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पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बने गंभीर, नहीं तो भुगतना पड़ेगा अंजाम
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श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गुरुवार को उमायल खुर्द के मजरा कोठार पुरवा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण व आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए आयोजित इस शिविर की शुरुआत प्राधिकरण सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
प्राधिकरण सचिव अपर्णा देव ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन मानव जीवन के लिए घातक है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण कर उसकी देखभाल करें। वृक्षों की कटान कदापि न करें। पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर व जटिल समस्या है। इसे रोकने के लिए 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें अधिक से अधिक पौधारोपण का प्रण लेना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधरोपण करना चाहिए। साथ ही समय-समय पर इनकी देखभाल करनी चाहिए। बदलते वैश्विक परिदृश्य में पर्यावरण को बचाने के लिए वृक्षों की कटाई न करने एवं प्रत्येक वर्ष अपने घरों के आसपास पौधे लगाकर उसे सुरक्षित रखना होगा।
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नायब तहसीलदार भिनगा राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब पर्यावरण संतुलित होगा तो बारिश भी समय पर होगी और जल संकट जैसी समस्या से भी बचा जा सकेगा। जब तक हम अपनी तरह पौधों की देखरेख नहीं करेंगे, पर्यावरण संतुलन की बात करना बेमानी है।
हमें चाहिए कि जिस तरह हम अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, ठीक उसी तरह पर्यावरण को बचाने के लिए पौधों की भी देखरेख करें। शिविर को अधिवक्ता विष्णु दत्त अस्थाना, अशोक कुमार सिंह, अभिमन्यु कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अंकुर तिवारी, सर्वेश कुमार चौधरी, ओम प्रकाश मिश्रा, मीना देवी व वंदना देवी आदि मौजूद रहीं।
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प्राधिकरण सचिव अपर्णा देव ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन मानव जीवन के लिए घातक है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण कर उसकी देखभाल करें। वृक्षों की कटान कदापि न करें। पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर व जटिल समस्या है। इसे रोकने के लिए 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था।
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें अधिक से अधिक पौधारोपण का प्रण लेना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधरोपण करना चाहिए। साथ ही समय-समय पर इनकी देखभाल करनी चाहिए। बदलते वैश्विक परिदृश्य में पर्यावरण को बचाने के लिए वृक्षों की कटाई न करने एवं प्रत्येक वर्ष अपने घरों के आसपास पौधे लगाकर उसे सुरक्षित रखना होगा।
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नायब तहसीलदार भिनगा राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब पर्यावरण संतुलित होगा तो बारिश भी समय पर होगी और जल संकट जैसी समस्या से भी बचा जा सकेगा। जब तक हम अपनी तरह पौधों की देखरेख नहीं करेंगे, पर्यावरण संतुलन की बात करना बेमानी है।
हमें चाहिए कि जिस तरह हम अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, ठीक उसी तरह पर्यावरण को बचाने के लिए पौधों की भी देखरेख करें। शिविर को अधिवक्ता विष्णु दत्त अस्थाना, अशोक कुमार सिंह, अभिमन्यु कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अंकुर तिवारी, सर्वेश कुमार चौधरी, ओम प्रकाश मिश्रा, मीना देवी व वंदना देवी आदि मौजूद रहीं।