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चादर पोशी के साथ दिकौली दरगाह मेले की हुई शुरुआत
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श्रावस्ती। सोनवा के दिकौली स्थित बड़े पुरुष की मजार पर चादर पोशी के साथ जेठ मेले की शुरूआत हो गई है। यहां आने वाले जायरीनों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने अपने स्तर से सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। यहां एक माह तक विशाल जेठ मेले का आयोजन होगा।
मान्यता है कि बहराइच के सैय्यद सलार मसूद गाजी की दरगाह में कोई भी मुराद तब तक पूरी नहीं होती, जब तक जायरीन दिकौली आकर गाजी के बड़े पिता बड़े पुरुष की मजार पर माथा नहीं टेकते। इसके तहत जायरीन को गाजी की दरगाह से पहले बड़े पुरुष की मजार पर हाजिरी लगानी होती है। दिकौली स्थित बड़े पुरुष की मजार पर चादर पोशी व माथा टेकने से पूर्व जायरीनों को स्नान कर पवित्र होना होता है।
इसके लिए दिकौली स्थित मुख्य सरयू नहर में पानी छोड़ने के साथ ही लोगों के स्नान के लिए बैरीकेडिंग कराई गई है। इसके साथ ही मेला परिसर में खोया पाया केंद्र भी बनाया गया है। जायरीनों को पेयजल आदि की समस्या न हो इसके लिए हैंडपंप मरम्मत के साथ ही नगर पंचायत इकौना से पानी का टैंकर भी लगाया गया है। इतना ही नहीं जायरीनों को धूप से बचाने के लिए टेंट आदि की व्यवस्था भी कराई गई है।
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यहां गुरुवार से जायरीन का आना प्रारंभ हो चुका है। जायरीन फजिर की नमाज के बाद से चादरपोशी कर अमन चैन की दुआ कर रहे हैं। इसके बाद लोग गाजी की दरगाह में हाजिरी लगाने के लिए रवाना हो रहे हैं। यहां सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिस कर्मियों को तैनात करने के साथ सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है।
आज से दिकौली होकर चलेंगी बसें
भिनगा बहराइच मुख्य मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बसें अब दरगाह स्थित बस स्टैंड तक नहीं जाएंगी। इन बसों का संचालन बहराइच के आसाम चौराहा से कराया जाएगा। इतना ही नहीं जायरीन की सुविधा के लिए बहराइच भिनगा मार्ग पर आने जाने वाली बसों का संचालन अब दिकौली होकर किया जाएगा। रविवार से प्राइवेट बसों के संचालन का कोई समय नहीं निर्धारित होगा। भिनगा बहराइच मार्ग पर चलने वाली बसे पूरे जेठ माह तक यात्रियों की सुविधा के अनुसार चलाई जाएंगी, जबकि निगम के बसों का संचालन पूर्ववत रहेगा।
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मान्यता है कि बहराइच के सैय्यद सलार मसूद गाजी की दरगाह में कोई भी मुराद तब तक पूरी नहीं होती, जब तक जायरीन दिकौली आकर गाजी के बड़े पिता बड़े पुरुष की मजार पर माथा नहीं टेकते। इसके तहत जायरीन को गाजी की दरगाह से पहले बड़े पुरुष की मजार पर हाजिरी लगानी होती है। दिकौली स्थित बड़े पुरुष की मजार पर चादर पोशी व माथा टेकने से पूर्व जायरीनों को स्नान कर पवित्र होना होता है।
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इसके लिए दिकौली स्थित मुख्य सरयू नहर में पानी छोड़ने के साथ ही लोगों के स्नान के लिए बैरीकेडिंग कराई गई है। इसके साथ ही मेला परिसर में खोया पाया केंद्र भी बनाया गया है। जायरीनों को पेयजल आदि की समस्या न हो इसके लिए हैंडपंप मरम्मत के साथ ही नगर पंचायत इकौना से पानी का टैंकर भी लगाया गया है। इतना ही नहीं जायरीनों को धूप से बचाने के लिए टेंट आदि की व्यवस्था भी कराई गई है।
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यहां गुरुवार से जायरीन का आना प्रारंभ हो चुका है। जायरीन फजिर की नमाज के बाद से चादरपोशी कर अमन चैन की दुआ कर रहे हैं। इसके बाद लोग गाजी की दरगाह में हाजिरी लगाने के लिए रवाना हो रहे हैं। यहां सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिस कर्मियों को तैनात करने के साथ सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है।
आज से दिकौली होकर चलेंगी बसें
भिनगा बहराइच मुख्य मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बसें अब दरगाह स्थित बस स्टैंड तक नहीं जाएंगी। इन बसों का संचालन बहराइच के आसाम चौराहा से कराया जाएगा। इतना ही नहीं जायरीन की सुविधा के लिए बहराइच भिनगा मार्ग पर आने जाने वाली बसों का संचालन अब दिकौली होकर किया जाएगा। रविवार से प्राइवेट बसों के संचालन का कोई समय नहीं निर्धारित होगा। भिनगा बहराइच मार्ग पर चलने वाली बसे पूरे जेठ माह तक यात्रियों की सुविधा के अनुसार चलाई जाएंगी, जबकि निगम के बसों का संचालन पूर्ववत रहेगा।