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बेहतर पैदावारी के लिए फसलों पर ध्यान दें किसान ....
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श्रावस्ती। तराई में हुई रिमझिम बरसात फसलों के लिए फायदेमंद है। यदि किसान थोड़ा सा और ध्यान दें तो उन्हें बेहतर लाभ मिल सकता है। इसके लिए मौसम विभाग के नेशनल एग्रोमेंट द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया है कि मौसम विभाग के नेशलन एग्रोमेट द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि आने वाले दो सप्ताह में प्रदेश में सामान्य वर्षा होने की संभावना है।
ऐसे में किसान अपनी फसलों को रोगों से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतें। रबी फसलों में आवश्यकता के अनुसार ही सिंचाई करें। सरसों की फसल पर एफिड कीट का प्राकोप होने की संभावना है।
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क्लोरोपाइरीस 20 प्रतिशत ईसी एक लीटर प्रति हेक्टेयर अथवा मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एएल 500 एमएल प्रति हेक्टेयर घोलकर छिड़काव करें।
आलू की फसल को पाले एवं कोहरे से बचाव के लिए आवश्यतानुसार सिंचाई करें। साथ ही ब्लाइट डिसीज से बचाव के लिए 10 से 15 दिनों के अंतराल पर मैनकोजेब दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया है कि मौसम विभाग के नेशलन एग्रोमेट द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि आने वाले दो सप्ताह में प्रदेश में सामान्य वर्षा होने की संभावना है।
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ऐसे में किसान अपनी फसलों को रोगों से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतें। रबी फसलों में आवश्यकता के अनुसार ही सिंचाई करें। सरसों की फसल पर एफिड कीट का प्राकोप होने की संभावना है।
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क्लोरोपाइरीस 20 प्रतिशत ईसी एक लीटर प्रति हेक्टेयर अथवा मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिशत एएल 500 एमएल प्रति हेक्टेयर घोलकर छिड़काव करें।
आलू की फसल को पाले एवं कोहरे से बचाव के लिए आवश्यतानुसार सिंचाई करें। साथ ही ब्लाइट डिसीज से बचाव के लिए 10 से 15 दिनों के अंतराल पर मैनकोजेब दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।