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नए नोटों के लिए कई जगह हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 22 Nov 2016 12:04 AM IST
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public news
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नोटबंदी को 13 बीत गए, लेकिन अब तक बैंकों में लेनदेन पटरी पर नहीं आ पाया है। सोमवार को नए नोटों के लिए कई जगह बैंक और एटीएम के बाहर हंगामे होते रहे। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुलने से पहले ही बैंकों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। कैश न मिलने पर कई जगह हंगामे हुए।
भारतीय स्टेट बैंक के बाहर लाइन तो सड़क तक पहुंच गई थी। यही हाल नगर के एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक सहित अन्य शाखाओं का रहा। किसी बैंक में कैश बदला नहीं जा सका तो जहां पर नोट बदले गए, वहां पर समय से पूर्व ही कैश खत्म हो गया। इस पर लोगों का गुस्सा सामने आता रहा।
इसके अलावा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक समालखा में नोट नहीं देने के कारण लोगों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप था कि यहां पर कैश नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय तक कतारों में रहने के बावजूद बैरंग ही लौटाया जा रहा है। इससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
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एक्सिस और इलाहाबाद बैंक के एटीएम में भी कैश खत्म होने पर खूब हंगामे हुए। अधिकतर लोगों नेे कहा कि नोटबंदी के दो सप्ताह बाद तो हालात सामान्य हो जाने चाहिए थे। सरकार को पर्याप्त कैश की व्यवस्था करनी चाहिए।
सिक्के लेकर गए किसान को नहीं मिली खाद
झिंझाना। केंद्र सरकार ने तो पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद किए हैं, लेकिन बैंकों और सहकारी समिति में 10 रुपये के सिक्के भी नहीं लिए जा रहे हैं। सोमवार को लक्ष्मणपुरा किसान सहकारी समिति से डाई (खाद) लेने गए किसान ने जब 10 रुपये के सिक्कों से भुगतान करना चाहा, तो समिति कर्मियों ने किसान को डाई नहीं दी।
गांव लक्षमणपुरा निवासी किसान ओमराज ने बताया कि सोमवार को वह लक्ष्मणपुरा स्थित सहकारी समिति से छह हजार रुपये की डाई लेने गया। आज ही उसने सहकारी बैंक से अपने खाते से रुपये निकलवाए थे। बैंक कर्मियों ने उसे 10 रुपये के सिक्के दिये थे, जिन्हें लेकर वह समिति में गया। समिति में मौजूद कर्मियों ने उसके 10 रुपये के सिक्के लेने से इंकार कर दिया और डाई भी नहीं दी। किसान का कहना है कि इस बारे में जिलाधिकारी से शिकायत करूंगा।
10 रुपये के सिक्के जमा नहीं किए
झिंझाना। कस्बा झिंझाना स्थित भारतीय स्टेट बैंक में रुपये जमा करने गए व्यापारी से बैंक कर्मियों ने 10 रुपये के सिक्के लेने से इंकार कर दिया, सिर्फ सौ-सौ के नोट ही जमा कराए।
नाराज व्यापारी ने बैंक के रीजनल आफिस में शिकायत दर्ज कराई है। व्यापारी मनीष गर्ग ने बताया कि वह एसबीआई शाखा झिंझाना में 96 हजार रुपये (100 और दस रुपये के नोट) जमा कराने गया था। जिसमेें 15 हजार रुपये 10 के सिक्के थे। बैंक प्रबंधक आरके शर्मा ने दस के सिक्के जमा नहीं कराए और सिर्फ 81 हजार जमा कराए हैं।
व्यापारी मनीष ने बताया कि वह तो अधिकांश सौ सौ रुपये के नोट लेकर गया था। मात्र 15 हजार रुपये सिक्कों में थे। जिन्हें बैंक प्रबंधक ने नहीं लिया है। बैंक के रीजनल आफिस में कॉल करके इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
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भारतीय स्टेट बैंक के बाहर लाइन तो सड़क तक पहुंच गई थी। यही हाल नगर के एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक सहित अन्य शाखाओं का रहा। किसी बैंक में कैश बदला नहीं जा सका तो जहां पर नोट बदले गए, वहां पर समय से पूर्व ही कैश खत्म हो गया। इस पर लोगों का गुस्सा सामने आता रहा।
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इसके अलावा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक समालखा में नोट नहीं देने के कारण लोगों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप था कि यहां पर कैश नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय तक कतारों में रहने के बावजूद बैरंग ही लौटाया जा रहा है। इससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
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एक्सिस और इलाहाबाद बैंक के एटीएम में भी कैश खत्म होने पर खूब हंगामे हुए। अधिकतर लोगों नेे कहा कि नोटबंदी के दो सप्ताह बाद तो हालात सामान्य हो जाने चाहिए थे। सरकार को पर्याप्त कैश की व्यवस्था करनी चाहिए।
सिक्के लेकर गए किसान को नहीं मिली खाद
झिंझाना। केंद्र सरकार ने तो पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद किए हैं, लेकिन बैंकों और सहकारी समिति में 10 रुपये के सिक्के भी नहीं लिए जा रहे हैं। सोमवार को लक्ष्मणपुरा किसान सहकारी समिति से डाई (खाद) लेने गए किसान ने जब 10 रुपये के सिक्कों से भुगतान करना चाहा, तो समिति कर्मियों ने किसान को डाई नहीं दी।
गांव लक्षमणपुरा निवासी किसान ओमराज ने बताया कि सोमवार को वह लक्ष्मणपुरा स्थित सहकारी समिति से छह हजार रुपये की डाई लेने गया। आज ही उसने सहकारी बैंक से अपने खाते से रुपये निकलवाए थे। बैंक कर्मियों ने उसे 10 रुपये के सिक्के दिये थे, जिन्हें लेकर वह समिति में गया। समिति में मौजूद कर्मियों ने उसके 10 रुपये के सिक्के लेने से इंकार कर दिया और डाई भी नहीं दी। किसान का कहना है कि इस बारे में जिलाधिकारी से शिकायत करूंगा।
10 रुपये के सिक्के जमा नहीं किए
झिंझाना। कस्बा झिंझाना स्थित भारतीय स्टेट बैंक में रुपये जमा करने गए व्यापारी से बैंक कर्मियों ने 10 रुपये के सिक्के लेने से इंकार कर दिया, सिर्फ सौ-सौ के नोट ही जमा कराए।
नाराज व्यापारी ने बैंक के रीजनल आफिस में शिकायत दर्ज कराई है। व्यापारी मनीष गर्ग ने बताया कि वह एसबीआई शाखा झिंझाना में 96 हजार रुपये (100 और दस रुपये के नोट) जमा कराने गया था। जिसमेें 15 हजार रुपये 10 के सिक्के थे। बैंक प्रबंधक आरके शर्मा ने दस के सिक्के जमा नहीं कराए और सिर्फ 81 हजार जमा कराए हैं।
व्यापारी मनीष ने बताया कि वह तो अधिकांश सौ सौ रुपये के नोट लेकर गया था। मात्र 15 हजार रुपये सिक्कों में थे। जिन्हें बैंक प्रबंधक ने नहीं लिया है। बैंक के रीजनल आफिस में कॉल करके इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।