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Shamli News: हिरासत से आरोपी को छुड़ाने के लिए मचाया बदमाश होने का शोर
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पुलिस और पीएसी के पहुंचते ही केरटू में मची भगदड़, गांव में पसरा सन्नाटा
हमले में तीन पुलिस कर्मी घायल, एक की हालत गंभीर, सिर में आए 11 टांके
स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना हरियाणा पुलिस ने दी थी गांव केरटू में दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना (शामली)। पकड़े गए जबरुदीन को हरियाणा पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए परिजनों ने बदमाश होने का शोर मचा दिया और उसके बाद ग्रामीणों ने हरियाणा पुलिस को घेर लिया। पथराव और मारपीट कर जबरूद्दीन को छुड़ा लिया। इस घटना में हरियाणा पुलिस के तीन सिपाही घायल हुए हैं। इनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। हरियाणा पुलिस पर हमले की सूचना पर सूचना पर शामली पुलिस ने गांव केरटू में दबिश दी तो गांव में भगदड़ मच गई।
एएसपी ओपी सिंह और सीओ कैराना अमरदीप मौर्य भी पुलिस और पीएसी को लेकर गांव में पहुंचे। पूरे गांव में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं आया। गांव से अधिकांश पुरुष फरार थे और गांव महिला व बुजुर्ग ही नजर आ रहे थे। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था और भगदड़ में भागे ग्रामीणों के जूते-चप्पल मौके पर बिखरे पड़े थे। इस घटना में हरियाणा पुलिस की चूक भी सामने आई है। वह स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना दबिश देने पहुंची थी। ज्यादातर पुलिस कर्मी सादी वर्दी में थे और कुछ ही वर्दी में थे। परिजनों और ग्रामीणों ने बदमाश होने का शोर मचाया तो गांव में भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को दबोचकर पीटना शुरू कर दिया और उनसे पिस्टल लूट ली।
यह पहला मामला नहीं है जब हरियाणा पुलिस स्थानीय थाने में आमद दर्ज कराए बिना ही दबिश देने पहुंच गई। पूर्व में भी हरियाणा पुलिस के साथ मारपीट और घेराव की घटनाएं हो चुकी हैं। केरटू गांव में हुई घटना में हेड कांस्टेबल मनोज पुत्र धर्मपाल सिंह के सिर में करीब 11 टांके आए हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मी राकेश और विकास भी घायल हुए हैं।
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मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों के छीन लिए मोबाइल
घटना के बाद मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने जब कवरेज करना शुरू किया तो पुलिसकर्मियों ने वीडियो बनाने से मना कर दिया और जब कुछ ने वीडियो बनाया तो कुछ पत्रकारों से उनका मोबाइल छीन लिया गया। हालांकि बाद में वह मोबाइल वापस कर दिया गया।
बिजेंद्र सिंह मान की हत्या में है आरोपी
शामली। मधुबन थाना क्षेत्र के गांव घोघड़ीपुर में 11 फरवरी 2020 को दिनदहाड़े बिजेंद्र सिंह मान को उसके फार्म हाऊस के सामने ही गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने उसके भतीजे रणदीपमान की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में हर बार पुलिस के शक की सुई रणदीप मान की ओर घूमी। जिस पर पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। तो उसने बताया कि उसके चाचा की शादी नहीं हुई थी और उसके हिस्से की जमीन के लालच में साथियों के साथ मिलकर उसने हत्या कर दी। इस मामले में जबरुदीन का नाम शूटर के रूप में सामने आया था। हरियाणा पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। 21 मार्च को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंचकुला हरियाणा ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके बाद सोनीपत की एसटीएफ यूनिट उसे गिरफ्तार करने आई थी। संवाद
एक गाड़ी पर थी यूपी-10 सीरीज की नंबर प्लेट
शामली। हरियाणा से पहुंची पुलिस की एक गाड़ी पर यूपी-10 एक्यू-3533 की नंबर प्लेट लगी हुई थी। उत्तर प्रदेश में यूपी-10 सीरीज किसी जिले ही नहीं है। इस बात की पुष्टि करते हुए शामली जिले के एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि यूपी में कोई जिला उत्तर प्रदेश में नहीं है। यह यूपी की जगह यूके10 उत्तराखंड का जिला बन चुका है। संवाद
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
झिंझाना थाने में हरियाणा पुलिस के दरोगा राजवीर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें इनामी जबरुदीन उर्फ जबरु पुत्र सफी व उसके भाई अलमदीन और मेहरदीन के अलावा अलीशेर पुत्र मम्मन, तासीन उर्फ लीलू पुत्र अलीशेर, हाशिम पुत्र अलीशेर, दिलशाद उर्फ धम्मा पुत्र अलीशेर, काला पुत्र अहमद, हामिद पुत्र मीरहसन, विजय शर्मा पुत्र सुरेश, फुरकान, आरिस पुत्र इमरान, आमिर पुत्र कामली, नदीम पुत्र अख्तर, आसिफ, आरिफ, कय्यूम व लाला पुत्रगण अय्यूब, हाफिज मुरसलीन, शरीफ पुत्र वाजिद और साजित को नामजद किया गया है। अन्य अज्ञात दर्शाये हैं।
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हमले में तीन पुलिस कर्मी घायल, एक की हालत गंभीर, सिर में आए 11 टांके
स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना हरियाणा पुलिस ने दी थी गांव केरटू में दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना (शामली)। पकड़े गए जबरुदीन को हरियाणा पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए परिजनों ने बदमाश होने का शोर मचा दिया और उसके बाद ग्रामीणों ने हरियाणा पुलिस को घेर लिया। पथराव और मारपीट कर जबरूद्दीन को छुड़ा लिया। इस घटना में हरियाणा पुलिस के तीन सिपाही घायल हुए हैं। इनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। हरियाणा पुलिस पर हमले की सूचना पर सूचना पर शामली पुलिस ने गांव केरटू में दबिश दी तो गांव में भगदड़ मच गई।
एएसपी ओपी सिंह और सीओ कैराना अमरदीप मौर्य भी पुलिस और पीएसी को लेकर गांव में पहुंचे। पूरे गांव में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं आया। गांव से अधिकांश पुरुष फरार थे और गांव महिला व बुजुर्ग ही नजर आ रहे थे। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था और भगदड़ में भागे ग्रामीणों के जूते-चप्पल मौके पर बिखरे पड़े थे। इस घटना में हरियाणा पुलिस की चूक भी सामने आई है। वह स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना दबिश देने पहुंची थी। ज्यादातर पुलिस कर्मी सादी वर्दी में थे और कुछ ही वर्दी में थे। परिजनों और ग्रामीणों ने बदमाश होने का शोर मचाया तो गांव में भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को दबोचकर पीटना शुरू कर दिया और उनसे पिस्टल लूट ली।
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यह पहला मामला नहीं है जब हरियाणा पुलिस स्थानीय थाने में आमद दर्ज कराए बिना ही दबिश देने पहुंच गई। पूर्व में भी हरियाणा पुलिस के साथ मारपीट और घेराव की घटनाएं हो चुकी हैं। केरटू गांव में हुई घटना में हेड कांस्टेबल मनोज पुत्र धर्मपाल सिंह के सिर में करीब 11 टांके आए हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मी राकेश और विकास भी घायल हुए हैं।
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मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों के छीन लिए मोबाइल
घटना के बाद मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने जब कवरेज करना शुरू किया तो पुलिसकर्मियों ने वीडियो बनाने से मना कर दिया और जब कुछ ने वीडियो बनाया तो कुछ पत्रकारों से उनका मोबाइल छीन लिया गया। हालांकि बाद में वह मोबाइल वापस कर दिया गया।
बिजेंद्र सिंह मान की हत्या में है आरोपी
शामली। मधुबन थाना क्षेत्र के गांव घोघड़ीपुर में 11 फरवरी 2020 को दिनदहाड़े बिजेंद्र सिंह मान को उसके फार्म हाऊस के सामने ही गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने उसके भतीजे रणदीपमान की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में हर बार पुलिस के शक की सुई रणदीप मान की ओर घूमी। जिस पर पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। तो उसने बताया कि उसके चाचा की शादी नहीं हुई थी और उसके हिस्से की जमीन के लालच में साथियों के साथ मिलकर उसने हत्या कर दी। इस मामले में जबरुदीन का नाम शूटर के रूप में सामने आया था। हरियाणा पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। 21 मार्च को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंचकुला हरियाणा ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके बाद सोनीपत की एसटीएफ यूनिट उसे गिरफ्तार करने आई थी। संवाद
एक गाड़ी पर थी यूपी-10 सीरीज की नंबर प्लेट
शामली। हरियाणा से पहुंची पुलिस की एक गाड़ी पर यूपी-10 एक्यू-3533 की नंबर प्लेट लगी हुई थी। उत्तर प्रदेश में यूपी-10 सीरीज किसी जिले ही नहीं है। इस बात की पुष्टि करते हुए शामली जिले के एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि यूपी में कोई जिला उत्तर प्रदेश में नहीं है। यह यूपी की जगह यूके10 उत्तराखंड का जिला बन चुका है। संवाद
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
झिंझाना थाने में हरियाणा पुलिस के दरोगा राजवीर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें इनामी जबरुदीन उर्फ जबरु पुत्र सफी व उसके भाई अलमदीन और मेहरदीन के अलावा अलीशेर पुत्र मम्मन, तासीन उर्फ लीलू पुत्र अलीशेर, हाशिम पुत्र अलीशेर, दिलशाद उर्फ धम्मा पुत्र अलीशेर, काला पुत्र अहमद, हामिद पुत्र मीरहसन, विजय शर्मा पुत्र सुरेश, फुरकान, आरिस पुत्र इमरान, आमिर पुत्र कामली, नदीम पुत्र अख्तर, आसिफ, आरिफ, कय्यूम व लाला पुत्रगण अय्यूब, हाफिज मुरसलीन, शरीफ पुत्र वाजिद और साजित को नामजद किया गया है। अन्य अज्ञात दर्शाये हैं।