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तीन मौतो के बाद भी गरीब पर नहीं पसीजा डीएम का दिल
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श्रावस्ती। परेवपुर गांव में पहली सितंबर 2018 को बरसात के कारण मिट्टी से बना गरीब का मकान ढह गया था जिसके नीचे दबने से गरीब की पत्नी, एक नाती व एक नातिन की मौत हो गई थी।
डीएम को जब पता चला कि इस गरीब का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में होने के बावजूद वह वर्षों से चक्कर लगा रहा है तो उन्होंने आवास दिलाने का आश्वासन दिया।
इस घटना के पांच माह बाद भी गरीब ब्लॉक से लेकर कलेक्ट्रेट तक का चक्कर लगा रहा है। इसके बावजूद डीएम व बीडीओ का दिल गरीब की हालत को देख कर नहीं पसीजा।
गिलौला विकास खंड के परेवपुर में पहली सितंबर 2018 को दिन में ही भुसैली का मिट्टी का बना घर बरसात के कारण ढह गया था जिसमें दबने से उसके नाती सचिन (8) व नातिन रुचि (4) के साथ उसकी पत्नी सुशीला (50) की मौत हो गई थी। इसे लेकर पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल था।
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मौके पर पहुंचे डीएम दीपक मीणा को ग्रामीणों ने बताया था कि भुसैली का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में है। वह कई माह से ब्लॉक का चक्कर लगा रहा था लेकिन अक्सर उसे यह कहकर वापस कर दिया जाता था कि इंतजार करो, जल्द ही आवास मिल जाएगा।
इसी इंतजार के दौरान ही भुसैली के घर में हादसा हो गया और तीन लोगों की मौत हो गई। पत्नी व नातियों को खो चुके भुसैली को मौके पर पहुंचे डीएम ने आश्वस्त किया था कि उसे जल्द ही समस्त सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा जिसके लिए वह पात्र है। इस आश्वासन के बाद भी पांच माह बीत चुके हैं।
तब से भुसैली कभी डीएम आवास तो कभी गिलौला ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। हर बार खंड विकास अधिकारी गिलौला उसे देखते ही जल्द आवास दिलाने का आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
बरसात से गिरा मकान आज भी उसकी स्थिति बयां कर रहा है। भुसैली व उसका परिवार गांव में ही पल्ली तान कर रह रहा है। हल्की सी बरसात में यह घर भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
पूरा प्रकरण मुझे मालूम है। भुसैली पात्र है। उसका कोई भी व्यक्ति पात्रता सूची से नाम नहीं काट सकता। जल्द ही उसे आवास का लाभ मिलेगा।
-दीपक मीणा, डीएम
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डीएम को जब पता चला कि इस गरीब का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में होने के बावजूद वह वर्षों से चक्कर लगा रहा है तो उन्होंने आवास दिलाने का आश्वासन दिया।
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इस घटना के पांच माह बाद भी गरीब ब्लॉक से लेकर कलेक्ट्रेट तक का चक्कर लगा रहा है। इसके बावजूद डीएम व बीडीओ का दिल गरीब की हालत को देख कर नहीं पसीजा।
गिलौला विकास खंड के परेवपुर में पहली सितंबर 2018 को दिन में ही भुसैली का मिट्टी का बना घर बरसात के कारण ढह गया था जिसमें दबने से उसके नाती सचिन (8) व नातिन रुचि (4) के साथ उसकी पत्नी सुशीला (50) की मौत हो गई थी। इसे लेकर पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल था।
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मौके पर पहुंचे डीएम दीपक मीणा को ग्रामीणों ने बताया था कि भुसैली का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में है। वह कई माह से ब्लॉक का चक्कर लगा रहा था लेकिन अक्सर उसे यह कहकर वापस कर दिया जाता था कि इंतजार करो, जल्द ही आवास मिल जाएगा।
इसी इंतजार के दौरान ही भुसैली के घर में हादसा हो गया और तीन लोगों की मौत हो गई। पत्नी व नातियों को खो चुके भुसैली को मौके पर पहुंचे डीएम ने आश्वस्त किया था कि उसे जल्द ही समस्त सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा जिसके लिए वह पात्र है। इस आश्वासन के बाद भी पांच माह बीत चुके हैं।
तब से भुसैली कभी डीएम आवास तो कभी गिलौला ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। हर बार खंड विकास अधिकारी गिलौला उसे देखते ही जल्द आवास दिलाने का आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
बरसात से गिरा मकान आज भी उसकी स्थिति बयां कर रहा है। भुसैली व उसका परिवार गांव में ही पल्ली तान कर रह रहा है। हल्की सी बरसात में यह घर भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
पूरा प्रकरण मुझे मालूम है। भुसैली पात्र है। उसका कोई भी व्यक्ति पात्रता सूची से नाम नहीं काट सकता। जल्द ही उसे आवास का लाभ मिलेगा।
-दीपक मीणा, डीएम