पलटने का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। इसके बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग द्वारा इनकी मरम्मत कराई जा रही है और न ही जिला प्रशासन ही समस्या पर ध्यान दे रहा है। ऐसे में जब मानसून प्रदेश में कभी भी दस्तक दे सकता है तो लोगों को बदहाल मार्गों की चिंता सताने लगी है। इतना ही नहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत न होने से कछार वासियों की तत्काल राहत मिलने की उम्मीदों पर भी पानी फिर सकता है।
मार्गों की मरम्मत के लिए डीएम द्वारा निर्देश दिया जा चुका है। बरसात पूर्व मार्ग व पटरियों की मरम्मत करा ली जाएगी।
--योगानंद पांडे, अपर जिलाधिकारी