{"_id":"5fa807e78ebc3e9b7b6a787a","slug":"11-tb-patients-found-in-campaign-srawasti-news-lko5492568158","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभियान में मिले 11 टीबी मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभियान में मिले 11 टीबी मरीज
विज्ञापन
श्रावस्ती। जिले में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान जारी है। अभियान के दौरान अब तक 402 संभावित मरीजों में 11 रोगी टीबी के मिले। अभियान की सफलता के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी ने भिनगा एवं भंगहा टीबी यूनिट का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान कार्य कर रही टीम के सभी सदस्यों को कार्य में शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में मिली खामियों को सुधारने को भी कहा।
सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान की हकीकत जांचने के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने टीबी यूनिट भिनगा एवं भंगहा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भिनगा नगर के मोहल्ला हनुमानगढ़ी में कार्य कर रही टीमों के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि टीम के सभी सदस्य को फिर से प्रशिक्षण की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने पर्यवेक्षक ब्रजेश यादव को निर्देशित किया।
वहीं खरगौरा में कार्य कर टीम नंबर पांच की ओर से 50 के सापेक्ष पांच घरों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि क्षय रोगी खोज अभियान में ऐसे मरीज जिन्हें दो सप्ताह से अधिक की खांसी या बुखार आ रहा है, उन्हें जांच के लिए प्रेरित करे। समाज में ऐसे लोगों की पहचान को छुपाना समाज के साथ घातक सिद्ध हो सकता है।
विज्ञापन
टीबी का अधूरा इलाज और घातक हो सकता है। यदि किसी भी बच्चे के गले में गिल्टी या उसका विकास रुका हुआ है तो उसे टीबी हो सकती है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अब तक 60 हजार एक सौ छियालिस लोगों का परीक्षण किया गया। इनमें से 402 संभावित में 11 मरीज चिह्नित किए गए। इस मौके पर जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान की हकीकत जांचने के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने टीबी यूनिट भिनगा एवं भंगहा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भिनगा नगर के मोहल्ला हनुमानगढ़ी में कार्य कर रही टीमों के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि टीम के सभी सदस्य को फिर से प्रशिक्षण की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने पर्यवेक्षक ब्रजेश यादव को निर्देशित किया।
विज्ञापन
वहीं खरगौरा में कार्य कर टीम नंबर पांच की ओर से 50 के सापेक्ष पांच घरों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि क्षय रोगी खोज अभियान में ऐसे मरीज जिन्हें दो सप्ताह से अधिक की खांसी या बुखार आ रहा है, उन्हें जांच के लिए प्रेरित करे। समाज में ऐसे लोगों की पहचान को छुपाना समाज के साथ घातक सिद्ध हो सकता है।
विज्ञापन
टीबी का अधूरा इलाज और घातक हो सकता है। यदि किसी भी बच्चे के गले में गिल्टी या उसका विकास रुका हुआ है तो उसे टीबी हो सकती है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अब तक 60 हजार एक सौ छियालिस लोगों का परीक्षण किया गया। इनमें से 402 संभावित में 11 मरीज चिह्नित किए गए। इस मौके पर जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।