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हमें राजनीति, गुंडागर्दी नहीं, शांति चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:32 AM IST
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पलायन प्रकरण के बावजूद कैराना में बाजार रोज आम दिनों की तरह खुलते हैं और लोग खरीदारी करते हैं। व्यापारी हो या आमजन किसी के भी चेहरे पर पलायन का कोई डर नहीं है।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। 10 दिन हो गए, देशभर में छाया है कैराना पलायन प्रकरण। बस बेखबर है तो कैराना के बाजार। रोजाना की तरह निर्धारित समय पर बाजार खुलता है और बंद होता है। व्यापारी दुकान पर आते हैं और ग्राहकों की आवाजाही भी रहती है।
दुकानदार कहते हैं कि राजनीतिक दलों से कोई वास्ता नहीं कि कौन क्या कह रहा है। हम तो बस यही चाहते हैं कि हमारा कस्बा अमन चैन से रहे। व्यापार पहले की तरह चलता रहे, इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहते। गौरतलब है कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 346 परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाया, तो देश दुनिया में हल्ला मच गया।
राजनीतिक दल इस पर डीबेट करने लगे। कोई पलायन की मुखालफत कर रहा है, तो भाजपा नेता इसे चुनावी मुद्दा बना चुके हैं। इस स्थिति में कैराना के लोगों की चिंता लाजिमी है, मगर जिंदादिली यही है कि कैराना के बाजारों पर इस मुद्दे का कोई प्रभाव नहीं हुआ।
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मीडिया में लगातार सुर्खियां बनने पर कैराना के व्यापारियों के रिश्तेदार कॉल करके यह जरूर पूछते हैं कि क्या हो रहा है कैराना में, माहौल तो ठीक है ना। इस पर व्यापारियों का यही जवाब होता है कि गुंडागर्दी बहुत है, पर सांप्रदायिक सौहार्द में कोई कमी नहीं है।
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दुकानदार कहते हैं कि राजनीतिक दलों से कोई वास्ता नहीं कि कौन क्या कह रहा है। हम तो बस यही चाहते हैं कि हमारा कस्बा अमन चैन से रहे। व्यापार पहले की तरह चलता रहे, इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहते। गौरतलब है कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 346 परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाया, तो देश दुनिया में हल्ला मच गया।
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राजनीतिक दल इस पर डीबेट करने लगे। कोई पलायन की मुखालफत कर रहा है, तो भाजपा नेता इसे चुनावी मुद्दा बना चुके हैं। इस स्थिति में कैराना के लोगों की चिंता लाजिमी है, मगर जिंदादिली यही है कि कैराना के बाजारों पर इस मुद्दे का कोई प्रभाव नहीं हुआ।
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मीडिया में लगातार सुर्खियां बनने पर कैराना के व्यापारियों के रिश्तेदार कॉल करके यह जरूर पूछते हैं कि क्या हो रहा है कैराना में, माहौल तो ठीक है ना। इस पर व्यापारियों का यही जवाब होता है कि गुंडागर्दी बहुत है, पर सांप्रदायिक सौहार्द में कोई कमी नहीं है।