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जिले में महिला अपराधों पर नहीं लग रहा अंकुश
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शामली। जिले में महिला अपराध की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में जिले में छेड़छाड़, दुष्कर्म, दुष्कर्म के प्रयास और दहेज उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि पुलिस के आला अफसरों को दावा है कि महिलाओं के प्रति अपराधों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाती है।
शासन के निर्देश पर जनपद में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद महिलाओं के प्रति अपराध के तमाम मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार रात को कैराना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ। तीन दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव में दुकान पर सामान लेने गई बच्ची के साथ छेड़खानी कर दुष्कर्म के प्रयास की घटना हुई। दो दिन पहले झिंझाना थानाक्षेत्र के एक गांव में दवा लेने गई किशोरी के साथ चिकित्सक ने छेड़खानी करते हुए अश्लील हरकतें की।
मंगलवार को तहसील दिवस में थानाभवन क्षेत्र के एक गांव निवासी विधवा ने प्रार्थनापत्र देकर डेढ़ माह पहले हुए दुष्कर्म करने के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। महिला का आरोप था कि थानाभवन पुलिस ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की। एएसपी के आदेश पर आरोपी खेत मालिक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। सितंबर माह में आदर्श मंडी क्षेत्र के एक मोहल्ले में किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास की घटना हुई थी। ये घटनाएं तो बानगी भर है, इस तरह के अपराध आए दिन जिले में होते रहते हैं।
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महिला थाने में दहेज उत्पीड़न के दर्ज हुए 18 मुकदमे
शामली। जनपद में छह जून 2019 को महिला थाना खोला गया था। 2019 में दहेज उत्पीड़न संबंधी 10 मुकदमे दर्ज हुए थे। 2020 में अब तक 18 मुकदमे दर्ज हुए हैं। महिला थाना प्रभारी नीरज चौधरी ने बताया कि अभी तक थाने में 28 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें से आठ मुकदमे ही विचाराधीन हैं। बाकी सभी मुकदमे निस्तारित हो चुके हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि पारिवारिक विवादों से संबंधित करीब 1300 मामलों में समझौता कराया जा चुका है।
कोट
जनपद में सभी तरह के अपराधों की रोकथाम के लिए सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। खासतौर से महिला संबंधी अपराधों को प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से लेकर तत्काल कार्रवाई की जाती है। जिले में महिला संबंधी अधिकतर मामलों में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। - नित्यानंद राय, एसपी।
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शासन के निर्देश पर जनपद में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद महिलाओं के प्रति अपराध के तमाम मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार रात को कैराना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ। तीन दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव में दुकान पर सामान लेने गई बच्ची के साथ छेड़खानी कर दुष्कर्म के प्रयास की घटना हुई। दो दिन पहले झिंझाना थानाक्षेत्र के एक गांव में दवा लेने गई किशोरी के साथ चिकित्सक ने छेड़खानी करते हुए अश्लील हरकतें की।
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मंगलवार को तहसील दिवस में थानाभवन क्षेत्र के एक गांव निवासी विधवा ने प्रार्थनापत्र देकर डेढ़ माह पहले हुए दुष्कर्म करने के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। महिला का आरोप था कि थानाभवन पुलिस ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की। एएसपी के आदेश पर आरोपी खेत मालिक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। सितंबर माह में आदर्श मंडी क्षेत्र के एक मोहल्ले में किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास की घटना हुई थी। ये घटनाएं तो बानगी भर है, इस तरह के अपराध आए दिन जिले में होते रहते हैं।
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महिला थाने में दहेज उत्पीड़न के दर्ज हुए 18 मुकदमे
शामली। जनपद में छह जून 2019 को महिला थाना खोला गया था। 2019 में दहेज उत्पीड़न संबंधी 10 मुकदमे दर्ज हुए थे। 2020 में अब तक 18 मुकदमे दर्ज हुए हैं। महिला थाना प्रभारी नीरज चौधरी ने बताया कि अभी तक थाने में 28 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें से आठ मुकदमे ही विचाराधीन हैं। बाकी सभी मुकदमे निस्तारित हो चुके हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि पारिवारिक विवादों से संबंधित करीब 1300 मामलों में समझौता कराया जा चुका है।
कोट
जनपद में सभी तरह के अपराधों की रोकथाम के लिए सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। खासतौर से महिला संबंधी अपराधों को प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से लेकर तत्काल कार्रवाई की जाती है। जिले में महिला संबंधी अधिकतर मामलों में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। - नित्यानंद राय, एसपी।