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जेठ में बढ़ी बिजली की मांग तो और बढ़ी अघोषित बिजली कटौती
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श्रावस्ती। जेठ की तपती दोपहरी, उस पर से जिले में बिजली की होने वाली अघोषित कटौती। ऐसे आलम में यहां का हर नागरिक परेशान है। बिजली की बढ़ी मांग के बीच निगम द्वारा अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला बढ़ गया है। ऐसे में बार बार होने वाली बिजली कटौती के कारण हर वर्ग के उपभोक्ताओं की मुश्किल बढ़ती जा रही है।
गर्मी से राहत के लिए लोग पूरी तरह बिजली पर निर्भर हो रहे हैं। ऐसे में बिजली की बढ़ी मांग के कारण फीडर, ट्रांसफार्मर व विद्युत लाइनों पर अधिभार बढ़ा है। ऐसे में जहां फीडर बार-बार गर्म हो रहे हैं। वहीं विद्युत लाइनें भी टूट कर गिर रही हैं। इतना ही नहीं क्षमता से अधिक भार के कारण ट्रांसफार्मर भी फुंक रहे है। ऐसे में जहां फीडर को ठंडा करने के लिए आपूर्ति बाधित की जा रही है।
वहीं ट्रांसफार्मरों को बदलने तथा तारों को जोड़ने के लिए भी कटौती की जा रही है। इतना ही नहीं 33 केवीए उपकेंद्रों व 132 केवीए उपकेंद्र पर अधिभार होने के कारण बार बार बिजली निगम द्वारा कोड जारी कर जिले की आपूर्ति बाधित कराई जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को रोष्टर की साठ फीसदी आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है। अघोषित कटौती के कारण जहां लोग रात में चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। वहीं दिन में भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बाद भी निगम के जिम्मेदार अपनी कार्यशौली में बदलाव लाने को तैयार नहीं हैं।
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यह है रोष्टर, औसतन इतनी मिल रही आपूर्ति
मुख्यालय भिनगा के कलेक्ट्रेट फीडर, संयुक्त जिला चिकित्सालय फीडर व जवाहर नवोदय विद्यालय संभारपुरवा फीडर सहित बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती को 24 घंटे आपूर्ति देने का रोष्टर है। इसके सापेक्ष इन फीडरों को 18 से 19 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। वहीं भिनगा नगर को बीस घंटे के रोष्टर में सोलह घंटे, तहसील मुख्यालयों को 18 घंटे के रोष्टर में 14 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों को 16 घंटे के सापेक्ष 12 घंटे भी अबाध आपूर्ति नहीं मिल रही है।
यह भी है कारण
बिजली निगम द्वारा भिनगा नगर में विद्युत लाइनों को हटाकर एलटी केबल बिछाई जा रही है। ऐसे में विद्युत कर्मियों को केबल बदलने के लिए संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति दिन में कई बार बाधित करनी पड़ रही है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की भी है। जहां लाइन बदलने के नाम पर तो कटौती की ही जा रही है। बार-बार खराब ट्रांसफार्मर बदलने व लाइनों की मरम्मत के नाम पर कटौती की जा रही है।
परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि उनके द्वारा जितनी क्षमता का कनेक्सन लिया गया है। उतना ही बिजली का उपभोग करें। अधिभार के कारण समस्या आती है। जिसे दूर करने के लिए आपूर्ति बाधित करना पड़ता है।
रमाशंकर मौर्य अधिशाषी अभियंता विद्युत
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गर्मी से राहत के लिए लोग पूरी तरह बिजली पर निर्भर हो रहे हैं। ऐसे में बिजली की बढ़ी मांग के कारण फीडर, ट्रांसफार्मर व विद्युत लाइनों पर अधिभार बढ़ा है। ऐसे में जहां फीडर बार-बार गर्म हो रहे हैं। वहीं विद्युत लाइनें भी टूट कर गिर रही हैं। इतना ही नहीं क्षमता से अधिक भार के कारण ट्रांसफार्मर भी फुंक रहे है। ऐसे में जहां फीडर को ठंडा करने के लिए आपूर्ति बाधित की जा रही है।
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वहीं ट्रांसफार्मरों को बदलने तथा तारों को जोड़ने के लिए भी कटौती की जा रही है। इतना ही नहीं 33 केवीए उपकेंद्रों व 132 केवीए उपकेंद्र पर अधिभार होने के कारण बार बार बिजली निगम द्वारा कोड जारी कर जिले की आपूर्ति बाधित कराई जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को रोष्टर की साठ फीसदी आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है। अघोषित कटौती के कारण जहां लोग रात में चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। वहीं दिन में भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बाद भी निगम के जिम्मेदार अपनी कार्यशौली में बदलाव लाने को तैयार नहीं हैं।
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यह है रोष्टर, औसतन इतनी मिल रही आपूर्ति
मुख्यालय भिनगा के कलेक्ट्रेट फीडर, संयुक्त जिला चिकित्सालय फीडर व जवाहर नवोदय विद्यालय संभारपुरवा फीडर सहित बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती को 24 घंटे आपूर्ति देने का रोष्टर है। इसके सापेक्ष इन फीडरों को 18 से 19 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। वहीं भिनगा नगर को बीस घंटे के रोष्टर में सोलह घंटे, तहसील मुख्यालयों को 18 घंटे के रोष्टर में 14 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों को 16 घंटे के सापेक्ष 12 घंटे भी अबाध आपूर्ति नहीं मिल रही है।
यह भी है कारण
बिजली निगम द्वारा भिनगा नगर में विद्युत लाइनों को हटाकर एलटी केबल बिछाई जा रही है। ऐसे में विद्युत कर्मियों को केबल बदलने के लिए संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति दिन में कई बार बाधित करनी पड़ रही है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की भी है। जहां लाइन बदलने के नाम पर तो कटौती की ही जा रही है। बार-बार खराब ट्रांसफार्मर बदलने व लाइनों की मरम्मत के नाम पर कटौती की जा रही है।
परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि उनके द्वारा जितनी क्षमता का कनेक्सन लिया गया है। उतना ही बिजली का उपभोग करें। अधिभार के कारण समस्या आती है। जिसे दूर करने के लिए आपूर्ति बाधित करना पड़ता है।
रमाशंकर मौर्य अधिशाषी अभियंता विद्युत