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चिलचिलाती गर्मी में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल
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शामली क्षेत्र के गांव टिटौली में प्राइमरी स्कूल में बिना बिजली के गर्मी में बैठे छात्र-छात्राएं?
- फोटो : SHAMLI
शामली। सरकारी स्कूलों में तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के शासन-प्रशासन के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। जिले में तापमान 43 डिग्री तक पहुंच रहा है और सरकारी विद्यालयों में नौनिहाल चिलचिलाती गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ रही है। ज्यादातर स्कूलों में बिजली न आने की शिकायत है, तो किसी का भवन जर्जर होने की वजह से बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ना पड़ता है। स्कूलों में पंखे चलाने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं है। छात्र ही नहीं शिक्षक-शिक्षिकाएं खुद भी पंखे न चलने से परेशान होते हैं। ऐसे में वे स्कूल के बरामदे में बच्चों को बैठाकर पढ़ाते हैं। जिले में 1476 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। ज्यादातर स्कूलों में यह समस्या है। इस ओर शासन प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कतई ध्यान नहीं है।
1.10 लाख बकाया पर विद्युत कनेक्शन कटा
गांव टिटौली के प्राथमिक विद्यालय में कई माह से स्कूल का बिजली बिल जमा नहीं हुआ। जिसके चलते बकाया राशि 1.10 लाख रुपये तक पहुंच गई, तो विद्युत निगम ने कनेक्शन काट दिया। प्रधानाध्यापिका सरिता ने बताया कि अधिकारियों को इस बारे में लिखित में अवगत कराया गया था। ग्राम प्रधान से भी बात की थी। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
बरामदे में बैठकर पढ़ रहे बच्चे
मुंडेट कलां गांव में बच्चों की संख्या ज्यादा होने की वजह बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है। स्कूल परिसर में मंदिर भी है। जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे पढ़ाई करते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम का कहना है कि ग्राम प्रधान से आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन उपलब्ध कराने के लिए कहा था। लेकिन समस्या जस की तस है।
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जर्जर हो गया स्कूल का भवन
सेवापुर प्राइमरी स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है। कमरों की दीवारों में दरार आ गई हैं। हादसे के डर से ऐसी गर्मी में बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुलेखा मलिक ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है।
वर्जन
मार्च माह में लखनऊ से विभाग की ओर से विद्युत निगम को बकाया का भुगतान किया गया है। कनेक्शन क्यों काटा गया, इसे दिखवाया जाएगा। जिन विद्यालयों में कमरों की कमी है, वहां के लिए बजट की डिमांड भेजी गई है। जहां भवन जर्जर हालत में है, उन्हें चिन्हित किया गया। मूल्यांकन रिपोर्ट आने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। सभी सरकारी स्कूलों में बिजली के कनेक्शन हैं। सभी कक्षों में पंखे लगे हुए हैं। बिजली की आपूर्ति होने पर सभी पंखे चलते हैं। बिजली के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता
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1.10 लाख बकाया पर विद्युत कनेक्शन कटा
गांव टिटौली के प्राथमिक विद्यालय में कई माह से स्कूल का बिजली बिल जमा नहीं हुआ। जिसके चलते बकाया राशि 1.10 लाख रुपये तक पहुंच गई, तो विद्युत निगम ने कनेक्शन काट दिया। प्रधानाध्यापिका सरिता ने बताया कि अधिकारियों को इस बारे में लिखित में अवगत कराया गया था। ग्राम प्रधान से भी बात की थी। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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बरामदे में बैठकर पढ़ रहे बच्चे
मुंडेट कलां गांव में बच्चों की संख्या ज्यादा होने की वजह बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है। स्कूल परिसर में मंदिर भी है। जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे पढ़ाई करते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम का कहना है कि ग्राम प्रधान से आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन उपलब्ध कराने के लिए कहा था। लेकिन समस्या जस की तस है।
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जर्जर हो गया स्कूल का भवन
सेवापुर प्राइमरी स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है। कमरों की दीवारों में दरार आ गई हैं। हादसे के डर से ऐसी गर्मी में बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुलेखा मलिक ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है।
वर्जन
मार्च माह में लखनऊ से विभाग की ओर से विद्युत निगम को बकाया का भुगतान किया गया है। कनेक्शन क्यों काटा गया, इसे दिखवाया जाएगा। जिन विद्यालयों में कमरों की कमी है, वहां के लिए बजट की डिमांड भेजी गई है। जहां भवन जर्जर हालत में है, उन्हें चिन्हित किया गया। मूल्यांकन रिपोर्ट आने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। सभी सरकारी स्कूलों में बिजली के कनेक्शन हैं। सभी कक्षों में पंखे लगे हुए हैं। बिजली की आपूर्ति होने पर सभी पंखे चलते हैं। बिजली के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता