फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   1.5 degree minimum temperature

1.5 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान

Wed, 22 Jan 2020 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन
1.5 degree minimum temperature
श्रावस्ती। तराई में मंगलवार की रात ठंड बढ़ने से लोग बेहाल रहे। बर्फीली हवाओं के कारण रात का न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 1.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं घने कोहरे के कारण सुबह करीब दस बजे तक वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। इससे दोपहर तक लोग ठंड से कांपते नजर आए। वहीं दोपहर बाद निकली गुलाबी धूप ने लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत दिलाई।
विज्ञापन

तराई में पश्चिमोत्तर बर्फीली हवाओं का कहर जारी है। मंगलवार की दोपहर में खिली धूप ने भले ही मौसम सुहाना कर दिया था लेकिन लगातार चल रही पश्चिमोत्तर हवा के कारण शाम से समूचा जिला एक बार फिर घने कोहरे की चपेट में आ गया, जो बुधवार की सुबह दोपहर तक छाया रहा।
विज्ञापन

इस दौरान दृश्यता दस मीटर होने के कारण जहां रात में वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वहीं दिन में सुबह दस बजे तक वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। इस दौरान कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण जिले में रात को पाला गिरा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके चलते रात का न्यूनतम तापमान घट कर डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं ठिठुरन काफी बढ़ जाने के कारण लोगों को दोपहर तक ठंड से कांपते देखा गया। इससे बचने के लिए लोग न सिर्फ खुद को गर्म कपड़े में लपेटे नजर आए, बल्कि राहत के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश दिखे।
कड़ाके की ठंड से इंसान ही नहीं मवेशी भी ठिठुरते रहे। दोपहर बाद कोहरे की चादर चीर कर निकली गुलाबी धूप ने लोगों को राहत दिलाई। ऐसे में धूप देख लोग घरों से बाहर निकल आए।
इस बारे में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि मौसम के मिजाज में उतार चढ़ाव का क्रम जारी रहेगा। रात में कोहरे व पाले के कारण सुबह शाम ठिठुरन रहेगी। दिन में धूप निकलने की संभावना जताई जा रही है।
जिले में विगत एक दशक में इतनी ठंड नहीं पड़ी, जितनी इस वर्ष पड़ रही है। इसके बावजूद प्रशासन को अलाव जलवाने की याद नहीं आई। भले ही जिले का न्यूनतम तापमान डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया हो, फिर भी न तो भिनगा व इकौना नगर प्रशासन की ओर से अलाव जलवाया जा रहा है, और न ही तहसील अथवा जिला प्रशासन की ओर से।

पहले प्रशासनिक अधिकारी राजस्व लेखपालों की हड़ताल की बात कह अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति ले रहे थे। वहीं बाद में मौसम सामान्य होने की बात कहते रहे। अब जब जिले में सुबह शाम व रात में ठंड का प्रकोप चरम पर है, तब भी कहीं पर अलाव की आंच देखने को नहीं मिली। ऐसे में मेहनत मजदूरी के लिए नगरीय क्षेत्रों में आने वाले मजदूरों, रिक्सा चालकों व गरीबों को ठंड से कांपते देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed