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स्कूलों की बदहाली के लिए शिक्षक भी जिम्मेदार

Thu, 01 Dec 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 01 Dec 2016 12:14 AM IST
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The teacher responsible for the collapse of schools
education - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कांधला। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर कैसे सुधरे, जब बच्चों को शिक्षित करने का जिम्मा संभालने वाले अध्यापक-अध्यापिका खुद में भी सुधार करना नहीं चाहते। मोटी तनख्वाह पाने वाले अध्यापक महज खानापूर्ति करते हैं। यहां तक कि बच्चों से देहाती अंदाज में अटपटे ढंग से पेश आते हैं। 
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बुधवार को अमर उजाला टीम ने कांधला क्षेत्र के कुछ स्कूलों का दौरा किया, तो वहां ऐसे ही हालात देखने को मिले। कहीं पर बच्चे खेलते मिले, तो कहीं पर स्कूल में कुत्ता घूम रहा था। वहीं, अध्यापक-अध्यापिकाएं बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा मोबाइल फोन पर वार्ता करने में दिलचस्पी दिखाते पाए गए। 
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प्राथमिक विद्यालय कांधला देहात मुस्तफाबाद ः प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापक-अध्यापिकाएं एक जगह बैठकर बातें कर रहे थे। छात्र-छात्राएं कक्षा के अंदर खेलने में व्यस्त थे। 
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कुछ बच्चों को स्कूल से यूनिफार्म मिली है, जबकि ज्यादातर बच्चे बिना यूनिफार्म के आ रहे हैं। इसके साथ ही बच्चे मेट पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। वहीं, इसके अलावा बच्चो ने मध्याह्न भोजन के बारे में बताया कि रोजाना समय से मिलता है। इंचार्ज शबनम ने बताया कि स्कूल में 263 बच्चों का दाखिला है, जिसमें 248 उपस्थित हैं और इन्हें पढ़ाने के लिए 13 अध्यापकों की तैनाती है। 

प्राथमिक विद्यालय (कन्या) नंबर चार कांधला ः मोहल्ला गुजरान स्थित प्राथमिक विद्यालय कन्या नंबर चार में कक्षाएं खाली मिलीं। बालक स्कूल में इधर उधर घूम रहे थे। कक्षा में अध्यापक दो तीन बालकों के साथ में खाली बैठे नजर आए। इंचार्ज ने बताया कि यहां पर 88 बच्चों का दाखिला है, जिनमें से बुुधवार को 70 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसी भवन में चल रहे प्राथमिक विद्यालय (बालक) नंबर सात में सभी बच्चे एक जगह इकट्ठा मिले। स्कूल में चिकित्सा जांच के लिए टीम आई हुई थी।

अध्यापिकाएं बच्चों से बोल रही थीं कि तेेरी मां का नाम बता के है। तेरे बाप का नाम बता के है, तुझे मां बाप के नाम का नी पता। इंचार्ज नूतन ने बताया कि यहां पर 78 बच्चों का दाखिला है, जिनमें सेे बुधवार को 55 बच्चे आए। इनको पढ़ाने के लिए इंचार्ज के अलावा दो सहायक अध्यापकों की तैनाती है। स्कूल के स्टोर रूम में किताबों के साथ ही गंदगी का भी ढेर साफ नजर आया। 

प्राथमिक विद्यालय नंबर एक ः सलेमपुर 
स्कूल के मैदान में बच्चों को बैठाने की व्यवस्था है। बच्चों की किताबों के बैग रखे थे, जबकि बच्चे खेलने में लगे थे। वहां बच्चों के बैग के पास कुत्ता भी टहल रहा था। स्कूल में मौजूद सहायक अध्यापक अशोक चौधरी फोन पर व्यस्त थे। उनसे स्कूल के हालत पूछे जाने पर बताया कि स्कूल में चार लोगों का स्टाफ है। इंचार्ज सुनील कुमार बैंक में किसी कार्य के लिए गए हैं। सहायक अध्यापिका नेहा मलिक और नेहा धामा अवकाश पर चल रही हैं। स्कूल में 77 बच्चों का दाखिला है, बुधवार को 41 बच्चे उपस्थित मिले। 


सरकारी स्कूलों में शैक्षिक कार्य सही रखने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं। जल्दी ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीम स्कूलों में भेजकर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। - सुजीत कुमार, डीएम।
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