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बदलते मौसम में पांव पसार रहा वायरल बुखार
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शामली सीएचसी में ईलाज कराने के लिये पहुचे मरीज
- फोटो : SHAMLI
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शामली। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में 10 से 15 प्रतिशत वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा नजला, जुकाम, खांसी के भी मरीज आ रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच वायरल बुखार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसकी वजह ये है कि वायरल बुखार और कोरोना के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं। चिकित्सक भी बुखार के साथ कोरोना की जांच कराने की भी सलाह दे रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि जिले में अभी तक सामान्य वायरल का असर है और किसी तरह की चिंताजनक स्थिति नहीं है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से वायरल बुखार के केस आ रहे हैं। अभी तक सामान्य वायरल के मरीज सामने आए हैं। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा का कहना है कि पिछले 15 दिन से वायरल बुुखार के करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा नजला, जुकाम, खांसी, खाज-खुजली और पेट के रोगी उल्टी दस्त के आ रहे हैं। यह मौसम में बदलाव का असर है। वायरल बुखार सामान्य है और किसी भी तरह की कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि बुधवार को बारिश की वजह से सीएचसी में मरीजों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले आधी रही। 270 नए मरीज और लगभग इतने ही पुराने मरीज आए हैं।
आईएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि उनके यहां ओपीडी में 60 से 70 प्रतिशत बच्चे वायरल बुखार, नजला, जुकाम, खांसी और सांस में परेशानी वाले आ रहे हैं। इनके लक्षण कोरोना जैसे होते है, लेकिन जांच में वायरल बुुखार ही निकल रहा है। इसके अलावा उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बुखार के साथ कोरोना की भी जांच कराने की सलाह दी।
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चेस्ट स्पेशलिस्ट एवं कंसलटेंट फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि वायरल के साथ टायफाइड के मरीज बढ़े हैं, लेकिन ज्यादा संख्या में नहीं है। डेंगू, चिकनगुनिया का कोई केस अभी नहीं मिला है। बदलते मौसम में लोगों को वायरल से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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इस साल मलेरिया के 38 केस मिले
एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि इस साल अभी तक मलेरिया के 38 केस मिले हैं जबकि डेंगू, चिकनगुनिया व दिमागी बुखार का कोई केस नहीं आया है।
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कोट
बरसात के मौसम में वायरल बुखार व मच्छर जनित बीमारियां होने की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए नगर निकायों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ।
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बचाव
- गला खराब होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
- ठंडी खट्टी चीजें न ले और गुनगुना पानी पीएं।
- तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्का खाना खाएं।
- खुले, कटे हुए फल और बासी भोजन का सेवन न करें।
- साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव करें।
- स्वच्छ जल पीएं
- बुखार, जुकाम, खांसी जैसे लक्षण होने पर कोरोना की जांच कराएं।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से वायरल बुखार के केस आ रहे हैं। अभी तक सामान्य वायरल के मरीज सामने आए हैं। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा का कहना है कि पिछले 15 दिन से वायरल बुुखार के करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा नजला, जुकाम, खांसी, खाज-खुजली और पेट के रोगी उल्टी दस्त के आ रहे हैं। यह मौसम में बदलाव का असर है। वायरल बुखार सामान्य है और किसी भी तरह की कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि बुधवार को बारिश की वजह से सीएचसी में मरीजों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले आधी रही। 270 नए मरीज और लगभग इतने ही पुराने मरीज आए हैं।
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आईएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि उनके यहां ओपीडी में 60 से 70 प्रतिशत बच्चे वायरल बुखार, नजला, जुकाम, खांसी और सांस में परेशानी वाले आ रहे हैं। इनके लक्षण कोरोना जैसे होते है, लेकिन जांच में वायरल बुुखार ही निकल रहा है। इसके अलावा उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बुखार के साथ कोरोना की भी जांच कराने की सलाह दी।
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चेस्ट स्पेशलिस्ट एवं कंसलटेंट फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि वायरल के साथ टायफाइड के मरीज बढ़े हैं, लेकिन ज्यादा संख्या में नहीं है। डेंगू, चिकनगुनिया का कोई केस अभी नहीं मिला है। बदलते मौसम में लोगों को वायरल से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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इस साल मलेरिया के 38 केस मिले
एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि इस साल अभी तक मलेरिया के 38 केस मिले हैं जबकि डेंगू, चिकनगुनिया व दिमागी बुखार का कोई केस नहीं आया है।
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कोट
बरसात के मौसम में वायरल बुखार व मच्छर जनित बीमारियां होने की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए नगर निकायों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ।
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बचाव
- गला खराब होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
- ठंडी खट्टी चीजें न ले और गुनगुना पानी पीएं।
- तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्का खाना खाएं।
- खुले, कटे हुए फल और बासी भोजन का सेवन न करें।
- साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव करें।
- स्वच्छ जल पीएं
- बुखार, जुकाम, खांसी जैसे लक्षण होने पर कोरोना की जांच कराएं।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।

शामली सीएचसी में पहुचे मरीज- फोटो : SHAMLI