{"_id":"5f19b4b98ebc3e63bd170e1a","slug":"100-bigha-fields-covered-in-rapti-srawasti-news-lko5321204121","type":"story","status":"publish","title_hn":"राप्ती में समाए 100 बीघा खेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राप्ती में समाए 100 बीघा खेत
विज्ञापन
श्रावस्ती। नेपाल सहित पहाड़ों पर बरसात थम गई है। ऐसे में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। ऐसे में घटते जलस्तर के साथ नदी की लहरों ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। नदी ने कछार के गांवों में करीब सौ बीघा कृषि भूमि काट कर अपनी धारा में मिला लिया। वहीं पहाड़ी नालों के सामान्य होने के बाद भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का पानी भी अब धीरे धीरे घट रहा है। वहीं लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप पर पानी का बहाव होने के कारण आवागमन अब भी प्रभावित है।
राप्ती का जलस्तर जमुनहा के राप्ती बैराज पर अब सामान्य हो चुका है। यहां नदी खतरे के निशान से नीचे आ चुकी है। वहीं कछार के गांवों की ओर बढ़ रहा नदी का पानी अब घट रहा है। ऐसे में घटते जल स्तर के कारण राप्ती की धाराओं ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। राप्ती की लहरों ने अपने कछार पर बसे इकौना के मनकौरा कोडरी से भूतहा नरायन जोत तक करीब सौ बीघा खेत फसल सहित अपनी धारा में मिला चुकी है।
मनिकौरा कोड़री गांव में नदी ने अयोध्या प्रसाद का 5 बीघा, रामअधार का 4 बीघा, बैजनाथ का 5 बीघा, मूने का 5 बीघा, राधेश्याम का 2 बीघा, मनीराम का 3 बीघा, सर्वजीत का 4 बीघा, हरिराम का 3 बीघा, छोटेलाल का 3 बीघा, हीरालाल का 3 बीघा, रक्षाराम का 3 बीघा, बच्चाराम का 3 बीघा, रामानंद का 7 बीघा, केदार का 6 बीघा, तिलकराम का 5 बीघा, रामचंद्र का 5 बीघा, टिल्लू का 4 बीघा खेत फसल सहित कटान कर लिया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही नदी ने अशरफ नगर, भेला गांव, झिरझिरवा, लाहौर कला, मल्हीपुर, मुनावर गांव, मोगल, पिपरहवा, हरिहरपुर, बारूहा, गुरहवा, गुरद्दत पुरवा आदि कई अन्य गांवों में भी कटान तेज कर दी है। जहां खेत सहित लोगों के घर नदी के निशाने पर हैं। जिसे देख ग्रामीण व किसान दहशत में आ गए हैं। वहीं पहाड़ों पर बरसात थमने के बाद पहाड़ी नालों सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी सामान्य हो रहा है।
इसके बावजूद जंगल का पानी अब भी भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप पर बह रहा है। जिससे मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन बाधित है। हालांकि राहगीर व दो पहिया वाहन किसी तरह से डिप पार कर रहे हैं।
विज्ञापन
राप्ती का जलस्तर जमुनहा के राप्ती बैराज पर अब सामान्य हो चुका है। यहां नदी खतरे के निशान से नीचे आ चुकी है। वहीं कछार के गांवों की ओर बढ़ रहा नदी का पानी अब घट रहा है। ऐसे में घटते जल स्तर के कारण राप्ती की धाराओं ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। राप्ती की लहरों ने अपने कछार पर बसे इकौना के मनकौरा कोडरी से भूतहा नरायन जोत तक करीब सौ बीघा खेत फसल सहित अपनी धारा में मिला चुकी है।
विज्ञापन
मनिकौरा कोड़री गांव में नदी ने अयोध्या प्रसाद का 5 बीघा, रामअधार का 4 बीघा, बैजनाथ का 5 बीघा, मूने का 5 बीघा, राधेश्याम का 2 बीघा, मनीराम का 3 बीघा, सर्वजीत का 4 बीघा, हरिराम का 3 बीघा, छोटेलाल का 3 बीघा, हीरालाल का 3 बीघा, रक्षाराम का 3 बीघा, बच्चाराम का 3 बीघा, रामानंद का 7 बीघा, केदार का 6 बीघा, तिलकराम का 5 बीघा, रामचंद्र का 5 बीघा, टिल्लू का 4 बीघा खेत फसल सहित कटान कर लिया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही नदी ने अशरफ नगर, भेला गांव, झिरझिरवा, लाहौर कला, मल्हीपुर, मुनावर गांव, मोगल, पिपरहवा, हरिहरपुर, बारूहा, गुरहवा, गुरद्दत पुरवा आदि कई अन्य गांवों में भी कटान तेज कर दी है। जहां खेत सहित लोगों के घर नदी के निशाने पर हैं। जिसे देख ग्रामीण व किसान दहशत में आ गए हैं। वहीं पहाड़ों पर बरसात थमने के बाद पहाड़ी नालों सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी सामान्य हो रहा है।
इसके बावजूद जंगल का पानी अब भी भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप पर बह रहा है। जिससे मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन बाधित है। हालांकि राहगीर व दो पहिया वाहन किसी तरह से डिप पार कर रहे हैं।