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एकजुट होकर लड़ें हक की लड़ाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:33 AM IST
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कलक्ट्रेट में धरने को संबोधित करते जाट नेता ओमवीर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। विश्व जाट चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जाटों के साथ धोखा किया है। यदि यूपी, दिल्ली और राजस्थान की तरह ओबीसी में आरक्षण देती, तो वह जाटों के लिए लाभकारी होता।
बुधवार को विश्व जाट चेतना मंच की ओर से शामली कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमवीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रस्ताव पास करके जाटों को अलग से आरक्षण की दलील दी है, लेकिन वह 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण के नियम के कारण लागू नहीं हो सकेगी। ऐसा करके हरियाणा सरकार ने जाटों के साथ धोखा किया है।
जाटों को ओबीसी के आरक्षण में ही शामिल करना चाहिए था। आरक्षण के नाम पर आरएसएस और भाजपा की गलत नीति है, जो जाटों को दूसरी जातियों से भिड़ाने की कोशिश कर रही हैं। हमें शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़नी है, मगर उसके लिए देशभर के जाटों को एकजुट होने की जरूरत है।
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हरियाणा में आंदोलन के दौरान जितने भी लोगों पर केस दर्ज हुए वह वापस लिए जाएं। साथ ही हिंसक घटनाओं को बढ़ावा देने वाले पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। आंदोलन की लड़ाई में हरियाणा के जाट अकेले नहीं है, यूपी और अन्य प्रदेशों के जाट भी उनके साथ हैं।
मुस्लिम जाट समाज मंच के अध्यक्ष हाजी अती मौहम्मद ने कहा कि देश का मुसलमान भी जाटों के साथ खड़ा है। राजवीर सिंह मुंडेट, संजीव कालखंडे, उदयवीर सिंह भैंसवाल, जितेंद्र हुड्डा, अमित बेनीवाल, उपेंद्र चौधरी, सतपाल सिंह, कालूराम, ओमबीर सिंह, ओमप्रकाश मलिक, रणबीर सिंह, बलधारी सिंह, बाबूराम, चौधरी अंग्रेज सिंह, ब्रजपाल सिंह, इमामुद्दीन आदि ने भी विचार रखे।
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बुधवार को विश्व जाट चेतना मंच की ओर से शामली कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमवीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रस्ताव पास करके जाटों को अलग से आरक्षण की दलील दी है, लेकिन वह 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण के नियम के कारण लागू नहीं हो सकेगी। ऐसा करके हरियाणा सरकार ने जाटों के साथ धोखा किया है।
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जाटों को ओबीसी के आरक्षण में ही शामिल करना चाहिए था। आरक्षण के नाम पर आरएसएस और भाजपा की गलत नीति है, जो जाटों को दूसरी जातियों से भिड़ाने की कोशिश कर रही हैं। हमें शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़नी है, मगर उसके लिए देशभर के जाटों को एकजुट होने की जरूरत है।
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हरियाणा में आंदोलन के दौरान जितने भी लोगों पर केस दर्ज हुए वह वापस लिए जाएं। साथ ही हिंसक घटनाओं को बढ़ावा देने वाले पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। आंदोलन की लड़ाई में हरियाणा के जाट अकेले नहीं है, यूपी और अन्य प्रदेशों के जाट भी उनके साथ हैं।
मुस्लिम जाट समाज मंच के अध्यक्ष हाजी अती मौहम्मद ने कहा कि देश का मुसलमान भी जाटों के साथ खड़ा है। राजवीर सिंह मुंडेट, संजीव कालखंडे, उदयवीर सिंह भैंसवाल, जितेंद्र हुड्डा, अमित बेनीवाल, उपेंद्र चौधरी, सतपाल सिंह, कालूराम, ओमबीर सिंह, ओमप्रकाश मलिक, रणबीर सिंह, बलधारी सिंह, बाबूराम, चौधरी अंग्रेज सिंह, ब्रजपाल सिंह, इमामुद्दीन आदि ने भी विचार रखे।