फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Verification of parents who do not buy uniforms

यूनिफॉर्म न खरीदने वाले अभिभावकों का होगा सत्यापन

Sun, 27 Feb 2022 11:59 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 11:59 PM IST
विज्ञापन
Verification of parents who do not buy uniforms
यूनिफॉर्म न खरीदने वाले अभिभावकों का होगा सत्यापन
विज्ञापन

शामली। डीबीटी स्कीम का लाभ लेने के बाद भी बच्चों की यूनिफॉर्म और स्कूली बैग आदि न खरीदने वाले अभिभावकों की जांच की जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग डाटा जुटाएगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि इस योजना के तहत अभिभावकों के खाते में भेजी गई धनराशि का उपयोग सही हुआ या नहीं। जल्द ही इसका सत्यापन कार्य शुरू किया जाएगा।
स्कूली बच्चों की दो यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते, मौजे और स्कूल बैग के लिए शासन ने अभिभावकों के खाते में डीबीटी स्कीम के तहत 1100 रुपये प्रति बच्चा ट्रांसफर किए हैं। शिकायत है कि अभिभावकों ने यूनिफॉर्म आदि के लिए दी गई धनराशि का सही उपयोग न करते हुए इसे अन्य कार्यों में खर्च कर लिया। बेसिक शिक्षा विभाग इसकी जांच कराने की तैयारी कर रहा है। शासन की तरफ से इस स्कीम के तहत अभिभावकों के खाते में जो धनराशि ट्रांसफर हुई है, उसका सत्यापन कराया जाएगा।
विज्ञापन

70 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में पहुंची धनराशि
शामली जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 596 विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में करीब 80 हजार से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। डीबीटी स्कीम के तहत लगभग 70 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। बाकी बच्चों के अभिभावकों के खाते में आधार कार्ड से लिंक न होने या अन्य कमियां होने की वजह से अभी यह धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पाई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि खाते में जो कमियां हैं, उन्हें ठीक करा लिया गया है और धनराशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी बच्चों के अभिभावकों के खाते में यह राशि पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- शासन स्तर से डीबीटी स्कीम के तहत 1100 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से करीब 70 हजार बच्चों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। जो बच्चे रह गए हैं, उनके खाते में धनराशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकतर बच्चों की यूनिफॉर्म ली जा चुकी है, जो बच्चे रह गए हैं, उन अभिभावकों को शिक्षकों के माध्यम से यूनिफार्म खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी जो अभिभावक यूनिफॉर्म नहीं खरीदेंगे, उसकी जांच कराई जाएगी।
- अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बेसिक शिक्षा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed