{"_id":"65bfe421493e7241ee05ff48","slug":"was-the-agent-caught-in-meerut-in-contact-with-isi-agents-of-shamli-shamli-news-c-26-1-sal1002-115960-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: कहीं शामली के आईएसआई एजेंटों के संपर्क में तो नहीं था मेरठ में पकड़ा गया एजेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: कहीं शामली के आईएसआई एजेंटों के संपर्क में तो नहीं था मेरठ में पकड़ा गया एजेंट
विज्ञापन
शामली। मेरठ में आईएसआई एजेंट सत्येंद्र के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर से पुलिस से लेकर अन्य जांच एजेंसिया सक्रिय हो गई हैं। माना जा रहा है कि वेस्ट यूपी के और लोग भी पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों के संपर्क में हो सकते हैं। मेरठ में पकड़े गए आईएसआई एजेंट का शामली से कुछ दिन पूर्व ही पकड़े गए आईएसआई एजेंट कलीम और तहसीम से तो कोई संपर्क नहीं था। इसका पता लगाने के लिए पुलिस और एसटीएफ भी आईएसआई एजेंट सत्येंद्र से पूछताछ कर सकती है। शामली की यदि बात की जाए तो यहां के लोगों के पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों के संपर्क में रहने की बात सामने आ चुकी है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस ने यूपी के मेरठ से पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया है। वह मास्को में भारतीय दूतावास में काम करता था। आरोपी सतेंद्र सिवाल हापुड़ जिले का रहने वाला है। आरोप है कि वह आईएसआई को गोपनीय जानकारी देता था। दूतावास में आईबीएसए के पद पर तैनात था।
जांच में पता चला है कि आरोपी गोपनीय जानकारी आईएसआई हैंडलर से साझा कर रहा था।
शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली निवासी कलीम को 17 अगस्त को एसटीएफ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपिल की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम उर्फ मोटा और सहारनपुर निवासी यूसुफ उर्फ समशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में आईएसआई एजेंट तहसीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। हापुड़ के सत्येंद्र के शामली के दोनों आईएसआई एजेंट कलीम और तहसीम से तो कोई संबंध नहीं हैं, इसकी जानकारी जुटाने में पुलिस और एसटीएफ जुट गई है। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार का कहना है कि सत्येंद्र के संबंधों के बारे में एसटीएफ भी जांच करेगी। देखा जाएगा कि कहीं शामली में पकड़े गए आईएसआई एजेंटों से तो उसका संबंध नहीं है।
विज्ञापन
....
-सत्येंद्र से पूछताछ कर सकती है पुलिस और एसटीएफ
शामली से आईएसआई एजेंट तहसीम और कलीम को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों लखनऊ की जेल में हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि सत्येंद्र, जेल जाने से पूर्व तहसीम और अन्य के संपर्क में रह सकता है। हालांकि, शामली से पकड़े गए दोनों एजेंटों ने इकबाल, दिलशाद मिर्जा के अलावा अन्य से संपर्क में रहने की बात कहीं थी। अधिकारियों का कहना है कि यदि सत्येंद्र का संपर्क शामली के एजेंटों से मिलता है तो अन्य लोगों के भी एजेंटों से मिलीभगत की बात सामने आ सकती है। जिन पर शिकंजा कसा जाएगा।
-कैराना के हैंडलर पढ़ा रहे आतंकवाद का पाठ
हाल ही में आईएसआई एजेंट तहसीम उर्फ मोटा की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ था कि कैराना में पूर्व में मजदूरी, कपड़े की बिक्री करने वाले इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा और शाहिद,
इकबाल काना आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में रहकर भारत के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियां न सिर्फ संचालित कर रहा है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को भी अपने साथ जोड़ने का कार्य कर रहा है। सभी पाकिस्तान में आईएसआई के हैंडलर हैं। यूपी के लोगों को बहकावे में लेकर आतंकवाद का पाठ पढ़ाया जा रहा है। हैंडलरों के पाकिस्तान में होने के कारण जांच एजेंसियां भी उनको पकड़ने में नाकाम साबित हो रही हैं। हालांकि, एजेंटों को समय-समय पर गिरफ्तार कर आईएसआई एजेंटों के नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस ने यूपी के मेरठ से पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया है। वह मास्को में भारतीय दूतावास में काम करता था। आरोपी सतेंद्र सिवाल हापुड़ जिले का रहने वाला है। आरोप है कि वह आईएसआई को गोपनीय जानकारी देता था। दूतावास में आईबीएसए के पद पर तैनात था।
विज्ञापन
जांच में पता चला है कि आरोपी गोपनीय जानकारी आईएसआई हैंडलर से साझा कर रहा था।
शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली निवासी कलीम को 17 अगस्त को एसटीएफ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपिल की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम उर्फ मोटा और सहारनपुर निवासी यूसुफ उर्फ समशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में आईएसआई एजेंट तहसीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। हापुड़ के सत्येंद्र के शामली के दोनों आईएसआई एजेंट कलीम और तहसीम से तो कोई संबंध नहीं हैं, इसकी जानकारी जुटाने में पुलिस और एसटीएफ जुट गई है। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार का कहना है कि सत्येंद्र के संबंधों के बारे में एसटीएफ भी जांच करेगी। देखा जाएगा कि कहीं शामली में पकड़े गए आईएसआई एजेंटों से तो उसका संबंध नहीं है।
विज्ञापन
....
-सत्येंद्र से पूछताछ कर सकती है पुलिस और एसटीएफ
शामली से आईएसआई एजेंट तहसीम और कलीम को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों लखनऊ की जेल में हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि सत्येंद्र, जेल जाने से पूर्व तहसीम और अन्य के संपर्क में रह सकता है। हालांकि, शामली से पकड़े गए दोनों एजेंटों ने इकबाल, दिलशाद मिर्जा के अलावा अन्य से संपर्क में रहने की बात कहीं थी। अधिकारियों का कहना है कि यदि सत्येंद्र का संपर्क शामली के एजेंटों से मिलता है तो अन्य लोगों के भी एजेंटों से मिलीभगत की बात सामने आ सकती है। जिन पर शिकंजा कसा जाएगा।
-कैराना के हैंडलर पढ़ा रहे आतंकवाद का पाठ
हाल ही में आईएसआई एजेंट तहसीम उर्फ मोटा की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ था कि कैराना में पूर्व में मजदूरी, कपड़े की बिक्री करने वाले इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा और शाहिद,
इकबाल काना आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में रहकर भारत के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियां न सिर्फ संचालित कर रहा है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को भी अपने साथ जोड़ने का कार्य कर रहा है। सभी पाकिस्तान में आईएसआई के हैंडलर हैं। यूपी के लोगों को बहकावे में लेकर आतंकवाद का पाठ पढ़ाया जा रहा है। हैंडलरों के पाकिस्तान में होने के कारण जांच एजेंसियां भी उनको पकड़ने में नाकाम साबित हो रही हैं। हालांकि, एजेंटों को समय-समय पर गिरफ्तार कर आईएसआई एजेंटों के नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।